1
00:00:00,480 --> 00:00:03,720
भारत अनस्क्रिप्टेड में आप सब का 
स्वागत है। 

2
00:00:33,580 --> 00:00:37,780
हमारी आज की कहानी थोड़ी सी लंबी 
है क्योंकि एक नहीं दो राजाओं की 

3
00:00:37,780 --> 00:00:43,300
है, वो भी ऐसे जिनकी कहानियों से 
कौरवों और पांडवों का जन्म हुआ। 

4
00:00:44,160 --> 00:00:48,000
हमने अब तक इस फोरम में ज्यादातर 
कहानियों सूर्यवंश की सुनी है। 

5
00:00:48,200 --> 00:00:52,400
मतलब भगवान राम का वंश। 
भारत के इतिहास में सूर्यवंश से 

6
00:00:52,400 --> 00:00:57,560
हमें बहुत सारे आदर्श राजा मिले 
और उनकी बहुत सारी कहानियों जैसे 

7
00:00:57,560 --> 00:01:01,920
रामायण, हमारी राजा मानदता की 
कहानी और नाभा की कहानी। 

8
00:01:02,600 --> 00:01:07,360
ऐसा ही और एक वंश है व्हिच गेव उस
दी मोस्ट इंटरेस्टिंग स्टोरी ऑफ 

9
00:01:07,360 --> 00:01:15,360
दी यूनिवर्स चंद्रवंश पितामह, 
भीष्म, भगवान कृष्ण, पांडव, कौरव 

10
00:01:15,800 --> 00:01:21,720
ये सब चंद्रवंश के हैं पर इन सबसे
बहुत बहुत पहले। 

11
00:01:22,240 --> 00:01:24,560
इस वंश में भी अनेक महान राजा 
हुए। 

12
00:01:25,640 --> 00:01:31,480
उनमें एक थे राजा नहुष, नहुष की 
और नहुष के बेटों की कहानी। 

13
00:01:31,640 --> 00:01:36,040
उन्हें मिला हुआ श्राप इस 
पोटेंशिअली दी सीड दट गेव उस दी 

14
00:01:36,040 --> 00:01:41,640
युग ऑफ महाभारत जाने इनकी कहानी 
महाभारत के युग की शुरुआत का बीज 

15
00:01:41,640 --> 00:01:45,440
है। 
नहुष एक बहुत ही पावरफुल और 

16
00:01:45,440 --> 00:01:49,200
धार्मिक राजा थे। 
हमारे राजा मान्धता की तरह नहुष 

17
00:01:49,200 --> 00:01:54,240
भी एक चक्रवर्ती सम्राट थे। 
भारत भर के राजा और ऋषि उनका भी 

18
00:01:54,240 --> 00:02:00,360
आदर और सम्मान करते थे पर नहुष की
असली इंटरेस्टिंग कहानी शुरू हुई।

19
00:02:01,200 --> 00:02:06,280
इंद्र के विपिन वज्र के जन्म के 
साथ हमने हमारी पिछली कहानी में 

20
00:02:06,400 --> 00:02:10,880
इंद्र की वृद्धाश्र पर जीत ऋषि 
दादी जी का सैक्रिफ़ाइस और वज्र 

21
00:02:10,880 --> 00:02:15,720
का ओरिजिन सुना है। 
एस ए रिफ्रेशर इंद्र और सारेदेव 

22
00:02:15,720 --> 00:02:18,080
असुरों के साथ एक युद्ध में हार 
रहे थे। 

23
00:02:19,080 --> 00:02:23,800
इस युद्ध में असुरों का लीडर था 
वृत्र और उसे हराने के लिए ऋषि 

24
00:02:23,800 --> 00:02:26,880
दादी जी की हड्डियों से ऋषि 
विश्वकर्मा ने वद्र बनाया। 

25
00:02:27,600 --> 00:02:32,200
वज्र की मदद से इंद्र ने वृत्र को
हरा तो दिया था लेकिन अपनी बार 

26
00:02:32,200 --> 00:02:36,800
बार होती हार और उनकी हार को जीत 
में बदलने के लिए ऋषि दादी जी का 

27
00:02:36,800 --> 00:02:40,680
सैक्रिफ़ाइस। 
ये सब देख कर इंद्र कुछ दिन के 

28
00:02:40,680 --> 00:02:43,560
लिए स्वर्ग की जिम्मेदारी संभालने
से दूर हो गए थे। 

29
00:02:45,160 --> 00:02:48,800
सभी देवों ने इंद्र को मनाने की 
बहुत कोशिश की पर वो नहीं माने। 

30
00:02:49,800 --> 00:02:52,960
इस वक्त भारत के सबसे आदरणीय राजा
थे नहुष। 

31
00:02:54,160 --> 00:02:57,320
उनकी ख्याति सुनकर देवो ने उन्हें
स्वर्ग की जिम्मेदारी लेने को 

32
00:02:57,320 --> 00:03:01,080
कहा। 
और वो झट से मान भी गए, पर हमारे 

33
00:03:01,080 --> 00:03:03,160
पौराणिक कहानियों में एक कॉमन थीम
है। 

34
00:03:04,240 --> 00:03:07,560
अच्छे लोग जो करप्ट हो जाते हैं, 
जैसे ही उन्हें बहुत ज्यादा पावर 

35
00:03:07,560 --> 00:03:13,600
मिलती है नहुष के साथ भी यही हुआ 
जो नहुष अब तक धर्म को लेकर चलने 

36
00:03:13,600 --> 00:03:16,880
वाले आदरणीय राजा थे। 
वो स्वर्ग में अफसर आए। 

37
00:03:16,880 --> 00:03:22,880
वेल्थ और प्लेजर्स देखकर अपने 
मार्ग से चूक गए और डीविएट इतने 

38
00:03:22,880 --> 00:03:28,080
हुए कि इंद्र का स्वर्ग लेकर ये 
भी सोचने लगे कि इंद्र की पत्नी 

39
00:03:28,080 --> 00:03:33,080
भी उन्हीं की है। 
अपना रौब दिखाने के लिए 1 दिन 

40
00:03:33,080 --> 00:03:37,280
उन्होंने ऋषियों को आदग्न्या दी। 
की सारे ऋषि उन्हें कंधे पर उठाकर

41
00:03:37,320 --> 00:03:39,480
इंद्र की पत्नी शाछि के पास ले 
जाए। 

42
00:03:40,080 --> 00:03:44,640
नहुष को शायद ये लगा की यूनिवर्स 
के सारे बड़े बड़े ऋषि जब उन्हें 

43
00:03:44,640 --> 00:03:47,720
लेकर किसी के पास जाएंगे तो इट 
विल बी एन ऑफर नो वॅन कैन एवर 

44
00:03:47,720 --> 00:03:51,720
रिफ्यूज़। 
पर जब उद्देश्य गलत हो और उसे 

45
00:03:51,720 --> 00:03:55,800
पानी का मार्ग भी गलत हो। 
तो आउटकम सही नहीं हो सकता। 

46
00:03:57,040 --> 00:04:01,440
ऋषियों ने इस स्वर्ग के राजा की 
बात तो मान ली थी पर जब वो उन्हें

47
00:04:01,440 --> 00:04:06,480
ले जा रहे थे तब एक अति एक्साइटेड
नहुष ने ऋषि अगत्य को जल्दी चलने 

48
00:04:06,480 --> 00:04:12,680
का इशारा उन्हें पैर मार कर किया।
अगत्य जैसे महान ऋषि राजा की 

49
00:04:12,680 --> 00:04:16,640
आज्ञा का पालन तो करते, लेकिन 
इतना बड़ा अपमान थोड़ी सहते 

50
00:04:17,200 --> 00:04:21,600
उन्होंने नौज को शराब दिया कि वो 
स्वर्ग और ऋषियों के कंधों के आसन

51
00:04:21,600 --> 00:04:26,480
को छोड़कर वहाँ से गिरकर हजारों 
साल तक धरती पर रेंगते हुए 

52
00:04:26,480 --> 00:04:30,520
रहेंगे। 
किसी साँप की तरह बस। 

53
00:04:31,360 --> 00:04:36,040
इससे शुरू हुई एक सीरीज ऑफ़ 
कॉन्फ्लिक्ट्स एंड जनरेशनल इश्यूस

54
00:04:37,600 --> 00:04:41,840
के सबसे बड़े बेटे थे यति। 
उन्होंने पावर को करप्शन से 

55
00:04:41,840 --> 00:04:45,560
डायरेक्ट चोरेलेट किया और राज्य 
त्याग कर सन्यासी बन गए। 

56
00:04:47,000 --> 00:04:50,160
के राज्य की रिस्पांसिबिलिटी फिर 
आई उनके दूसरे बेटे पर। 

57
00:04:52,280 --> 00:04:57,720
ययाति पर ययाति अपने पिता की तरह 
एक बहुत सक्सेसफुल राजा बने। 

58
00:04:58,400 --> 00:05:03,520
एंड बिकम ए चक्रवर्ती किंग 
चंद्रवंश का नाम और ख्याति ययाति 

59
00:05:03,520 --> 00:05:09,240
ने खूब बढ़ाई। 
कुछ दिन बीते और उनका विवाह हुआ। 

60
00:05:10,000 --> 00:05:14,040
शुक्राचार्य की बेटी देवयानी से 
शुक्राचार्य कौन थे? 

61
00:05:14,640 --> 00:05:16,440
ये किसी अलग कहानी में जरूर 
सुनेंगे। 

62
00:05:18,480 --> 00:05:22,640
देवयानी और एयाति को दो बेटे हुए।
कुछ दिन आनंद में बीत गए। 

63
00:05:23,400 --> 00:05:27,040
थोड़े दिन बाद देवयानी की एक 
सहेली इनके साथ रहने आई। 

64
00:05:28,000 --> 00:05:32,640
और चोरी छुपे एयाती ने उस सहेली 
शर्मिष्ठा से भी विवाह कर लिया और

65
00:05:32,640 --> 00:05:34,960
एयाती और शर्मिष्ठा को हुए तीन 
पुत्र। 

66
00:05:37,000 --> 00:05:40,720
ये बात जब देवयानी और शुक्राचार्य
को पता चली तो उन्होंने एयाती को 

67
00:05:40,720 --> 00:05:44,320
श्राप दिया कि वो तारूण्य में ही 
वृद्ध हो जाएंगे। 

68
00:05:45,480 --> 00:05:50,840
जयाती इससे पहले कुछ रियेक्ट कर 
पाते या इवन माफी मांग पाते उनका 

69
00:05:50,840 --> 00:05:56,200
शरीर पल भर में वृद्ध हो गया, 
हड्डियों कमजोर हो गई, रीढ़ की 

70
00:05:56,200 --> 00:06:01,960
हड्डी झुक गई एंड ही इन्स्टंटली 
बिकेम ए रिंकल्ड ओल्ड मैन। 

71
00:06:02,520 --> 00:06:05,560
एक वृद्ध ययाति फिर शुक्राचार्य 
के सामने गिड़गिड़ाने लगे। 

72
00:06:06,560 --> 00:06:09,680
कहने लगे कि उन्हें अभी ज़िन्दगी 
में बहुत कुछ हासिल करना है। 

73
00:06:10,320 --> 00:06:14,920
कहने लगे कि इट्स टू सून फॉर हिम 
टु बी एन ओल्ड मैन पर शुक्राचार्य

74
00:06:14,920 --> 00:06:16,520
अपने श्राप से हटने वाले तो थे 
नहीं। 

75
00:06:17,560 --> 00:06:22,080
शायद ययाति को थोड़ा और पेन देने 
के लिए उन्होंने एक पर्याय दिया। 

76
00:06:22,640 --> 00:06:29,600
एक ऑप्शन कि ययाति अपना यूथ किसी 
बेटे से स्वप कर लें ताकि वो बेटा

77
00:06:29,600 --> 00:06:36,480
जवानी में वृद्ध हो जाए और ययाति 
उसकी तरह यंग ययाति इतने 

78
00:06:36,480 --> 00:06:39,560
डेस्पेरेट थे कि बिना पूरी तरह 
सोचे। 

79
00:06:40,320 --> 00:06:44,280
सचमुच अपने बेटों को बुलाकर उनसे 
अपना ओल्ड एज स्वाप करने की 

80
00:06:44,280 --> 00:06:51,480
रिक्वेस्ट की एंड थिस थिस शेप्ड 
अप जनरेशन्स एंड दी महाभारती 

81
00:06:51,520 --> 00:06:56,480
हिस्टरी ययाती ने जब अपने बेटों 
से पूछा तो सबसे बड़े बेटे ने 

82
00:06:56,480 --> 00:07:00,600
सबसे पहले इंकार किया। 
और एक एमोशनली चॉर्ज्ड कयाती ने 

83
00:07:00,640 --> 00:07:06,640
उन्हें श्राप दे दिया कि ना वो ना
उनके कोई भी वंशज भारतवर्ष के 

84
00:07:06,640 --> 00:07:12,200
राजा बन पाएंगे। 
ये बेटा था यदु और इनका वंश बना 

85
00:07:12,280 --> 00:07:18,120
यादव हमारे कृष्ण का वंश। 
और ये कभी भारतवर्ष के सम्राट 

86
00:07:18,120 --> 00:07:23,040
नहीं बन पाए। 
दूसरे, तीसरे और चौथे दूर वसु, 

87
00:07:23,320 --> 00:07:26,520
ध्रुव्यु और अनु तीनों बेटों ने 
मना किया। 

88
00:07:27,160 --> 00:07:32,320
हर एक का रीज़न सेम था। 
जब तारुने में चीजें हासिल हो तो 

89
00:07:32,320 --> 00:07:37,200
कोई वृद्धत्व का शाप क्यों ले? 
हर एक को अपनी अपनी जिंदगी जीनी 

90
00:07:37,200 --> 00:07:40,000
थी। 
उन्हें भी ऐसे ही श्राप मिले 

91
00:07:40,440 --> 00:07:42,960
जिससे वो भारतवर्ष से हमेशा के 
लिए दूर हो गए। 

92
00:07:44,720 --> 00:07:49,840
पर जो सबसे छोटा बेटा था वो अपने 
पिता की डेस्परेशन देख कर हाँ कर 

93
00:07:49,840 --> 00:07:53,600
गया। 
उसने अपने पिता की इच्छा को एक 

94
00:07:53,600 --> 00:07:59,840
पुत्र धर्म की तरह आज्ञा समझा। 
एक डेस्परेट ययाति श्राप से मुक्त

95
00:07:59,840 --> 00:08:04,480
हुए और उनका सबसे छोटा बेटा वृद्ध
हो गया। 

96
00:08:04,840 --> 00:08:10,200
वापस युथ पाकर ययाति खुश तो बहुत 
थे पर थोड़ी नाखुश भी। 

97
00:08:11,200 --> 00:08:14,680
थोड़े ही समय बाद समझ गए कि जीवन 
में सिर्फ एन्जॉयमेंट ही सब कुछ 

98
00:08:14,680 --> 00:08:17,880
नहीं होता। 
अपनी गलती की रिस्पांसिबिलिटी 

99
00:08:17,880 --> 00:08:22,640
लेना और उसे सही करना ये असली 
योद्धा होता है। 

100
00:08:23,440 --> 00:08:27,800
ये सच्चा इंसान होता है। 
उन्होंने शुकराचार्य से माफी 

101
00:08:27,800 --> 00:08:31,080
मांगी। 
और अपने बेटे का यूथ उसे वापस 

102
00:08:31,080 --> 00:08:35,679
दिया। 
उस छोटे बेटे को राजा बनाया इस 

103
00:08:35,679 --> 00:08:39,880
बेटे के वंश से आए कई महान योद्धा
हैं जिन्होंने भारत का इतिहास 

104
00:08:39,880 --> 00:08:42,360
बनाया। 
ये बेटा था पुरु। 

105
00:08:43,559 --> 00:08:47,720
पुरु के वंश ने दुनिया को दिया 
भारत और भारत के वंश, जो ने दिया 

106
00:08:47,720 --> 00:08:50,880
महाभारत अगली कहानी में जल्द 
मिलेंगे।

