1
00:00:00,480 --> 00:00:03,720
भारत अनस्क्रिप्टेड में आप सब का 
स्वागत है। 

2
00:00:34,900 --> 00:00:37,220
हम सब कुछ न कुछ हासिल करने में 
लगे हुए हैं। 

3
00:00:37,740 --> 00:00:42,620
एक के बाद एक गोल, अच्छे मार्क्स,
ज्यादा बड़ा घर, अच्छी गाड़ी और 

4
00:00:42,620 --> 00:00:47,880
बहुत कुछ। 
हम जो भी चेस कर रहे हैं उसका कुछ

5
00:00:47,880 --> 00:00:52,000
ना कुछ काफी हद तक हमें ऑलरेडी 
मिला भी है और मिलता रहेगा। 

6
00:00:53,040 --> 00:01:00,080
और हमारी चेस नेवर स्टॉप्स एक गोल
के बाद दूसरा गोल तो सवाल ये है 

7
00:01:01,080 --> 00:01:07,320
कि हौ मच इस टू मच। 
आज न रामायण, न ब्रह्म, न विष्णु,

8
00:01:08,040 --> 00:01:13,600
आज की कहानी थोड़े से रैर्ली हर्ड
एनशिएंट भारतीय राजा की राजा 

9
00:01:14,040 --> 00:01:19,240
मानधाता की वन्स अपॉन ए टाइम 
प्राचीन भारत में एक राजा थे। 

10
00:01:20,040 --> 00:01:23,120
इनकी शुरुआत और अंत दोनों 
फैसिनेटिंग हैं। 

11
00:01:23,960 --> 00:01:28,600
मान्धाता के पिता थे युवनस्व। 
ये दोनों उसी वंश के है जिसमे 

12
00:01:28,600 --> 00:01:33,400
भगवान राम जन्म है और जैसे राजा 
दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए 

13
00:01:33,400 --> 00:01:37,720
यज्ञ रचा था वैसे ही युवनस्व ने 
भी एक यज्ञ रचा। 

14
00:01:38,760 --> 00:01:43,560
भारत भर से ऋषी आये, सारी तैयारी 
की, बहुत सारे रिचुअल्स हुए। 

15
00:01:44,760 --> 00:01:48,880
और वो रिचुअल्स के बाद बहुत दिन 
की मेहनत के बाद एक पोषण बना। 

16
00:01:50,600 --> 00:01:54,320
ऋषि ने वो पोषण या ड्रिंक एक 
अच्छे से बर्तन में निकाल कर रखा 

17
00:01:54,920 --> 00:01:59,600
ताकि राजा की पत्नी उसे पि सके और
उससे उसे पुत्र प्राप्ति हो। 

18
00:02:00,680 --> 00:02:02,920
पर जैसे हमने हमेशा डिस्कवरी किया
है। 

19
00:02:03,440 --> 00:02:08,639
डेस्टिनी ऑलवेज है ए डिफरेंट 
प्लान रात के अंधेरे में राजा ने 

20
00:02:09,120 --> 00:02:14,720
गलती से खुद वो पोषण पी लिया और 
उस पानी से मिरकुलौसली वो राजा 

21
00:02:14,720 --> 00:02:19,120
खुद प्रेग्नेंट हो गया। 
अब ये कहानी कितनी सच है, कितनी 

22
00:02:19,120 --> 00:02:21,960
प्रैक्टिकल है, ये डिवाटेबल जरूर 
है। 

23
00:02:23,640 --> 00:02:27,280
पर इस कहानी के राजा मानधाता के 
जन्म की कहानी यही मानी जाती है। 

24
00:02:28,480 --> 00:02:31,720
जैसे हम ये सुनकर हैरान हैं 
एग्ज़ैक्ट्ली वैसे ही देवता भी 

25
00:02:31,720 --> 00:02:35,160
हैरान हो गए। 
खुद इंद्र इस बच्चे को देखने आए 

26
00:02:35,560 --> 00:02:40,360
ताकि विश्वास कर सके जो हुआ है पर
उन्होंने देखा। 

27
00:02:40,440 --> 00:02:47,080
एक राजा के गर्भ से निकला हुआ एक 
हेल्ती बच्चा ऐसे जन्म हुआ हमारे 

28
00:02:47,080 --> 00:02:52,920
राजा मानधाता का इतना मिरकुलौसली 
जन्मा बच्चा साधारण तो होगा नहीं।

29
00:02:54,280 --> 00:02:58,280
जैसे जैसे मानधाता बड़े होते गए, 
वैसे वैसे उनके प्रताप की 

30
00:02:58,280 --> 00:03:02,680
कहानियों भी बड़ी होती गई। 
वो एक अच्छे योद्धा थे। 

31
00:03:03,720 --> 00:03:06,360
शास्त्र और शास्त्र दोनों में 
एक्स्पर्ट। 

32
00:03:07,800 --> 00:03:13,160
फिर जब जवान हुए तो अपने प्रदेश 
के राजा बन गए और हर युद्ध जीतते 

33
00:03:13,160 --> 00:03:17,520
गए। 
भारतवर्ष के सारे राजा उन्हें 

34
00:03:17,520 --> 00:03:22,440
अपना सम्राट मानते थे। 
हमारे एनशिएंट टेक्स्ट में एक 

35
00:03:22,440 --> 00:03:26,560
टर्म यूज़ की गई है ऐसे राजाओं के
लिए जो पूरे भारत के सम्राट माने 

36
00:03:26,560 --> 00:03:30,680
गए हों। 
दी टर्म इस चक्रवर्ती विच मीन्स ए

37
00:03:30,680 --> 00:03:35,120
यूनिवर्सल इम्प्रर टु बिकम ए 
चक्रवर्ती राजा दो प्रकार की यज्ञ

38
00:03:35,120 --> 00:03:38,880
करते थे राजस्वय यज्ञ और अश्वमेध 
यज्ञ। 

39
00:03:41,760 --> 00:03:45,120
ये दोनों यज्ञ हमारे टेक्स्ट में 
काफी बार मेंशन्ड हैं। 

40
00:03:47,880 --> 00:03:53,080
अश्वमेध यज्ञ में एक स्पेशल घोड़ा
अश्व पूरे देश में घूमने के लिए 

41
00:03:53,080 --> 00:03:56,800
भेजा जाता। 
घोड़े के साथ राजा की सेना भी 

42
00:03:56,800 --> 00:04:00,320
जाती। 
अगर घोड़ा किसी प्रांत से बिना 

43
00:04:00,320 --> 00:04:04,680
रुके गुजरता तो उसका मतलब था कि 
उस प्रांत ने राजा को सम्राट 

44
00:04:04,680 --> 00:04:08,200
स्वीकार कर लिया है। 
लेकिन अगर किसी ने उस घोड़े को 

45
00:04:08,200 --> 00:04:13,760
रोक लिया तो उसका अर्थ ये था कि 
उस प्रांत के राजा ने चक्रवर्ती 

46
00:04:13,760 --> 00:04:18,160
दावे को चैलेंज किया है। 
फिर दोनों के बीच एक युद्ध होता। 

47
00:04:18,720 --> 00:04:23,800
अगर राजा की सेना जीत जाती तो वो 
प्रांत उसके अधीन हो जाता और 

48
00:04:23,800 --> 00:04:28,920
घोड़ा आगे बढ़ते रहता। 
मानता का ये अश्व पूरे भारत में 

49
00:04:28,920 --> 00:04:34,320
घूमा और अंत में मानता चक्रवर्ती 
हो गए भारत वर्ष के बट दट वसंत 

50
00:04:34,320 --> 00:04:37,800
एनफ। 
उन्हें पूरी धरती का चक्रवर्ती 

51
00:04:37,800 --> 00:04:40,360
होना था। 
फिर क्या? 

52
00:04:41,320 --> 00:04:47,000
और युद्ध और विजय और कुछ ही समय 
में धरती के सारे राजाओं ने 

53
00:04:47,000 --> 00:04:49,040
उन्हें अपना चक्रवर्ती सम्राट मान
लिया। 

54
00:04:50,200 --> 00:04:53,880
ऐसा कहा जाता है कि मानधा था एस ए
किंग बहुत अच्छे थे। 

55
00:04:54,680 --> 00:04:58,920
उनके राज्य में सब खुश थे। 
उनके राज्य का वर्णन राम राज्य 

56
00:04:58,920 --> 00:05:03,400
जैसा ही है। 
ऐसा राज्य जहाँ न्याय है, धर्म 

57
00:05:03,400 --> 00:05:09,560
है, मतलब राइचसनेस है। 
उनकी पूरी प्रजा और सारे देव उनकी

58
00:05:09,560 --> 00:05:12,920
रिस्पेक्ट करते थे। 
फर्क सिर्फ इतना था। 

59
00:05:13,000 --> 00:05:17,200
कि भगवान राम ने कभी स्वर्ग या 
किसी और टेरिटरी का लालच नहीं 

60
00:05:17,200 --> 00:05:23,000
किया। 
मान्धता के लिए धरती वसंत एनफ ही 

61
00:05:23,000 --> 00:05:28,400
थॉट कि वो तीनों लोग पर राज़ करे।
मतलब धरती, स्वर्ग और पाताल 

62
00:05:29,280 --> 00:05:32,680
स्वर्ग में इंद्र जो देवों के 
राजा है, उनकी जगह ले। 

63
00:05:33,880 --> 00:05:38,920
विथ दट एम्बिशन ही मार्च्ड टुवर्ड
स्वर्ग और आधे से ज्यादा स्वर्ग 

64
00:05:38,920 --> 00:05:43,200
पर विजय भी पा लिया। 
जब वो इंद्र तक पहुंचे और उन्हें 

65
00:05:43,200 --> 00:05:47,000
चैलेंज किया तब इंद्र ने मान्यता 
से युद्ध नहीं किया। 

66
00:05:48,600 --> 00:05:51,720
थोड़ा दिमाग लगाया और सिर्फ इतना 
कहा। 

67
00:05:52,840 --> 00:05:57,560
कि अगर स्वर्ग जीत भी ले तो उनकी 
तीनों लोगों पर राज़ करने की 

68
00:05:57,560 --> 00:06:02,200
इच्छा कभी पूरी नहीं होगी क्योंकि
वो पाताल कभी जीत नहीं पाएंगे। 

69
00:06:03,760 --> 00:06:08,400
मानधाता ने बड़े आश्चर्य से पूछा 
कि जो पूरी धरती पर राज़ कर चुका 

70
00:06:08,400 --> 00:06:10,960
है, जिसने आधा स्वर्ग जीत लिया 
है? 

71
00:06:11,320 --> 00:06:18,200
वो पाताल क्यूँ नहीं जीत पाएगा? 
दी आंसर वास् ए पावरफुल असुर ए सन

72
00:06:18,600 --> 00:06:24,800
ऑफ रक्षस ने मधु ये सुनकर अपनी 
सारी शक्ति अपनी सारी सेना लेकर 

73
00:06:24,800 --> 00:06:29,600
अपना रुख बदला। 
स्वर्ग से मोड़कर पाताल लोक पर। 

74
00:06:30,960 --> 00:06:34,360
जब वहाँ पहुंचे तो ये सुना कि इस 
राक्षस ने पहले से ही मथुरा के 

75
00:06:34,360 --> 00:06:36,560
लोगों को हैरान और परेशान कर रखा 
है। 

76
00:06:37,640 --> 00:06:41,520
प्रजा की परेशानी देखकर मानधाता 
ने इस असुर को हराना अपना कर्तव्य

77
00:06:41,520 --> 00:06:46,680
समझा। 
उन्हें कुछ लोगों ने बताया कि इस 

78
00:06:46,680 --> 00:06:50,480
राक्षस के पास खुद भगवान शंकर का 
त्रिशूल है। 

79
00:06:52,000 --> 00:06:58,160
पर माधा था जो स्वर्ग जीतने चले 
थे वो ये सुनकर थमे नहीं अपने 

80
00:06:58,160 --> 00:07:04,840
तीनों लोकों पे राज़ करने की 
इच्छा और सामने खड़ा असुर उनके 

81
00:07:04,840 --> 00:07:08,840
लिए रास्ता साफ था वो कूद पड़े 
युद्ध में। 

82
00:07:10,240 --> 00:07:17,080
एंड दी अनफोर्चुनेट डिफीट हैपन्ड।
दोनों का जब युद्ध हुआ तो मानधात 

83
00:07:17,080 --> 00:07:21,800
हार गए और वहाँ से कॉन्स्टेंट 
डाउनफॉल शुरू हुआ। 

84
00:07:23,400 --> 00:07:29,440
एक एक करके राज्य छूटता गया, उनकी
पकड़ भारतवर्ष से कम होती गई। 

85
00:07:29,920 --> 00:07:36,160
ना ही स्वर्ग मिल पाया न पाताल, 
बल्कि धरती पर भारतवर्ष पर उनका 

86
00:07:36,160 --> 00:07:42,120
राज्य अनस्टेबल हो गया। 
धीरे धीरे मानधाता अपनी हार जानकर

87
00:07:42,640 --> 00:07:46,280
दुखद होकर एक असफल राजा की तरह 
जीने लगे। 

88
00:07:47,040 --> 00:07:49,520
में बी बिकॉज़ ही डीड नॉट नो हौ 
मच। 

89
00:07:49,880 --> 00:07:52,600
ओह इस टू मच क्योंकि ये एक 
पौराणिक कहानी है। 

90
00:07:52,600 --> 00:07:55,760
इस कहानी के कुछ माइनर देवीयटीओन 
वाले वर्जन्स भी है। 

91
00:07:56,520 --> 00:07:59,720
वाइल दी कहानी ऑफ़ राइज इन फॉल 
ऑफ़ मानधाता रिमेंस दी सेम। 

92
00:08:00,840 --> 00:08:05,080
हम भी कभी कभी मानधाता जैसे हो ही
जाते हैं, जो हम हासिल कर चूके 

93
00:08:05,080 --> 00:08:07,640
हैं। 
जो लोग हमारी तरफ विश्वास और 

94
00:08:07,640 --> 00:08:12,280
आस्था से देखते हैं। 
उनके लिए और मेहनत करना छोड़ हम 

95
00:08:12,280 --> 00:08:14,000
कुछ और हासिल करने में लग जाते 
हैं। 

96
00:08:15,760 --> 00:08:25,640
ऐम्बिशन एंड है अचीवमेंट इस ऑलवेज
गुड बट अगेन हौ मच इस टू मच अगली 

97
00:08:25,640 --> 00:08:26,800
कहानी में जल्द मिलेंगे।
