1
00:00:00,520 --> 00:00:03,800
भारत अनस्क्रिप्टेड में आप सब का 
स्वागत है क्नॉइस। 

2
00:00:33,900 --> 00:00:38,340
रामायण हमारा इतना सुंदर इतिहास 
है कि हज़ारों सालों बाद आज भी हम

3
00:00:38,340 --> 00:00:42,860
सबको प्रेरणा दे रहा है और 
हज़ारों सालों तक देता रहेगा। 

4
00:00:43,680 --> 00:00:49,360
भगवान राम, हनुमान जी, लक्ष्मण, 
सीता, मा रावण इन सब की कहानी 

5
00:00:49,360 --> 00:00:54,040
हमको पता है पर भगवान राम की 
जर्नी से कई लोगों की कहानी जुड़ी

6
00:00:54,040 --> 00:01:00,720
है और इन कई लोगों के साथ रामायण 
के दो और कैरेक्टर्स हैं पनिशमेंट

7
00:01:01,040 --> 00:01:05,400
और डेस्टिनी। 
आज की कहानी इन दो कैरेक्टर्स की 

8
00:01:05,880 --> 00:01:13,320
पनिशमेंट और डेस्टिनी की 1 दिन जब
राम युवा थे राम के पिता की सभा 

9
00:01:13,320 --> 00:01:18,640
में मतलब राजा दशरथ की सभा में 
खबर आई कि विश्वामित्र आए हैं वही

10
00:01:18,640 --> 00:01:22,200
विश्वामित्र, जिन्हें हमने हमारी 
पहली कहानी में एक्सप्लोर किया 

11
00:01:22,200 --> 00:01:25,960
था। 
विश्वामित्र ने राजा दशरथ को 

12
00:01:25,960 --> 00:01:30,680
बताया कि उन्होंने एक महायज्ञ रचा
है, जिसमें दो राक्षस रावण के 

13
00:01:30,680 --> 00:01:36,560
स्पोर्ट से बाधा डाल रहे हैं। 
उस यज्ञ की रक्षा करने के लिए वो 

14
00:01:36,560 --> 00:01:38,560
राम को अपने साथ ले जाना चाहते 
हैं। 

15
00:01:40,240 --> 00:01:43,960
दशरथ घबरा गए। 
विश्वामित्र से बोले कि राम अभी 

16
00:01:43,960 --> 00:01:48,000
16 साल के भी नहीं हुए हैं, वो 
अगर इन राक्षसों से युद्ध करेंगे 

17
00:01:48,400 --> 00:01:53,280
तो हो सकता है खतरे में आ जाए। 
दशरथ ने सॉल्यूशन भी दिया। 

18
00:01:53,920 --> 00:01:59,040
उन्होंने कहा कि राम के बदले वो 
खुद चलेंगे अयोध्या की पूरी सेना 

19
00:01:59,040 --> 00:02:02,400
लेकर। 
और मेक श्योर करेंगे कि यज्ञ पूरा

20
00:02:02,400 --> 00:02:06,280
हो पर विश्वामित्र एम्फसाइज़्ड ऑन
राम। 

21
00:02:07,800 --> 00:02:12,320
उन्होंने कहा कि राम की सुरक्षा 
की जिम्मेदारी उनकी दशरथ फिर भी 

22
00:02:12,320 --> 00:02:17,040
चिंता में थे पर ऋषि वशिष्ठ ने 
दशरथ को समझाया उन्हें आश्वासन 

23
00:02:17,040 --> 00:02:19,560
दिया। 
और बोले कि विश्वामित्र के पास 

24
00:02:19,560 --> 00:02:23,000
खुद इतने वेपन्स का ज्ञान है कि 
वो खुद ही राक्षसों को हरा सकते 

25
00:02:23,000 --> 00:02:27,080
हैं। 
अगर राम उनके साथ रहे तो राम को 

26
00:02:27,080 --> 00:02:30,560
ज्ञान मिलेगा, विश्वामित्र के 
होते हुए राम को कुछ नहीं होगा। 

27
00:02:31,200 --> 00:02:34,680
आफ्टर ऑल विश्वामित्र को वशिष्ठ 
से ज्यादा कौन जानता था? 

28
00:02:35,760 --> 00:02:40,840
वशिष्ठ के इन शब्दों से। 
दशरथ में धैर्य आया और उन्होंने 

29
00:02:40,840 --> 00:02:43,360
राम और लक्ष्मण को विश्वामित्र के
साथ जाने कहा। 

30
00:02:44,360 --> 00:02:49,960
बस यहीं से शुरू हुआ चक्र 
डेस्टिनी का आश्रम के रास्ते में 

31
00:02:50,040 --> 00:02:54,360
विश्वामित्र दोनों युवकों को अलग 
अलग वेपन्स और युद्ध विद्या सीखा 

32
00:02:54,360 --> 00:02:57,600
रहे थे। 
ताकि वो राक्षसों से युद्ध कर 

33
00:02:57,600 --> 00:03:02,800
सके, जीत सके। 
भगवान राम का पहला युद्ध इसी 

34
00:03:02,800 --> 00:03:05,280
आश्रम के रास्ते विश्वामित्र के 
सामने हुआ। 

35
00:03:05,560 --> 00:03:09,040
उनके गाइडेंस से हुआ। 
आश्रम का सफर लंबा था। 

36
00:03:09,680 --> 00:03:13,600
विश्वामित्र ने इस सफर में राम और
लक्ष्मण को कई सारी चीज़े सिखाई। 

37
00:03:13,760 --> 00:03:18,600
कई सारी विद्याएँ सिखाई। 
आश्रम पहुँचकर विश्वामित्र यज्ञ 

38
00:03:18,600 --> 00:03:22,280
में लग गए और राम और लक्ष्मण ने 
उन दोनों राक्षस को हरा दिया। 

39
00:03:24,200 --> 00:03:28,440
इस रास्ते में सीखे गए सारे 
वेपन्स सारी विद्या भगवान राम और 

40
00:03:28,440 --> 00:03:33,120
लक्ष्मण दोनों को रावण के अगेंस्ट
के वॉर में कम आई। 

41
00:03:33,960 --> 00:03:38,880
थिस वास् डेस्टिनी फर्स्ट 
स्ट्राइक यज्ञ खत्म कर के तीनों 

42
00:03:38,880 --> 00:03:46,040
निकल पड़े मिथिला राज्य की ओर और 
चलते चलते पहुंचे एक आश्रम में वो

43
00:03:46,040 --> 00:03:51,400
आश्रम वीरान और टूटा हुआ था पर उस
टूटे हुए आश्रम से एक बहुत तीव्र 

44
00:03:51,840 --> 00:03:55,880
स्ट्रांग रौशनी आ रही थी। 
विश्वामित्र ऑब्वियस्ली जानते थे 

45
00:03:55,880 --> 00:04:00,200
क्यों? 
पर राम और लक्ष्मण अनजान थे जब वो

46
00:04:00,200 --> 00:04:06,000
अंदर गए, उन्होंने देखा एक स्त्री
पूरी दुनिया से अलग थलग तपस्या 

47
00:04:06,000 --> 00:04:09,200
में लगी हुई और तेज से जगमगा रही 
थी। 

48
00:04:10,400 --> 00:04:13,280
उन तपस्विनी को देखते ही राम ने 
उनके पैर छुए। 

49
00:04:15,040 --> 00:04:18,680
राम के वाह होने से तपस्विनी की 
तपस्या पूरी हुई। 

50
00:04:20,000 --> 00:04:26,480
ये थीं अहल्या कई वर्षो पहले 
अहल्या के हाथों एक वीक मूवमेंट 

51
00:04:26,480 --> 00:04:30,720
में गलती हो गई थी। 
जीस गलती की वजह से उनके पति ऋषि 

52
00:04:30,720 --> 00:04:36,840
गौतम ने उन्हें श्राप दे दिया था।
उनकी पनिशमेंट थी कि वो दुनिया से

53
00:04:36,840 --> 00:04:42,000
अलग होकर किसी को बिना दिखे अकेले
बिना खाये पिए, सिर्फ हवा पर 

54
00:04:42,000 --> 00:04:47,120
जीवित रहकर तपस्या करें और विष्णु
का अवतार जब उनसे आकर मिले तब ही 

55
00:04:47,120 --> 00:04:52,280
उनकी तपस्या पूरी हो अगर वो उस 
दिन तक तपस्या कर सकी, पेशेंट रह 

56
00:04:52,280 --> 00:04:55,520
सकी। 
ऋषि उनकी गलती माफ़ करेंगे। 

57
00:04:56,000 --> 00:05:00,920
भगवान राम की डेस्टिनी उन्हें 
मिथिला तक ले आई और अहल्या 

58
00:05:01,080 --> 00:05:04,920
पनिशमेंट से मुक्त हुई। 
इसके आगे क्या हुआ हमें थोड़ा सा 

59
00:05:04,920 --> 00:05:08,320
पता है। 
ये तीनों फिर पहुंचे राजा जनक के 

60
00:05:08,320 --> 00:05:12,200
महल में महाशिव धनुष तोड़कर भगवान
राम को मिली मा सीता। 

61
00:05:13,880 --> 00:05:18,840
राक्षसों से युद्ध करने निकले 
युवा राम और युवा लक्ष्मण जब 

62
00:05:18,840 --> 00:05:24,520
अयोध्या वापस पहुंचे तो पूरे 
योद्धा बनकर योद्धा बन के वापस 

63
00:05:24,520 --> 00:05:27,320
लौटे। 
राम को जो बचपन से चीज़ पता थी बस

64
00:05:27,640 --> 00:05:30,880
अब वो होने वाली थी राम का 
राजाभिषेक। 

65
00:05:31,680 --> 00:05:36,200
वो बनने वाले थे अयोध्या के राजा।
हर जगह खुशी का माहौल था। 

66
00:05:36,880 --> 00:05:41,400
ये दिन आएगा सबको पता था। 
राम राजा दशरथ के सबसे बड़े बेटे 

67
00:05:41,400 --> 00:05:44,800
थे, सबके प्यारे थे, बहुत केपेबल 
भी थे। 

68
00:05:45,800 --> 00:05:49,400
राम को राजा बनाने का प्रपोजल 
पूरी सभा ने यूनानिमसली एक्सेप्ट 

69
00:05:49,400 --> 00:05:53,120
किया था। 
बट डेस्टिनी प्लेज़ अपार्ट, ऑलवेज

70
00:05:55,280 --> 00:06:00,240
राजाभिषेक के 1 दिन पहले कैकई राम
की स्टेप मदर ने दशरथ से मांग की 

71
00:06:00,760 --> 00:06:07,560
कि वो भरत मतलब कैक के बेटे, राम 
के छोटे भाई को राजा बनाये और राम

72
00:06:07,560 --> 00:06:11,960
को वनवास भेज दे। 
कैके ने बहुत समय पहले राजा दशरथ 

73
00:06:11,960 --> 00:06:15,600
की जान बचाई थी जब वह एक युद्ध 
में बहुत बुरी तरह से घायल थे, 

74
00:06:16,280 --> 00:06:20,960
जिसके बदले राजा ने उन्हें दो 
बून्स दिए थे कि कैके जो भी 

75
00:06:20,960 --> 00:06:26,240
मांगेगी, दशरथ उसे पूरा करेंगे। 
कैके ने एक साथ दोनों बून्स मांगे

76
00:06:26,840 --> 00:06:32,280
उनका बेटा एस राजा। 
एंड राम इन वनवास दशरथ दुःख में 

77
00:06:32,280 --> 00:06:37,280
टूट गए, बर्दाश्त नहीं कर पाए पर 
राजा का वचन वचन होता है। 

78
00:06:37,760 --> 00:06:42,040
उन्हें मानना पड़ा ये न्यूस जब एक
युवा राम के पास पहुंची तब वो 

79
00:06:42,040 --> 00:06:44,800
अपने पिता का आदेश मान के झट से 
तैयार हो गए। 

80
00:06:44,960 --> 00:06:47,680
टु स्पेंड हिज़ लाइफ इन दी 
फॉरेस्ट अलोन। 

81
00:06:49,120 --> 00:06:51,680
पर सीता माँ इंसिस्टेड कि वो भी 
उनके साथ चलेगी। 

82
00:06:52,040 --> 00:06:57,520
लक्ष्मण एस ए यंगर ब्रदर हाउएवर 
वासन्त कन्विंस्ड लक्ष्मण 

83
00:06:57,520 --> 00:07:03,120
आर्ग्यूड कि ये आज्ञा क्यों माननी
है जब पता था कि राम वुड बी दी 

84
00:07:03,120 --> 00:07:07,480
मोस्ट केपेबल किंग? 
ये आदेश का पालन क्यों करना है? 

85
00:07:07,560 --> 00:07:13,240
लक्ष्मण ट्राइड टु पर्स्वेड राम 
इन एन एग्रेसिव वे पर भगवान राम 

86
00:07:13,240 --> 00:07:18,680
ने अपने छोटे भाई को एक बहुत 
सुंदर एक्सटेरिनेशन दिया ही सैड 

87
00:07:19,680 --> 00:07:23,280
कैकै ने हमेशा उन्हें और भरत को 
एक तरह प्यार किया है। 

88
00:07:24,360 --> 00:07:28,200
और राम ने भी कभी कै कही या उनकी 
खुद की माँ कौशल्या में अंतर नहीं

89
00:07:28,200 --> 00:07:32,360
किया? 
जब सब कुछ सही था तो अचानक ये 

90
00:07:32,360 --> 00:07:34,880
बदलाव क्यों? 
जब डेस्टिनी जीवन में 

91
00:07:34,880 --> 00:07:40,880
अनेक्सप्लेनेबल करवट ले, जब किसी 
चीज़ का कोई लॉजिक न बैठे तो समझ 

92
00:07:40,880 --> 00:07:43,640
जाना चाहिए कि जीवन में कुछ अलग 
है। 

93
00:07:44,280 --> 00:07:48,360
कुछ बड़ा है जो शायद अब हमारी समझ
से दूर है। 

94
00:07:49,680 --> 00:07:55,160
बहुत डिस्कशन के बाद लक्ष्मण मान 
गए अंडर वॅन कंडीशन की, वो भी साथ

95
00:07:55,160 --> 00:07:58,360
चलेंगे। 
एंड दी पनिशमेंट ऑफ़ भगवान राम 

96
00:07:58,360 --> 00:08:02,960
स्टार्टेड एंड बिकेम दी डेस्टिनी 
फॉर मेनी। 

97
00:08:03,880 --> 00:08:07,120
वनवास के दिनों में राम की यात्रा
नए नए मोड़ लेती रही। 

98
00:08:07,800 --> 00:08:10,520
सीता माँ का अपहरण हुआ, ये बात 
हमें पता है। 

99
00:08:10,920 --> 00:08:15,280
उनके अपहरण के बाद जब राम और 
लक्ष्मण उन्हें ढूँढते फिर रहे 

100
00:08:15,280 --> 00:08:23,160
थे, तो उनकी मुलाकात हुई और एक 
तपस्विनी से शबरी शबरी। 

101
00:08:23,280 --> 00:08:27,760
पहले एक ऋषि की शिष्य थी जब उनके 
गुरु का देहांत हुआ। 

102
00:08:28,360 --> 00:08:32,360
उन्होंने शबरी को आशीर्वाद दिया 
था कि 1 दिन विष्णु के अवतार 

103
00:08:32,360 --> 00:08:35,200
आश्रम में आएँगे और उसे मोक्ष 
देंगे। 

104
00:08:36,320 --> 00:08:39,880
इसी इंतजार में शबरी वर्षों तक वन
में तप करती रही। 

105
00:08:40,039 --> 00:08:44,039
जब राम और लक्ष्मण आए। 
शबरी ने बड़े प्रेम और श्रद्धा से

106
00:08:44,039 --> 00:08:48,600
उनका स्वागत किया। 
उनके चरण ढोए और उन्हें फल मूल 

107
00:08:48,600 --> 00:08:53,600
अर्पित किया। 
भगवान राम से मिल के वर्षों तक 

108
00:08:53,720 --> 00:08:57,840
इंतजार करती एक छोटी बच्ची से 
वृद्ध महिला हुई। 

109
00:08:57,840 --> 00:09:01,640
शबरी को मोक्ष मिला। 
हमने रावण की कहानी में सुना था 

110
00:09:01,640 --> 00:09:06,680
कि विभीषण राम के छोटे भाई ने 
ब्रह्मदेव से वरदान मांगा था कि 

111
00:09:06,680 --> 00:09:08,840
वो धर्म के मार्ग से कभी न भटक 
सके। 

112
00:09:09,320 --> 00:09:14,520
अपने भाई रावण के अगेन्स्ट जाकर 
भगवान राम से मिलकर धर्म के मार्ग

113
00:09:14,520 --> 00:09:17,080
पर चलकर उनकी डस्टिनी भी पूरी 
हुई। 

114
00:09:17,560 --> 00:09:23,200
ऐसे ही विष्णु के जो दो द्वारपाल 
थे जय और विजय उनकी डेस्टिनी यानी

115
00:09:23,200 --> 00:09:27,000
ब्रह्मदेव के मानस पुत्र का श्राप
ऑफ़ बीइंग बोर्न एस असुर फॉर तीन 

116
00:09:27,000 --> 00:09:33,640
जनम गॉट कंप्लीटेड राम के रावण और
कुंभकरण के वध से भगवान राम ने 

117
00:09:33,640 --> 00:09:36,440
लक्ष्मण को जो बताया था वो सही 
था। 

118
00:09:36,880 --> 00:09:40,040
वो जो दूर से किसी पनिशमेंट की 
तरह दिखने वाले इन्सिडेंट्स थे। 

119
00:09:40,360 --> 00:09:45,120
छोटी सी उम्र में युद्ध करने जाना
या राजा बनते बनते वनवास निकल 

120
00:09:45,120 --> 00:09:51,120
जाना वो राम की खुद की और 
अहिल्या, शबरी हनुमान, रावण, 

121
00:09:51,240 --> 00:09:56,720
कुंभकर्ण, विभीषण, सुग्रीव बाली 
ऐसे कईयों की डस्टिनी थी। 

122
00:09:58,120 --> 00:10:02,240
हमारे सब के जीवन में बहुत 
मुश्किलें आती हैं और हम कई बार 

123
00:10:02,240 --> 00:10:06,680
उन मुश्किलों से हारा हुआ फील 
करते हैं, पर शायद भगवान राम की 

124
00:10:06,680 --> 00:10:10,160
तरह हमें उन पनिशमेंट्स को बोन 
समझना चाहिए। 

125
00:10:11,480 --> 00:10:14,720
डेस्टिनी दट। 
पॉइंट्स टु समथिंग बिगर समथिंग 

126
00:10:14,760 --> 00:10:17,560
बेटर? 
और उन मुश्किलों का सामना करना 

127
00:10:17,560 --> 00:10:20,920
चाहिए। 
युद्ध से सही कर्मों के साथ सही 

128
00:10:20,920 --> 00:10:26,200
एफ्फोर्ट्स के साथ सही मार्ग पर 
चलकर हर मुश्किल को ऑपर्च्युनिटी 

129
00:10:26,200 --> 00:10:31,200
की तरह ट्रीट करना चाहिए। 
टु बिकम बेटर गॉड्स प्लान ऑलवेज 

130
00:10:31,560 --> 00:10:35,400
ग्रेटर थान आवर प्लान अगली कहानी 
में जल्द मिलते है।

