1
00:00:00,040 --> 00:00:05,920
नमस्कार, स्वागत है आपका महाभारत,
दी कंप्लीट सागा सीज़न 3 में आज 

2
00:00:05,920 --> 00:00:09,640
हम कुरुक्षेत्र युद्ध के छठे दिन 
की गहराई में उतरेंगे। 

3
00:00:09,720 --> 00:00:12,240
और छठा दिन ये बहुत ही क्रूशल दिन
था। 

4
00:00:12,240 --> 00:00:15,440
पांचवें दिन का युद्ध बहुत ही 
भयानक था। 

5
00:00:15,520 --> 00:00:20,880
एक तरफ भूरीश्रवा ने सात की के 10
बेटों को मार दिया था तो वहीं 

6
00:00:20,880 --> 00:00:25,040
दूसरी तरफ भीम और दुर्योधन और 
अर्जुन और अश्वत थामा के बीच 

7
00:00:25,240 --> 00:00:29,680
जबरदस्त टक्कर हुई थी। 
मतलब पर्सनल राइवल्रीस अब खुलकर 

8
00:00:29,680 --> 00:00:32,520
सामने आ रही थी। 
अब देखते हैं कि छठे दिन क्या 

9
00:00:32,520 --> 00:00:34,040
हुआ? 
छठे दिन की सुबह। 

10
00:00:34,320 --> 00:00:38,880
माहौल में एक अजीब सी टेंशन थी। 
पांच दिनों की लड़ाई के बाद दोनों

11
00:00:38,880 --> 00:00:43,200
सेनाएं थक चुकी थी, लेकिन आज का 
दिन स्ट्रेटेजी का दिन था। 

12
00:00:43,400 --> 00:00:47,480
आज क्यूँ रचना बहुत ही खास थी एक 
मिलिट्री मास्टर क्लास की तरह? 

13
00:00:47,480 --> 00:00:51,880
बिल्कुल, चलिए इसी से शुरू करते 
हैं क्योंकि अब तक हमने जो क्यूँ 

14
00:00:51,880 --> 00:00:54,720
देखे हैं? 
वो ज्यादातर डिफेंसिव थे। 

15
00:00:55,040 --> 00:00:58,200
क्या आज कुछ अलग था? 
पांडवों की रणनीति क्या थी? 

16
00:00:58,200 --> 00:01:02,680
आज युधिष्ठिर ने अपने सेनापति 
दृष्टुमन को एक बहुत ही एग्रेसिव 

17
00:01:02,680 --> 00:01:05,160
फॉर्मेशन बनाने का आदेश दिया। 
मकर क्यूँ? 

18
00:01:05,160 --> 00:01:10,080
मकर क्यूँ? 
मकर यानी मगरमच्छ एक विशालकाय 

19
00:01:10,080 --> 00:01:14,880
मगरमच्छ के आकार का फॉर्मेशन था। 
और इसकी खासियत ये थी कि ये बचाव 

20
00:01:14,880 --> 00:01:18,160
के लिए नहीं बल्कि शिकार करने के 
लिए बना था। 

21
00:01:18,920 --> 00:01:23,720
ये इंटरेस्टिंग है मगरमच्छ पानी 
में छिपकर ऐम्बुश करके हमला करता 

22
00:01:23,720 --> 00:01:28,520
है तो ये क्यूँ एक तरह से कौरवों 
को ये संदेश दे रहा था कि खतरा 

23
00:01:28,520 --> 00:01:31,600
वहाँ से आएगा जहाँ से तुम सोच भी 
नहीं सकते। 

24
00:01:32,080 --> 00:01:36,160
ये एक साइकोलॉजिकल गेम भी था। 
बिल्कुल सही, इस क्यूँ का 

25
00:01:36,160 --> 00:01:40,320
स्ट्रक्चर भी शानदार था। 
इसके सिर पर अर्जुन और खुद 

26
00:01:40,320 --> 00:01:43,280
सेनापति दृष्ट धुम्मन थे। 
अच्छा। 

27
00:01:43,360 --> 00:01:47,440
भीम को इसके विशाल खुले हुए मुँह 
के अंदर तैनात किया गया था, जो 

28
00:01:47,440 --> 00:01:49,920
किसी भी दुश्मन को निगलने के लिए 
तैयार था। 

29
00:01:50,360 --> 00:01:53,880
नकुल और सहदेव। 
इसकी पूंछ पर थे, जो पलटवार करने 

30
00:01:53,880 --> 00:01:57,280
में माहिर थे। 
और युधिष्ठिर वो कहाँ थे? 

31
00:01:57,320 --> 00:02:01,160
और युधिष्ठिर खुद बीच में यानी 
मगरमच्छ के पेट में थे। 

32
00:02:01,240 --> 00:02:05,040
कमॅंड सेंटर की तरह ये एक 
स्ट्रैटेजिक ट्रैप था। 

33
00:02:05,120 --> 00:02:08,880
वाह मतलब पांडवों ने अपना इरादा 
साफ कर दिया था। 

34
00:02:08,960 --> 00:02:11,560
आज हम लड़ाई तुम्हारे दरवाजे तक 
लेकर आएँगे। 

35
00:02:12,040 --> 00:02:14,400
तो इसके जवाब में कौरवों ने क्या 
तैयारी की? 

36
00:02:14,680 --> 00:02:18,000
भीष्म पितामह ने इस मगरमच्छ का 
सामना कैसे किया? 

37
00:02:18,000 --> 00:02:20,680
भीष्म ने इसके जवाब में क्रोन्स 
क्यूँ बनाया? 

38
00:02:20,680 --> 00:02:23,360
जो एक सारस पक्षी के आकार का था। 
क्रोन्स क्यूँ? 

39
00:02:23,360 --> 00:02:26,680
हाँ अगर मकर क्यूँ एम्बुश 
प्रिडेटर था? 

40
00:02:26,760 --> 00:02:30,120
तो क्रोन्च क्यूँ? 
एक पेशेंट प्रिसाइज शिकारी की तरह

41
00:02:30,120 --> 00:02:34,120
था सारा सपने लंबी चोंद से एक ही 
बार में शिकार को खत्म कर देता 

42
00:02:34,120 --> 00:02:38,160
है, ये क्यूँ अपनी रक्षा और तेज 
पलटवार के लिए जाना जाता था? 

43
00:02:38,160 --> 00:02:42,000
तो ये एक शिकारी के सामने दूसरा 
शिकारी था। 

44
00:02:42,080 --> 00:02:44,400
मिलिट्री ऋओर्मतिओन्स् का एक 
शतरंज। 

45
00:02:44,760 --> 00:02:48,400
इस क्रॉंच क्यूँ में कौन कहाँ था?
इसकी संरचना भी उतनी ही 

46
00:02:48,400 --> 00:02:51,240
इम्प्रेसिव थी। 
द्रोणाचार्य को इस क्यूँ के मुख 

47
00:02:51,240 --> 00:02:54,640
यानी चोंच पर रखा गया था जो 
दुश्मन की पहली डिफेंस लाइन को 

48
00:02:54,640 --> 00:02:57,720
तोड़े ठीक है? 
अश्वथामा को सिर बनाया गया जो 

49
00:02:57,720 --> 00:03:01,920
कमांड एंड कंट्रोल देख रहे थे। 
कृपाचार्य और कृत वर्मा को आंखें 

50
00:03:01,920 --> 00:03:04,480
बनाया गया। 
जिनका काम था फ्लैक्स पर नजर 

51
00:03:04,480 --> 00:03:05,720
रखना। 
और दुर्योधन। 

52
00:03:05,960 --> 00:03:08,560
वो कहाँ था? 
और दुर्योधन अपनी विशाल सेना के 

53
00:03:08,560 --> 00:03:11,880
साथ बीच में यानी पक्षी के धड़ 
वाले हिस्से में सुरक्षित था। 

54
00:03:12,120 --> 00:03:16,960
मतलब भीष्म ने एक क्लासिक 
फॉर्मेशन बनाया था दुश्मन को चोंच

55
00:03:16,960 --> 00:03:19,840
पर उलझाओ। 
और फिर पंखों से घेरकर खत्म कर 

56
00:03:19,840 --> 00:03:22,920
दो। 
तो ये मगरमच्छ और सारस की टक्कर 

57
00:03:22,920 --> 00:03:27,200
शुरू कैसे हुई? 
जब शंखनाद हुआ तो पहला मूव किसका 

58
00:03:27,200 --> 00:03:29,880
था? 
शंखनाद होते ही दोनों सेनाएं एक 

59
00:03:29,880 --> 00:03:32,400
दूसरे पर भूखे शेरों की तरह टूट 
पड़ी। 

60
00:03:33,000 --> 00:03:36,120
युद्ध इतना घनघोर और अव्यवस्थित 
था। 

61
00:03:36,200 --> 00:03:39,360
कि उसे संकुल युद्ध कहा गया। 
संकुल युद्ध। 

62
00:03:39,600 --> 00:03:43,280
मतलब एक केआटिक बैटल। 
जहाँ कौन किस्से लड़ रहा है ये 

63
00:03:43,280 --> 00:03:47,520
समझना मुश्किल था। 
धूल, खून और चीखों का एक ऐसा 

64
00:03:47,520 --> 00:03:51,560
बवंडर उठा कि बड़े बड़े योद्धा भी
एक पल के लिए कांप गए। 

65
00:03:51,600 --> 00:03:54,880
और ऐसे केआस में तो भीमसेन सबसे 
आगे रहते होंगे। 

66
00:03:55,040 --> 00:03:59,560
वो तो इसी मौके की तलाश में रहते 
हैं कि कब नियम कानून टूटे और वो 

67
00:03:59,560 --> 00:04:03,560
अपना असली रूप दिखाएं। 
बिल्कुल भीमसेन अपने गधा के साथ 

68
00:04:03,560 --> 00:04:07,720
गौरव सेना में ऐसे घुसे जैसे गर्म
चाकू मक्खन में घुसता है। 

69
00:04:07,720 --> 00:04:09,160
हाँ। 
हाँ, सही है। 

70
00:04:09,160 --> 00:04:12,680
वो मकर क्यूँ के मुँह से निकले और
सीधे क्रॉंच क्यूँ की? 

71
00:04:13,240 --> 00:04:15,680
यानी द्रोणाचार्य की सेना पर हमला
बोल दिया। 

72
00:04:16,040 --> 00:04:18,560
उन्होंने को तहस नहस करना शुरू कर
दिया। 

73
00:04:19,000 --> 00:04:22,400
वो जिधर भी जाते गौरव सैनिक गाजर 
मूली की तरह कट रहे थे। 

74
00:04:22,400 --> 00:04:28,840
तो बाप रे तो फिर द्रोणाचार्य ने 
जो क्यूँ के मुख पर थे, उन्होंने 

75
00:04:28,840 --> 00:04:30,800
कुछ नहीं किया? 
वो तो गुरु थे। 

76
00:04:30,840 --> 00:04:33,760
उन्हें तो पता होगा की भीम की 
ताकत और कमजोरी क्या है? 

77
00:04:33,840 --> 00:04:37,200
द्रोणाचार्य ने भीम को रोकने की 
पूरी कोशिश की। 

78
00:04:37,400 --> 00:04:39,960
उन्होंने भीम पर हजारों बाणों की 
वर्षा कर दी। 

79
00:04:40,200 --> 00:04:44,000
लेकिन भीम आज अलग ही मूड में थे। 
अच्छा, उन्होंने अपने रथ के 

80
00:04:44,000 --> 00:04:47,560
घोड़ों को इतनी तेजी और जिगजग 
पैटर्न में दौड़ाया की 

81
00:04:47,560 --> 00:04:49,800
द्रोणाचार्य के ज्यादातर बाण चूक 
गए। 

82
00:04:50,200 --> 00:04:54,720
भीम का वेग इतना प्रचंड था कि वह 
द्रोण को बाईपास करके क्यूँ के 

83
00:04:54,720 --> 00:04:59,400
अंदर घुस गए और तबाही मचाते रहे? 
यहीं पर मुझे धृतराष्ट्र की हालत 

84
00:04:59,400 --> 00:05:04,160
याद आती है जो संजय से यह सब सुन 
रहे थे, उनके लिए यह किसी हॉरर 

85
00:05:04,160 --> 00:05:06,560
फ़िल्म की लाइव कमेंट्री सुनने 
जैसा रहा होगा। 

86
00:05:06,560 --> 00:05:09,280
बिल्कुल। 
जब संजय ने बताया कि कैसे भीम 

87
00:05:09,280 --> 00:05:12,920
अकेले ही उनकी सेना को रौंद रहे 
हैं तो धृतराष्ट्र का दिल बैठ 

88
00:05:12,920 --> 00:05:16,000
गया। 
उन्होंने संजय से कहा, संजय मुझे 

89
00:05:16,000 --> 00:05:19,080
लगता है कि मेरे पुत्रों ने 
पांडवों को वनवास भेजकर और 

90
00:05:19,080 --> 00:05:22,360
द्रौपदी का अपमान करके अपने जीवन 
की सबसे बड़ी भूल की है। 

91
00:05:23,600 --> 00:05:27,200
भीम का क्रोध आज पूरी सेना को 
भस्म कर देगा। 

92
00:05:27,240 --> 00:05:31,360
सोंची उस पिता की हालत जिसे अपने 
ही बेटों के विनाश की लाइव 

93
00:05:31,360 --> 00:05:34,320
कमेंट्री सुनने को मिल रही है और 
वो कुछ नहीं कर सकता। 

94
00:05:34,520 --> 00:05:38,480
संजय की आवाज उसके लिए अमृत नहीं 
विश बन गई थी। 

95
00:05:38,680 --> 00:05:43,960
यहाँ एक और बड़ा इंटरेस्टिंग अगल 
है द्रोणाचार्य और दृष्टुम का। 

96
00:05:44,400 --> 00:05:46,840
पिछले दिन भी इनकी जबरदस्त टक्कर 
हुई थी। 

97
00:05:47,480 --> 00:05:49,480
क्या ये दोनों फिर से आमने सामने 
आए? 

98
00:05:49,480 --> 00:05:53,120
हाँ और ये इस दिन के सबसे 
महत्वपूर्ण ड्वेल्स में से एक था।

99
00:05:53,440 --> 00:05:56,560
ये सिर्फ एक लड़ाई नहीं थी, ये 
नियति का टकराव था। 

100
00:05:56,560 --> 00:05:59,800
नियति का टकराव? 
दृष्टिदुम ने कहा, जन्म ही यज्ञ 

101
00:05:59,800 --> 00:06:03,360
की अग्नि से द्रोणों को मारने के 
लिए हुआ था और दोनों इस बात को 

102
00:06:03,360 --> 00:06:07,480
जानते थे दृष्टिदुम। 
जो पांडव सेना के सेनापति थे, वो 

103
00:06:07,480 --> 00:06:11,360
सीधे द्रोणाचार्य के तरफ पड़े जो 
गौरव सेना के क्यूँ की चौंच पर 

104
00:06:11,360 --> 00:06:14,120
थे? 
तो ये तो डेस्टिनी का सीधा टकराव 

105
00:06:14,120 --> 00:06:16,440
था। 
टीचर वर्सस दी स्टूडेंट हूँ वास् 

106
00:06:16,440 --> 00:06:19,720
बॉर्न टु किल हिम। 
बिलकुल बीच जबरदस्त युद्ध हुआ। 

107
00:06:19,760 --> 00:06:24,120
दृष्टि तुमने द्रोण पर ऐसे बाण 
चलाये जो सीधे उनके कवच को भेद 

108
00:06:24,120 --> 00:06:25,920
गए। 
जवाब में द्रोणाचार्य ने जो उस 

109
00:06:25,920 --> 00:06:29,600
समय के सबसे बड़े धनुर्धर थे, 
उन्होंने पहले दृष्टिदुमन के धनुष

110
00:06:29,600 --> 00:06:32,920
को काट दिया और फिर उनके सारथि को
भी मार गिराया। 

111
00:06:33,000 --> 00:06:35,360
बाप रे। 
दोनों ने एक दूसरे के रथ तोड़ 

112
00:06:35,360 --> 00:06:37,040
दिए। 
घोड़ों को मार गिराया। 

113
00:06:37,160 --> 00:06:40,560
एक समय पर तो दृष्टिदुम्न रथ से 
कूदकर हाथ में तलवार लेकर द्रोण 

114
00:06:40,560 --> 00:06:41,720
की तरफ दौड़ें। 
अरे? 

115
00:06:42,000 --> 00:06:45,200
मतलब क्लोज़ कॉम्बैट के लिए। 
हाँ, लेकिन द्रोण ने अपने बानो की

116
00:06:45,200 --> 00:06:47,280
दीवार खड़ी करके उसे पीछे धकेल 
दिया। 

117
00:06:47,320 --> 00:06:51,000
ये लड़ाई एक तरह से भविष्य की उस 
बड़ी लड़ाई का ट्रेलर थी जहाँ ये 

118
00:06:51,000 --> 00:06:53,280
तय होना था कि नियति जीतेगी या 
कर्म। 

119
00:06:54,280 --> 00:06:57,440
इस लड़ाई में कोई नहीं जीता लेकिन
दोनों ने एक दूसरे को ये बता दिया

120
00:06:57,440 --> 00:07:00,000
कि उनकी अंतिम लड़ाई बहुत भयानक 
होगी। 

121
00:07:00,160 --> 00:07:04,600
चलिए भीम का जिक्र फिर से करते 
हैं जब वो इतनी तबाही मचा रहे थे 

122
00:07:04,680 --> 00:07:08,560
तो दुर्योधन कहाँ था? 
वो तो अपनी सेना के बीच में क्रंच

123
00:07:08,560 --> 00:07:10,280
क्यूँ के धड़ में सुरक्षित? 
था। 

124
00:07:10,280 --> 00:07:14,440
जब दुर्योधन ने देखा कि भीम उसकी 
सेना को अकेले ही खत्म कर रहे हैं

125
00:07:14,520 --> 00:07:20,360
तो उसका अहंकार जाग गया। 
वो अपने भाइयों दुशासन दुरमुख और 

126
00:07:20,360 --> 00:07:23,440
कई औरों के साथ भीम को रोकने के 
लिए खोदागे आया। 

127
00:07:23,640 --> 00:07:27,880
और यहीं पर कुछ बड़ा हुआ होगा। 
बिल्कुल, यहीं पर छठे दिन की सबसे

128
00:07:27,880 --> 00:07:30,960
बड़ी और निर्णायक घटना हुई। 
और वो क्या थी? 

129
00:07:31,040 --> 00:07:35,040
भीम ने अकेले ही दुर्योधन और उसके
कई भाइयों को घेर लिया। 

130
00:07:35,280 --> 00:07:37,560
दुर्योधन ने भीम पर बाणों की 
वर्षा की। 

131
00:07:37,800 --> 00:07:40,760
लेकिन भीम ने उन सभी बाणों को हवा
में ही काट दिया। 

132
00:07:40,760 --> 00:07:45,680
वाह फिर भीम और दुर्योधन के बीच 
गधा और बाणों का भयानक युद्ध हुआ।

133
00:07:46,080 --> 00:07:50,240
भीम ने पहले दुर्योधन के सारथी और
घोड़ों को मार गिराया, जिससे उसका

134
00:07:50,240 --> 00:07:54,600
रथ अनकन्ट्रोलेबल हो गया और फिर 
एक ऐसा नुकीला बाण मारा जो सीधा 

135
00:07:54,600 --> 00:07:57,840
दुर्योधन के कवच को तोड़कर उसकी 
छाती में जा लगा। 

136
00:07:57,840 --> 00:08:00,760
हे भगवान। 
उस बाण के लगते ही दुर्योधन बुरी 

137
00:08:00,760 --> 00:08:03,280
तरह से घायल होकर अपने रथ में ही 
मूर्छित हो गया। 

138
00:08:03,400 --> 00:08:05,720
उसका रथ टूट गया, वो बेहोश हो 
गया। 

139
00:08:05,800 --> 00:08:08,760
भीम के पास दुर्योधन को मारने का 
सुनहरा मौका था। 

140
00:08:08,880 --> 00:08:12,680
युद्ध का अंत हो सकता था तो? 
भीम ने उसे मार क्यों नहीं दिया? 

141
00:08:12,920 --> 00:08:16,000
मौका तो था सारी समस्या ही खत्म 
हो जाती। 

142
00:08:16,200 --> 00:08:20,160
लेकिन 1 मिनट क्या ये फैसला 
स्ट्रेटेजिकली सही था? 

143
00:08:20,400 --> 00:08:24,760
युद्ध जीतने का इतना बड़ा मौका 
सिर्फ एक व्यक्तिगत प्रतिज्ञा के 

144
00:08:24,760 --> 00:08:27,680
लिए छोड़ देना। 
क्या ये युधिष्ठिर की सेना के लिए

145
00:08:27,680 --> 00:08:32,000
बड़ा रिस्क नहीं था ये? 
बहुत बड़ा सवाल है और इसका जवाब 

146
00:08:32,000 --> 00:08:34,200
भीम के कैरेक्टर में छुपा है। 
पहली बात। 

147
00:08:34,240 --> 00:08:36,600
वो अपनी प्रतिज्ञा से बंधे थे। 
हाँ, वो प्रतिज्ञा। 

148
00:08:36,600 --> 00:08:41,000
उन्होंने द्रोपदी के अपमान के समय
भरी सभा में ये कसम खाई थी कि वो 

149
00:08:41,000 --> 00:08:44,480
युद्ध में दुर्योधन की जंग को 
अपनी गधा से तोड़ेंगे। 

150
00:08:44,880 --> 00:08:47,960
वो अपनी प्रतिज्ञा को उसी तरह 
पूरा करना चाहते थे जैसे उन्होंने

151
00:08:47,960 --> 00:08:51,520
कसम खाई थी उनके लिए धर्म और वचन 
का पालन। 

152
00:08:51,760 --> 00:08:53,680
तात्कालिक जीत से ज्यादा 
महत्वपूर्ण था। 

153
00:08:53,760 --> 00:08:57,400
ये तो हुई धर्म की बात, लेकिन 
इसका स्ट्रैटेजिक अगल क्या? 

154
00:08:57,400 --> 00:08:59,360
था। 
इसका स्ट्रैटेजिक अगल और भी गहरा 

155
00:08:59,360 --> 00:09:00,960
है। 
यहाँ भीम का अपनी प्रतिज्ञा पर 

156
00:09:00,960 --> 00:09:03,000
टिके रहना सिर्फ धर्म का पालन 
नहीं था। 

157
00:09:03,040 --> 00:09:06,240
ये एक साइकोलॉजिकल वेपन था। 
साइकोलॉजिकल वेपन कैसे? 

158
00:09:06,240 --> 00:09:10,320
उन्होंने दुर्योधन को जिंदा 
छोड़कर यह संदेश दिया कि तुम्हारी

159
00:09:10,320 --> 00:09:14,360
मौत मेरे हाथों। 
मेरी शर्तों पर और मेरी बताए हुए 

160
00:09:14,360 --> 00:09:18,040
तरीके से होगी। 
तुम हर दिन इस डर में जियोगे कि 

161
00:09:18,040 --> 00:09:21,960
कब भीम अपनी गधा लेकर आएगा। 
ओह। 

162
00:09:22,040 --> 00:09:26,360
इस एक पल ने दुर्योधन के मन में 
हार का दर्द और भी गहरा कर दिया 

163
00:09:26,360 --> 00:09:28,880
होगा। 
उसे मारना एक बार का दर्द होता 

164
00:09:28,920 --> 00:09:31,880
लेकिन उसे जिंदा छोड़ना। 
रोज़ की थी। 

165
00:09:31,880 --> 00:09:36,840
सही कहा, ये तो कौरवों के लिए एक 
बहुत बड़ा साइकोलॉजिकल ब्लो रहा 

166
00:09:36,840 --> 00:09:39,520
होगा। 
उनका राजा ही हार गया और वो भी 

167
00:09:39,520 --> 00:09:41,920
इतनी बुरी तरह से। 
बहुत बड़ा ब्लो था। 

168
00:09:41,960 --> 00:09:45,600
राजा के मैदान से भागने या हारने 
का मतलब होता है सेना की हार। 

169
00:09:45,600 --> 00:09:48,680
कृपाचार्य ने बड़ी मुश्किल से 
मूर्छित दुर्योधन को अपने रथ पर 

170
00:09:48,680 --> 00:09:50,840
डाला। 
और युद्ध के मैदान से दूर ले गए। 

171
00:09:51,000 --> 00:09:52,920
और ये देखकर कौरव सेना का क्या 
हुआ? 

172
00:09:53,000 --> 00:09:56,520
उनका मनोबल पूरी तरह टूट गया। 
सैनिक भागने लगे। 

173
00:09:56,840 --> 00:09:59,480
ऐसा लग रहा था कि युद्ध आज छठे 
दिन ही खत्म हो जाएगा। 

174
00:09:59,480 --> 00:10:03,040
दुर्योधन के मैदान से हटते ही 
कौरव सेना में भगदड़ मच गई। 

175
00:10:03,360 --> 00:10:05,880
ऐसा लगा मानो सेना का सिर ही कट 
गया हो। 

176
00:10:06,200 --> 00:10:09,720
इस केआस को संभालने के लिए भीष्म 
और द्रोण को खुद आगे आना पड़ा 

177
00:10:09,720 --> 00:10:12,360
होगा। 
बिलकुल उन्होंने सेना को फिर से 

178
00:10:12,360 --> 00:10:15,600
इकट्ठा किया और पांडवों पर 
जबरदस्त हमला बोल दिया। 

179
00:10:15,680 --> 00:10:19,160
उन्होंने पांडव सेना को पीछे 
धकेलना शुरू कर दिया लेकिन तब तक 

180
00:10:19,160 --> 00:10:21,160
पांडवों ने अपनी अगली चाल चल दी 
थी। 

181
00:10:21,400 --> 00:10:22,240
और वो क्या? 
थी। 

182
00:10:22,240 --> 00:10:24,320
उन्होंने मैदान में अपनी अगली 
पीढ़ी को उतार। 

183
00:10:24,320 --> 00:10:25,720
दिया। 
अच्छा। 

184
00:10:25,760 --> 00:10:29,200
दी नेक्स्ट जेनरेशन और कौन से 
योद्धा सामने आए? 

185
00:10:29,200 --> 00:10:32,920
अभिमन्यु और द्रौपदी के पांचों 
पुत्र यानी उपपाण्डव, 

186
00:10:33,000 --> 00:10:37,320
प्रतिविंध्या, सूत सोम, 
श्रुतकर्मा, शैतानिक और श्रुतसेन 

187
00:10:37,320 --> 00:10:41,120
वाह ये छह युवा योद्धा एक साथ 
गौरव सेना पर टूट पड़े। 

188
00:10:41,480 --> 00:10:43,680
उन्होंने अपनी वीरता से ये दिखा 
दिया। 

189
00:10:43,760 --> 00:10:46,160
कि वो किसी भी वेटरन योद्धा से कम
नहीं है। 

190
00:10:46,160 --> 00:10:51,680
वाह मतलब नेक्स्ट जेनरेशन ने आकर 
बैटल का रूखी पलट दिया। 

191
00:10:51,960 --> 00:10:56,520
ये तो आज के कॉर्पोरेट वर्ल्ड 
जैसा है जहाँ यंग टैलेंट आके पूरी

192
00:10:56,520 --> 00:11:01,320
इंडस्ट्री को डिस्रप्ट कर देता। 
है बहुत अच्छा है, अभिमन्यु ने 

193
00:11:01,320 --> 00:11:04,920
सीधे दुर्योधन के बेटे। 
लक्ष्मण पर हमला किया और उसे बुरी

194
00:11:04,920 --> 00:11:08,000
तरह घायल कर दिया। 
ये देखकर दुर्योधन के दूसरे भाई 

195
00:11:08,000 --> 00:11:11,160
और पुत्र घबरा गए। 
और उप पांडव वहीं। 

196
00:11:11,240 --> 00:11:15,680
युधिष्ठिर के पुत्र प्रतिबिंद ने 
सीधे विकिरण पर हमला किया। 

197
00:11:15,760 --> 00:11:19,080
उनकी लड़ाई सिर्फ वस्त्रों की 
नहीं बल्कि धर्म और अधर्म के बीच 

198
00:11:19,080 --> 00:11:21,200
फंसे एक योद्धा की दुविधा की भी 
थी। 

199
00:11:21,360 --> 00:11:25,880
क्योंकि विकिरण वो गौरव था जिसने 
द्रौपदी के अपमान का विरोध किया 

200
00:11:25,880 --> 00:11:28,520
था। 
तो ये दिन पूरी तरह से पांडवों के

201
00:11:28,520 --> 00:11:31,760
नाम रहा। 
शुरुआत भीम के पराक्रम से हुई और 

202
00:11:31,760 --> 00:11:35,080
अंत अभिमन्यु और उप पांडवों की 
वीरता से बिलकुल। 

203
00:11:35,400 --> 00:11:38,880
शाम होते होते सूर्यास्त के साथ 
युद्ध विराम की घोषणा हुई। 

204
00:11:38,960 --> 00:11:41,480
छठा दिन। 
पांडवों के लिए एक बहुत बड़ी जीत 

205
00:11:41,480 --> 00:11:43,880
लेकर आया। 
उन्होंने न सिर्फ कौरवों को भारी 

206
00:11:43,880 --> 00:11:47,840
नुकसान पहुंचाया बल्कि उनके राजा 
दुर्योधन को भी पराजित करके उनका 

207
00:11:47,840 --> 00:11:51,000
घमंड तोड़ दिया। 
तो कौरवों के खेमे में तो निराशा 

208
00:11:51,000 --> 00:11:54,440
और डर का माहौल होगा। 
बिल्कुल जबकि पांडवों के खेमे में

209
00:11:54,440 --> 00:11:57,680
जीत का जश्न था। 
तो छटे दिन की कहानी थी रणनीति 

210
00:11:57,680 --> 00:12:01,320
व्यूह रचना की। 
भीम के अदम ने पराक्रम की और 

211
00:12:01,320 --> 00:12:05,480
दुर्योधन की शर्मनाक हार की। 
इस दिन ने युद्ध का मोमेंटम पूरी 

212
00:12:05,480 --> 00:12:08,880
तरह से पांडवों की तरफ मोड़ दिया।
इस दिन ने यह भी साफ कर दिया था 

213
00:12:09,040 --> 00:12:12,920
कि अब लड़ाईयां सिर्फ सेनाओं के 
बीच नहीं बल्कि व्यक्तिगत दुश्मनी

214
00:12:12,920 --> 00:12:15,400
और प्रतिज्ञाओं पर ज्यादा 
केंद्रित होने वाली थी। 

215
00:12:15,840 --> 00:12:17,960
भीम का दुर्योधन को जीवन दान 
देना। 

216
00:12:18,160 --> 00:12:22,360
और दृश्य दुम का से लड़ना। 
ये सब भविष्य की बड़ी और ज्यादा 

217
00:12:22,360 --> 00:12:26,560
पर्सनल लड़ाईयों के संकेत थे। 
ये तो बस शुरुआत है, सातवें दिन 

218
00:12:26,560 --> 00:12:29,120
क्या होगा? 
अपनी हार से बौखलाया हुआ 

219
00:12:29,120 --> 00:12:33,880
दुर्योधन, क्या पलटवार करेगा 
दुर्योधन और दृष्ट दुम की आगे की 

220
00:12:33,880 --> 00:12:38,280
टक्कर का क्या अंजाम होगा? 
कौन सी नई रणनीतियां सामने आएंगी 

221
00:12:38,560 --> 00:12:42,720
ये सब जायेंगे हम अगली बार बिलकुल
हम आपसे फिर मिलेंगे जल्द ही 

222
00:12:42,920 --> 00:12:44,840
महाभारत कंप्लीट सागा में।
