1
00:00:00,480 --> 00:00:03,720
भारत अनस्क्रिप्टेड में आप सब का 
स्वागत है। 

2
00:00:32,409 --> 00:00:36,730
आज कोई कहानी नहीं है। 
एक इंटरेस्टिंग जानकारी है, एक 

3
00:00:36,730 --> 00:00:41,050
कॉमन मिथ है हिंदुओं के बारे में 
कि हिंदू हर चीज़ में भगवान देखते

4
00:00:41,050 --> 00:00:41,570
हैं। 
क्नॉइस। 

5
00:00:42,040 --> 00:00:45,480
कि हिंदुओं के 33,00,00,000 देवता
है, क्या ये सच है? 

6
00:00:46,640 --> 00:00:52,320
अक्चवली नो लेटस एड्रेस दी मिथ ये
कॅन्फ़्यूज़न आया है एक संस्कृत 

7
00:00:52,320 --> 00:00:58,920
शब्द से कोटि आज के हिंदी में 
कोटि का अर्थ होता है करोड़ लेकिन

8
00:00:58,920 --> 00:01:01,880
वेद और उपनिषद में कोटि का मतलब 
है प्रकार। 

9
00:01:01,960 --> 00:01:06,520
मीनिंग टाइप? 
हमारे टेक्स्ट में जब लिखा गया 33

10
00:01:06,520 --> 00:01:09,440
कोटि देवता। 
इसका मतलब था 33 टाइप्स ऑफ़ 

11
00:01:09,440 --> 00:01:16,480
डिवाइन पावर्स ना के 33,00,00,000
अलग अलग भगवान ये 33 डिवाइन 

12
00:01:16,480 --> 00:01:20,840
पावर्स है। 
आठ वसु मतलब प्रकृति के देवता। 

13
00:01:20,880 --> 00:01:24,080
मतलब प्राइम 11 ऑफ़ नेचर जैसे 
अग्नि, वायु, जल, पृथ्वी, 

14
00:01:24,080 --> 00:01:30,720
एटकेटेरा, 12 आदित्य मतलब प्रकाश 
के देवता हम जब सूर्य नमस्कार 

15
00:01:30,720 --> 00:01:35,000
करते हैं तो इन्हीं 12 आदित्यों 
का नाम लेते हैं 11। 

16
00:01:35,000 --> 00:01:39,120
रूद्र मतलब शिव के रूप 
ट्रांसफॉर्मेशन और डिस्ट्रक्शन 

17
00:01:39,120 --> 00:01:43,440
के। 
और दो अश्विनी जो हीलिंग के रूप 

18
00:01:43,440 --> 00:01:50,120
में हैं तो टोटल 33। 
ना 33,00,000 ना 33,00,00,000 पर 

19
00:01:50,120 --> 00:01:54,320
लोगों ने कोटी को करोड़ समझ लिया 
और तब से यह मिथ चलता आया है। 

20
00:01:55,880 --> 00:01:59,920
वेदांत की फिलॉसोफी कहती है ईश्वर
एक स्टेट ऑफ कान्शस्नस है। 

21
00:02:00,640 --> 00:02:06,920
जो स्पेस टाइम और मैटर से परे है।
ये कॉन्शसनेस, अनबॉर्न, अनचेंजिंग

22
00:02:06,920 --> 00:02:11,240
और इमपेरिशेबल है। 
ऐसी एक स्टेट को हम एक ही तरीके 

23
00:02:11,240 --> 00:02:17,480
से डिफैन कर सकते हैं। 
इनफिनिट ये कोई पर्सन नहीं, बस वो

24
00:02:17,480 --> 00:02:19,880
सोर्स है जिससे यूनिवर्स का 
क्रियेशन हुआ। 

25
00:02:21,120 --> 00:02:24,600
वो न तो टाइम से बाउंड है, न शेप 
से या फॉर्म से। 

26
00:02:26,280 --> 00:02:29,320
अगर ये सच है तो एक क्वेश्चन अभी 
भी अनड्रेस्ड है। 

27
00:02:30,400 --> 00:02:36,120
अगर भगवान एक है, ईश्वर एक है और 
वो एक स्टेट ऑफ कान्शस्नस है तो 

28
00:02:36,120 --> 00:02:39,480
फिर हम भगवान राम, कृष्ण, दुर्गा 
देवी, लक्ष्मी देवी। 

29
00:02:39,880 --> 00:02:46,320
इनकी पूजा कैसे करते हैं? 
दी आंसर इस भगवान एक है रूपअनेक 

30
00:02:47,120 --> 00:02:50,360
हर भक्त भक्ति के लिए अपना मीडियम
खुद चूस करता है। 

31
00:02:51,760 --> 00:02:56,400
जो रूप समझ में आए दिल कुछ हो 
जाए, उसी रूप में भक्ति करता है। 

32
00:02:56,960 --> 00:03:00,080
तो हम देखते है हर गांव का अपना 
एक ग्राम देवता होता है। 

33
00:03:00,600 --> 00:03:05,880
हर परिवार का अपना एक कुल देवता 
तो करोड़ों भगवान नहीं पर करोड़ों

34
00:03:05,880 --> 00:03:10,680
लोगों के लिए भगवान के अलग अलग 
रूप, कहीं शिव, कहीं विष्णु, कहीं

35
00:03:10,680 --> 00:03:16,000
दुर्गा देवी, कहीं नदी, कहीं पेड़
या कहीं पहाड़ इट इस नॉट 

36
00:03:16,000 --> 00:03:19,920
कॅन्फ़्यूज़न। 
इट्स पर्सनलाइजेशन इसको समझने का 

37
00:03:19,920 --> 00:03:25,200
और एक बहुत सिंपल तरीका है 
म्यूसिक म्यूसिक एक ही है पर उसके

38
00:03:25,200 --> 00:03:30,200
अलग अलग रूप हैं जैज़ रॉक पॉप 
हिंदुस्तानी क्लासिकल वर्ल्ड 

39
00:03:30,200 --> 00:03:34,360
म्यूसिक वेस्टर्न क्लासिकल 
एटकेटेरा हर किसी का अपना फेवरिट 

40
00:03:34,360 --> 00:03:41,920
होता है बस वैसे ही। 
एक ईश्वर अनेकों रूप ये कहना पूरी

41
00:03:41,920 --> 00:03:46,160
तरह गलत नहीं होगा कि हिंदुओं के 
बहुत सारे देवता हैं, क्योंकि अगर

42
00:03:46,160 --> 00:03:50,760
रूप अनेक हैं तो देवता भी अनेक, 
पर वो लिटरल 33,00,00,000 नहीं, 

43
00:03:51,400 --> 00:03:55,560
सिर्फ 33 टाइप्स ऑफ बीइंग हैं। 
जो यूनिवर्स का बैलेंस फॉर 

44
00:03:55,560 --> 00:03:58,520
क्रियेशन सस्टेनेंस एंड डिसोलूशन 
बना के रखते हैं। 

45
00:03:59,560 --> 00:04:02,560
ऐसे बहुत सारे मिथ्स हैं सनातन या
हिंदू धर्म को लेकर। 

46
00:04:03,200 --> 00:04:05,480
लेटस इवैलुएट एंड एड्रेस देम वॅन 
ऐट ए टाइम। 

47
00:04:07,480 --> 00:04:10,720
अगली कहानी रामायण के कालखंड से 
जल्द मिलते हैं।

