1
00:00:00,520 --> 00:00:03,680
भारत अनस्क्रिप्टेड में आप सब का 
स्वागत है। 

2
00:00:33,230 --> 00:00:36,790
हमारी हर कहानी में किसी बड़े 
इवेंट के पीछे हमेशा ऋषि होते 

3
00:00:36,790 --> 00:00:40,110
हैं। 
वो भगवान राम को शस्त्र सिखाने 

4
00:00:40,110 --> 00:00:45,000
में हो या फिर दधीची जैसे। 
जिन्होंने वेदों में अपना योगदान 

5
00:00:45,000 --> 00:00:48,320
दिया। 
मैं जब भी ऋषियों के बारे में 

6
00:00:48,320 --> 00:00:52,320
पढ़ता हूँ, मुझे लगता है ऋषि मतलब
उस समय के अपने अपने विषयों के 

7
00:00:52,320 --> 00:00:59,160
पीएचडी स्कॉलर्स या रिसर्चर्स, 
कोई मेडिसिन, कोई लिटरेचर, कोई 

8
00:00:59,160 --> 00:01:02,440
इकोनॉमिक्स, कोई पॉलिटिक्स और कोई
वारफेयर। 

9
00:01:03,440 --> 00:01:07,040
जैसे आज के पीएचडी स्कॉलर्स और 
रिसर्चर्स हमारे नॉलेज की 

10
00:01:07,040 --> 00:01:10,760
बाउंडरीज़ पुश करते हैं। 
वैसे उस समय शायद ये काम ऋषि करते

11
00:01:10,760 --> 00:01:13,760
थे। 
कभी अपने एक्सपेरिमेंट्स से, कभी 

12
00:01:13,760 --> 00:01:15,600
अपने नॉलेज से, कभी अपने स्किल्स 
से। 

13
00:01:17,000 --> 00:01:20,400
अगर आपको वज्र वाली कहानी याद हो 
तो इंद्र के लिए वज्र बनाने का 

14
00:01:20,400 --> 00:01:25,960
काम ऐसे ही एक ऋषि ने किया था। 
पर वो कोई साधारण दृष्टि नहीं थे 

15
00:01:26,600 --> 00:01:28,320
और उन्होंने सिर्फ वज्र नहीं 
बनाया। 

16
00:01:29,720 --> 00:01:35,600
वो एक इनोवेटिव इंजीनियर थे। 
हमे जीतने डिवाइन वेपन्स पता है, 

17
00:01:35,720 --> 00:01:41,920
वो मोस्टली उन्होंने ही बनाये है 
और जो पुरातन काल के फेमस शहर है।

18
00:01:42,360 --> 00:01:47,680
वो भी उन्होंने ही यह है ऋषि 
विश्वकर्मा पर। 

19
00:01:47,680 --> 00:01:51,720
इससे पहले कि हम उनकी सारी 
अचीवमेंट समझे, पता करते हैं 

20
00:01:51,720 --> 00:01:54,560
विश्वकर्मा ने विष्णु को उनका 
व्यपन कैसे मना कर दिया। 

21
00:01:56,120 --> 00:01:59,160
एक समय था। 
जैसे ही वृत्त ने पानी का बहाव 

22
00:01:59,160 --> 00:02:03,960
रोक रखा था और देवों और असुरों के
बीच एक युद्ध हुआ था, विच देन लेट

23
00:02:03,960 --> 00:02:09,479
टु दी चीज़ सैक्रिफ़ाइस एंड दी 
क्रिएशन ऑफ़ वज्र बस वैसे ही एक 

24
00:02:09,479 --> 00:02:15,200
और युद्ध देवों और असुरों के बीच 
जिसमें इस बार भी देव हार रहे थे।

25
00:02:16,120 --> 00:02:21,680
देव इस बार भी चिंता में ही थे। 
वो कुछ भी करके असुरों को हरा 

26
00:02:21,680 --> 00:02:26,400
नहीं पा रहे थे। 
इस स्टोरी में भी वो मदद मांगने 

27
00:02:26,400 --> 00:02:30,400
पहुंचे। 
भगवान विष्णु के पास पर इस बार 

28
00:02:30,880 --> 00:02:33,160
विष्णु भगवान के पास कोई आइडिया 
नहीं था। 

29
00:02:35,520 --> 00:02:39,200
युद्ध की सारी स्थिति सुनकर जानकर
वो खुद भी चिंता में आ गए। 

30
00:02:40,120 --> 00:02:45,480
इस युद्ध में असुर सच में देवों 
पर भारी पड़ रहे थे और विष्णु 

31
00:02:45,480 --> 00:02:47,880
भगवान को लगा कि वो भी कुछ नहीं 
कर सकते। 

32
00:02:49,680 --> 00:02:53,880
पर विष्णु यूनिवर्स के प्रिजर्वर 
हैं प्रोटेक्टर हैं। 

33
00:02:54,960 --> 00:02:58,040
वो ऐसा कैसे होने देते? 
सो टु सीक असिस्टेंस? 

34
00:02:58,040 --> 00:03:02,360
वो पहुंचे भगवान शिव के पास जब 
विष्णु कैलाश पर्वत पहुंचे, 

35
00:03:02,520 --> 00:03:05,120
उन्होंने देखा शंकर भगवान तपस्या 
में मग्न थे। 

36
00:03:05,880 --> 00:03:09,480
विष्णु भगवान ऑब्वियस्ली उन्हें 
डिस्टर्ब नहीं करना चाहते थे तो 

37
00:03:09,480 --> 00:03:12,640
वो खुद कैलाश के पास बैठ गए। 
शिव की साधना में। 

38
00:03:14,720 --> 00:03:19,360
और शिव के 1000 नामों के साथ रोज़
1000 कमल के फूल अर्पित करते रहे।

39
00:03:21,040 --> 00:03:27,640
कुछ दिन बीते भगवान शिव खुश होकर 
तपस्या से बाहर आए और विष्णु से 

40
00:03:27,640 --> 00:03:33,560
युद्ध की सिचुएशन समझी समझकर अपने
सबसे चहेते ऋषि को बुलाया। 

41
00:03:34,800 --> 00:03:40,360
एक ऐसा वेपन बनाने जो असुरों को 
हरा सके वो थे विश्वकर्मा 

42
00:03:41,600 --> 00:03:44,960
विश्वकर्मा ने सोचा विष्णु भगवान 
यूनिवर्स के प्रोटेक्टर हैं। 

43
00:03:46,040 --> 00:03:51,040
उनके हाथ में कोई ऐसा वेपन होना 
चाहिए जो ना सिर्फ असुरों को इस 

44
00:03:51,040 --> 00:03:53,960
युद्ध में हराए। 
पर युगों युगों तक किस यूनिवर्स 

45
00:03:53,960 --> 00:03:57,160
का रक्षक हो? 
उनके हाथ में एक ऐसा वेपन हो 

46
00:03:57,520 --> 00:04:02,080
जिसमें सारे संसार की शक्ति हो। 
उन्होंने काफी सोचा ये शक्ति लायी

47
00:04:02,080 --> 00:04:08,680
कहाँ से जाए वो शक्ति होनी चाहिए 
थी किसी बहुत पावरफुल स्टार की तो

48
00:04:08,680 --> 00:04:10,640
उन्होंने सूर्य भगवान को याद 
किया। 

49
00:04:11,480 --> 00:04:16,880
और सन की ब्लेजिंग एनर्जी वेदों 
के पावरफुल मंत्र और प्रिसाइस 

50
00:04:16,880 --> 00:04:22,000
इंजीनियरिंग यूज़ करके 108 नुकीले
एजेस वाला एक चक्र बनाया, जो जब 

51
00:04:22,000 --> 00:04:28,880
घूमे तो हर असुर को डिस्ट्रॉय करे
और सिर्फ असुर ही नहीं पूरा समय 

52
00:04:28,880 --> 00:04:33,800
ही उससे गुम जाए। 
ये चक्र हमें पता है सुदर्शन चक्र

53
00:04:35,360 --> 00:04:39,920
इस वेपन से विष्णु ने असुरों को 
तो हरा ही दिया पर फिर ये बन गया 

54
00:04:39,920 --> 00:04:42,680
खुद एक व्हील ऑफ़ टाइम, एक काल 
चक्र। 

55
00:04:44,440 --> 00:04:50,160
इसलिए सारे युग यानी टाइम रिटर्न 
टु भगवान विष्णु एक चक्र की तरह। 

56
00:04:52,240 --> 00:04:56,040
यह इतना मार्वेरसली इंजीनियर था 
कि कहा जाता है, अपने थॉट्स की 

57
00:04:56,040 --> 00:05:03,200
स्पीड से घूमता था और अपना टारगेट
कभी मिस नहीं करता था, जैसे वज्र 

58
00:05:03,200 --> 00:05:08,560
बना था इंद्र का इटरनल वेपन वैसे 
सुदर्शन चक्र बन गया विष्णु के 

59
00:05:08,560 --> 00:05:12,480
लिए। 
विष्णु के आठवें अवतार कृष्ण ने 

60
00:05:12,480 --> 00:05:18,880
भी यहीं सुदर्शन चक्र यूज़ करके 
शिशुपाल का वध किया और कृष्ण ने 

61
00:05:18,880 --> 00:05:22,160
बाकी बुद्धों में भी काफी बार 
सुदर्शन चक्र का इस्तेमाल किया। 

62
00:05:23,280 --> 00:05:27,200
पर व्र और सुदर्शन चक्र 
विश्वकर्मा के पोर्टफोलियों की 

63
00:05:27,200 --> 00:05:31,760
सिर्फ शुरुआत है। 
हर डिवाइन वेपन हर एनशिएंट सिटी 

64
00:05:32,320 --> 00:05:37,200
बनी है। 
विश्वकर्मा के हाथ ऐसे ही जब 1 

65
00:05:37,200 --> 00:05:41,920
दिन भगवान शंकर को जरूरत थी एक 
वेपन की तब विश्वकर्मा ने उनके 

66
00:05:41,920 --> 00:05:45,920
लिए त्रिशूल बनाया। 
वो त्रिशूल आज भगवान शिव के साथ 

67
00:05:45,920 --> 00:05:49,320
सिनोनिम्स है। 
भगवान राम जब विश्वामित्र के साथ 

68
00:05:49,320 --> 00:05:53,040
मिथिला पहुंचे तो हम जानते हैं कि
उन्होंने राजा जनक की सभा में एक 

69
00:05:53,040 --> 00:05:57,200
शिव धनुष तोड़ा था, फिर वहाँ 
परशुराम पहुंचे। 

70
00:05:58,240 --> 00:06:01,120
ये धनुष भी ऋषि विश्वकर्मा ने 
बनाया था। 

71
00:06:02,680 --> 00:06:06,520
कहा जाता है कि यह दोनों इतना 
ह्यूज और इतना भारी था कि राजाजनक

72
00:06:06,520 --> 00:06:09,040
को हजारों सैनिकों की मदद से उसे 
लाना पड़ा। 

73
00:06:09,040 --> 00:06:15,280
सभा में भगवान शंकर ने यही धनुष 
अपने एक महायुद्ध में असुरों के 

74
00:06:15,280 --> 00:06:19,560
खिलाफ़ यूज़ किया था और सबसे 
इंट्रिगिंग विश्वकर्मा की क्रिएशन

75
00:06:19,560 --> 00:06:23,680
है पुष्पक विमान। 
जो कुबेर से रावण के पास गया और 

76
00:06:23,680 --> 00:06:29,840
अनफारचुनेटली इट प्लेड अपार्ट, इन
सीता मास एब्डक्शन कुबेर की सुंदर

77
00:06:29,840 --> 00:06:34,840
सी नगरी लंका भी इन्हीं 
विश्वकर्मा ने बनाई थी, जो बाद 

78
00:06:34,840 --> 00:06:39,120
में राक्षसों ने तबाह कर दी और 
कुबेर ने उसे फिर उजागर किया। 

79
00:06:41,080 --> 00:06:45,240
इंद्रदेव का कैपिटल शहर अमरावती 
भी इन्हीं विश्वकर्मा ने बनाया 

80
00:06:45,240 --> 00:06:49,680
था। 
ये ऋषि विश्वकर्मा हम एक बहुत 

81
00:06:49,680 --> 00:06:54,920
यूनिक कॉम्बिनेशन दिखाते है। 
उनके क्रिएशन्स इंजीनियरिंग 

82
00:06:54,920 --> 00:06:57,400
जीनियस के साथसाथ धार्मिक शक्ति 
भी दिखाते है। 

83
00:06:58,160 --> 00:07:03,240
सुदर्शन चक्र वेल इंजीनियर तो है।
पर उसमें वेदों के मंत्र की शक्ति

84
00:07:03,240 --> 00:07:07,120
भी है। 
वज्र थंडरबुल जैसे प्रहार तो करता

85
00:07:07,120 --> 00:07:12,800
है ही, पर उसमें एक महा तपस्पी 
ऋषि दधी जी की हड्डियों का 

86
00:07:12,800 --> 00:07:17,960
सामर्थ्य है। 
दी फॉर्चूनेट थिंग इस हम और हमारा

87
00:07:17,960 --> 00:07:21,040
ये देश। 
इन ऋषि को अभी तक भूला नहीं है 

88
00:07:22,000 --> 00:07:27,200
इनकी याद में हर साल सितम्बर 
महीने के आसपास उनकी जयंती में 

89
00:07:27,200 --> 00:07:31,200
विश्वकर्मा पूजा मनाई जाती है। 
आज कल के इंजीनियर्स, फैक्टरी 

90
00:07:31,200 --> 00:07:36,240
वर्कर्स, सोनार, लोहार स्पेशल इस 
दिन उनकी पूजा करते है। 

91
00:07:36,560 --> 00:07:39,200
आफ्टर ऑल ही इज़ दी फर्स्ट 
इंजीनियर। 

92
00:07:40,000 --> 00:07:44,200
एंड दट टू और डिवाइन 1। 
शायद हमने हमारे सारे काम ऐसे ही 

93
00:07:44,200 --> 00:07:49,120
करने चाहिए। 
इन्नोवेशन इंजीनियरिंग विथ ए 

94
00:07:49,120 --> 00:07:53,680
धार्मिक टच अगली कहानी में जल्द 
मिलते हैं।

