1
00:00:00,480 --> 00:00:03,720
भारत अनस्क्रिप्टेड में आप सब का 
स्वागत है। 

2
00:00:34,030 --> 00:00:37,230
टाइम ट्रैवल एक बहुत ही 
इंटरेस्टिंग टॉपिक है और 

3
00:00:37,230 --> 00:00:41,950
इंटरस्टेलर उस टॉपिक की एक बहुत 
ही अच्छी मूवी जीस किसी ने देखी 

4
00:00:41,950 --> 00:00:46,200
है उसकी फेवरिट है। 
उस मूवी के एंड में एक आइकॉनिक 

5
00:00:46,200 --> 00:00:51,080
सीन है जब मूवी का हीरो कूपर 
स्पेस मिशन से वापस आता है और 

6
00:00:51,080 --> 00:00:55,880
देखता है कि उसकी बेटी जो पृथ्वी 
पर थी वो उससे बहुत ज्यादा बूढ़ी 

7
00:00:55,880 --> 00:00:59,000
हो चुकी है जबकि वो खुद अब भी 
जवान है। 

8
00:00:59,800 --> 00:01:03,360
स्पेस से लौटे हुए पिता की उम्र 
अपनी बेटी से बहुत कम। 

9
00:01:04,879 --> 00:01:09,800
इस कॉन्सेप्ट को साइंटिस्ट टाइम 
डायलेशन कहते हैं ब्रायन कॉक्स जो

10
00:01:09,800 --> 00:01:13,800
एक जाने माने साइंटिस्ट है, उनका 
एक छोटा सा वीडियो है जिसमें वो 

11
00:01:13,800 --> 00:01:17,280
इस टाइम डायलेशन और आइंस्टाइन की 
थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी को सिम्पली 

12
00:01:17,280 --> 00:01:21,120
समझाते हैं। 
साइंस कहता है। 

13
00:01:21,320 --> 00:01:25,160
कि अगर आप स्पेस में लाइट की 
स्पीड से ट्रैवेल करें तो आपके 

14
00:01:25,160 --> 00:01:29,520
लिए समय धीरे चलता है। 
गैलेक्सी में कहीं दूर स्पेस में 

15
00:01:29,520 --> 00:01:34,160
बिताए हुए आपके कुछ घंटे पृथ्वी 
पर हजारों सालों के बराबर हो सकते

16
00:01:34,160 --> 00:01:38,680
हैं। 
हमें लगता है ये मॉडर्न साइंस है।

17
00:01:38,760 --> 00:01:41,600
हमें लगता है कि ये ट्वेंटीथ 
सेंचुरी की डिस्कवरी है। 

18
00:01:42,480 --> 00:01:46,440
पर व्हाट इफ आई टेल यू कि 
इंटरस्टेलर ब्रायन कॉक्स और 

19
00:01:46,440 --> 00:01:50,960
आइंस्टाइन से हजारों साल पहले 
हमारे प्राणों में टाइम डाइलेशन 

20
00:01:50,960 --> 00:01:55,880
की एक स्टोरी डॉक्युमेंटेड है और 
वो आज की साइंस जितनी ही प्रिसाइस

21
00:01:55,880 --> 00:01:59,160
है, लगता है इट्स परफेक्च्ड। 
लगता है कांड भी। 

22
00:01:59,160 --> 00:02:05,320
ट्रू लेटस एक्स्प्लोरर सत्ययुग 
में मतलब भगवान राम से पूरे एक 

23
00:02:05,320 --> 00:02:07,920
युग पहले भारतवर्ष में एक राजा 
थे। 

24
00:02:08,759 --> 00:02:13,040
उनका नाम था ककुदमी। 
कुशस्थली नाम के एक प्राचीन भाग 

25
00:02:13,040 --> 00:02:17,720
पर वो राज्य करते थे। 
वो जाने जाते थे एक महान और 

26
00:02:17,720 --> 00:02:21,680
आइडियल राजा की तरह प्राणों में 
उनका डिस्क्रिप्शन है। 

27
00:02:21,680 --> 00:02:25,480
एस अध्यायी मतलब एक बहुत नॉलेजबल 
रूलर। 

28
00:02:26,200 --> 00:02:29,040
उन्हें काफी सारे बेटे थे और एक 
बेटी रेवती। 

29
00:02:29,520 --> 00:02:32,880
रेवती का डिस्क्रिप्शन प्राणों 
में एक बहुत ही सुन्दर, ग्रेसफुल 

30
00:02:32,880 --> 00:02:37,040
और रेडिएंट स्त्री का है। 
ककुदमी हर चीज़ करने से पहले 

31
00:02:37,040 --> 00:02:41,280
उसमें परफेक्शन ढूंढ़ते थे। 
शायद इसीलिए ही एक भव्य और 

32
00:02:41,280 --> 00:02:45,840
प्रोस्परस राज्य एस्टाबलिश कर सके
और इसी चेज़ ऑफ़ परफेक्शन ने हमें

33
00:02:45,840 --> 00:02:49,880
दी आज की कहानी। 
रेवती जब बड़ी हुई और उसके विवाह 

34
00:02:49,880 --> 00:02:54,200
की बात आई तो राजा ककुदमी धरती के
कोने कोने से अलग अलग राजकुमारों 

35
00:02:54,200 --> 00:02:58,280
को मिले। 
कई रिश्ते आए पर राजा ने सबको मना

36
00:02:58,280 --> 00:03:02,320
कर दिया। 
उन्हें लगा उनकी बेटी का पति 

37
00:03:02,320 --> 00:03:06,520
सर्वश्रेष्ठ हो पर इतने लोगों से 
मिलने के बाद भी उन्हें कोई 

38
00:03:06,520 --> 00:03:11,440
परफेक्ट नहीं लगा। 
बहुत दिन विचार किया, बहुत सोचा 

39
00:03:12,400 --> 00:03:16,200
रेवती से बहुत सारे डिस्कशन किए। 
पर निर्णय नहीं हुआ। 

40
00:03:17,160 --> 00:03:21,760
1 दिन तंग होकर उन्होंने सोचा कि 
रेवती का सही पति कौन? 

41
00:03:22,120 --> 00:03:27,840
ये वो सीधा ब्रह्मदेव से पूछेंगे।
ब्रह्मलोक जाकर उन्होंने रेवती का

42
00:03:27,840 --> 00:03:29,960
हाथ थामा और निकल पड़े ब्रह्मलोक 
की ओर। 

43
00:03:31,120 --> 00:03:34,000
कुछ समय में जब ब्रह्मलोक पहुंचे 
तो नजारा कुछ और ही था। 

44
00:03:34,440 --> 00:03:39,360
ब्रह्मदेव अपनी भव्य सभा में 
आँखें मूंदकर शांति से बैठे हुए 

45
00:03:39,360 --> 00:03:43,400
थे। 
उनकी उस सफेद सी सभा में साक्षात 

46
00:03:43,400 --> 00:03:48,640
गंध व अपना संगीत सुना रहे थे। 
वो संगीत, ब्रह्मलोक की भव्यता, 

47
00:03:48,640 --> 00:03:52,760
उसकी सुंदरता, ये सब देखकर राजा 
और रेवती ने सोचा। 

48
00:03:52,840 --> 00:03:57,280
कि किसी को डिस्टर्ब न किया जाए। 
वो दोनों वहीं कहीं खड़े हो गए। 

49
00:03:58,560 --> 00:04:03,200
गन्धर्वों का संगीत इतना 
हिप्नोटिक था, इतना डिवाइन था कि 

50
00:04:03,200 --> 00:04:05,720
ये दोनों भी ब्रह्मदेव की तरह 
उसमें मग्न हो गए। 

51
00:04:06,200 --> 00:04:11,280
कुछ समय बीता, संगीत खत्म हुआ और 
गन्धर्व सभा से निकलने लगे। 

52
00:04:13,440 --> 00:04:19,240
ये मौका देखकर ककोदमिया आगे बढ़े 
ब्रह्मदेव के पास जाकर रुके, उनको

53
00:04:19,240 --> 00:04:23,760
झुक कर प्रणाम किया। 
ब्रह्मदेव से कहा, प्रभु मैंने 

54
00:04:23,760 --> 00:04:29,200
धरती के सबसे शक्तिशाली राजाओं को
परखा है पर रेवती का विवाह किस्से

55
00:04:29,200 --> 00:04:30,760
हो, ये निर्णय मैं ले नहीं पा 
रहा। 

56
00:04:31,960 --> 00:04:36,000
आप ही बताइए मेरी बेटी के लिए 
इनमें से मैं किसे चुनूं? 

57
00:04:37,000 --> 00:04:41,240
बस इतना बोलकर ककुदमी ने एक एक 
करके उन राजाओं का नाम लिया। 

58
00:04:42,200 --> 00:04:45,720
लिस्ट खत्म कर पाते या बीच में 
पहुँच पाते उतने में ब्रह्मदेव 

59
00:04:45,720 --> 00:04:49,640
ज़ोर ज़ोर से हंसने लगे। 
उनकी हँसी का कारण ना ककोदमी समझ 

60
00:04:49,640 --> 00:04:55,760
पाए न रेवती उनको पज़ल देखकर अपनी
हँसी रोककर ब्रह्मदेव बोले राजा 

61
00:04:56,440 --> 00:04:59,360
ये आप जिन जिन के नाम ले रहें 
हों, वो रेवती के पति कैसे 

62
00:04:59,360 --> 00:05:02,760
बनेंगे? 
ये सब तो हजारों सालों पहले मर 

63
00:05:02,760 --> 00:05:10,320
चूके न के सिर्फ ये पर इनके बेटे?
उनके पोते इनके बाकी सारे वंशज ये

64
00:05:10,320 --> 00:05:18,200
सब भी गुजर चूके ककुदमी को कुछ 
समझ नहीं आया वो इधर उधर देख के 

65
00:05:18,200 --> 00:05:22,840
बोले पर देव ऐसे कैसे हो सकता है?
मैं अभी थोड़े दिन पहले ही तो 

66
00:05:22,840 --> 00:05:26,120
इनसे मिला हूँ। 
ब्रह्मदेव धीरे से मुस्कुराए। 

67
00:05:27,160 --> 00:05:34,400
और बोले बेटा ब्रह्मलोक का समय और
पृथ्वी का समय दोनों अलग है यहाँ 

68
00:05:34,400 --> 00:05:40,720
आने में और संगीत सुनने में तुमने
जो समय बिताया उस समय में धरती पर

69
00:05:40,720 --> 00:05:45,920
युग बीत चूके, सत्ययुग खत्म हो 
चुका। 

70
00:05:46,000 --> 00:05:50,680
द्रेता युग में राम आ कर चले गए 
और अब पृथ्वी पर द्वापर युग चल 

71
00:05:50,680 --> 00:05:57,600
रहा है। 
ये युग कृष्ण का है रेवती और ककूद

72
00:05:57,600 --> 00:06:04,600
में वर इन अटर शॉक ब्रह्मदेव 
कंटिन्यूड ही सैड। 

73
00:06:05,520 --> 00:06:09,760
जब आप दोनों पृथ्वी पर पहुँचेंगे 
तो आपको रेवती के लिए परफेक्ट पति

74
00:06:09,760 --> 00:06:14,480
मिलेगा। 
इन कृष्णा एसएल ड ब्रदर बलराम आप 

75
00:06:14,480 --> 00:06:18,960
जा कर इन दोनों का विवाह करवाइए। 
ककुद मी वास इटरनली कन्फ्यूज़्ड 

76
00:06:20,000 --> 00:06:23,520
पर इतना रजिस्टर कर लिया था कि 
कुछ और देर वहीं रुके रहे। 

77
00:06:23,880 --> 00:06:27,840
तो शायद द्वापर युग भी बीत जाए। 
उन्होंने झट से रेवती का हाथ 

78
00:06:27,840 --> 00:06:32,720
पकड़ा और पृथ्वी पर जहाँ से निकले
थे वहीं अपने राज्य कुशस्थली पर 

79
00:06:32,720 --> 00:06:35,800
वापस आए। 
यहाँ एक और शोक उनका इंतजार कर 

80
00:06:35,800 --> 00:06:39,200
रहा था। 
कुशस्थली बन गया था भगवान कृष्ण 

81
00:06:39,200 --> 00:06:43,840
की द्वारका। 
सबका रहन सहन, कपड़े सब कुछ बदल 

82
00:06:43,840 --> 00:06:49,320
चुका था और उससे बड़ा शौक था। 
सबका साइज सारे ह्यूमन्स कुकूद 

83
00:06:49,320 --> 00:06:55,680
मियो रेवती दोनों से बहुत छोटे और
कंपैरटिव्ली वीकर थे एवोल्यूशन। 

84
00:06:57,360 --> 00:07:00,960
ये दोनों वर जाएंट्स फ्रम दी 
पास्ट वॉकिंग इन दी फ्यूचर दैट 

85
00:07:00,960 --> 00:07:06,280
डीड नॉट बेलोंग टु देम। 
ये सब कुछ डाइजेस्ट करते करते 

86
00:07:06,280 --> 00:07:09,040
ब्रह्मदेव की बात याद करते करते 
दोनों पहुंचे। 

87
00:07:09,040 --> 00:07:13,040
कृष्ण और बलराम के पास उन्हें 
पूरी स्टोरी बताई। 

88
00:07:13,280 --> 00:07:16,160
रेवती बलराम से काफी ऊंची और 
स्ट्रोंगर थी। 

89
00:07:17,280 --> 00:07:20,840
और ब्रह्मदेव की बात को आज्ञा 
मानकर दोनों ने विवाह कर लिया। 

90
00:07:21,480 --> 00:07:23,680
इन दोनों के दो बेटे और एक बेटी 
हुई। 

91
00:07:24,680 --> 00:07:27,720
बेटे महाभारत के युद्ध में 
पांडवों के साइड से लड़े। 

92
00:07:29,400 --> 00:07:34,160
ककुदमी के पास न राज्य था न और 
कुछ वो रेवती का विवाह करके 

93
00:07:34,160 --> 00:07:38,240
हिमालय की ओर निकल गए। 
दिस माइंड बेन्डिंग स्टोरी टेल्स 

94
00:07:38,240 --> 00:07:42,360
उस ए फ़्यू रीसेंट साइंटिफिक 
फाइंडिंग एक तो इस कहानी में 

95
00:07:42,360 --> 00:07:48,800
क्वाइट एक्यूरेटली चेंज इन ह्यूमन
साइज़स विथ टाइम है ऑर मोर 

96
00:07:48,800 --> 00:07:54,160
इम्पोर्टेंट्ली ऑफ कोर्स टाइम 
दिलटीओन पुरान कहते हैं कि 

97
00:07:54,160 --> 00:07:58,960
ब्रह्मलोक का 1 दिन। 
मतलब पृथ्वी पर 4.32 बिलियन 

98
00:07:58,960 --> 00:08:03,400
ईयर्स, पृथ्वी पर लाइफ की आगे एट 
दिस पॉइंट आईएस एस्टिमेटेड टू बी 

99
00:08:03,400 --> 00:08:09,520
3.7 तो फ़ोर बिलियन ईयर्स विच 
आईएस शॉकिंग्ली कोइंकिडेंटल ओर 

100
00:08:09,520 --> 00:08:15,240
में बी पुराण आर दैट प्रिसाइस ये 
नंबर रैंडम नहीं हैं। 

101
00:08:15,320 --> 00:08:18,640
ये टाइम डायलेशन की मैथेमेटिक्स 
हमने पिछले 100 सालों में समझी 

102
00:08:18,640 --> 00:08:22,040
है। 
इट मेक्स मी वंडर हमारे प्राणों 

103
00:08:22,040 --> 00:08:25,960
में हमारे इतिहास में और कितने 
रहस्य चूके हैं? 

104
00:08:26,600 --> 00:08:30,480
क्या ये सब सिर्फ कहानियों हैं या
फिर वो इतिहास है? 

105
00:08:30,880 --> 00:08:33,720
जीस तक साइंस अब पहुँचने की कोशिश
कर रहा है। 

106
00:08:35,320 --> 00:08:36,840
अगली कहानी में जल्द मिलते हैं।
