1
00:00:00,840 --> 00:00:06,400
लाम सियासा में आप सबको भी सलामती
हो उसकी ममूरी में से हम सब 

2
00:00:06,400 --> 00:00:14,400
निभाए। 
यानी फसल पर फसलों, सचाई कंट्रोल 

3
00:00:14,400 --> 00:00:22,840
का दूसरा नाम बैलेंस। 
बैलेंस का दूसरा नाम कंट्रोल है। 

4
00:00:23,240 --> 00:00:27,960
कहने का मतलब कंट्रोल से बैलेंस 
आता है। 

5
00:00:29,360 --> 00:00:35,080
अगर बैलेंस है तो इसका मतलब 
कंट्रोल कायम है तो? 

6
00:00:36,160 --> 00:00:43,320
जो पंजाब पावरहाउस है, जो सबसे 
बड़ा है, बिजली उत्पादन को 

7
00:00:45,360 --> 00:00:53,320
मेगावॉट या गीगावाट घंटे में मापा
जाता है। 

8
00:00:55,760 --> 00:01:01,200
वोल्टेज में नहीं क्योंकि वोल्टेज
ट्रांसमिशन सिस्टम की एक विशेषता 

9
00:01:01,200 --> 00:01:15,000
है जैसे 400 किलोवॉट 2025 की 
हालिया रिपोर्टों के आधार पर 600।

10
00:01:15,720 --> 00:01:26,920
60 मेगावॉट की तीन इकाइयों, 2025 
में 1806 मेगावॉट बिजली उत्पन्न 

11
00:01:26,920 --> 00:01:33,360
की है। 
सितंबर 2025 में आई एक रिपोर्ट 

12
00:01:33,360 --> 00:01:43,080
में एक निश्चित। 
अवधि के लिए इसकी पारित उत्पादन 

13
00:01:43,960 --> 00:02:02,920
क्षमता 8500 सतविंजा यानी 8000। 
557 मुस यानी मिलियन यूनिट के 

14
00:02:02,920 --> 00:02:08,960
बराबर का उल्लेख किया गया था जो 
मजबूत उत्पादन का संकेत देता है। 

15
00:02:09,600 --> 00:02:14,720
परंतु ये बिजली घर तक चीजों को 
चलाने के लिए। 

16
00:02:14,840 --> 00:02:23,480
नियंत्रण और संतुलन वोल्टेज के 
कंट्रोल में कंट्रोल के साथ 

17
00:02:24,840 --> 00:02:34,000
पहुंचाई जाती है। 
जीस तरह, 245 200। 

18
00:02:35,840 --> 00:02:41,880
45 वोल्ट का कंट्रोल एक घर को 
रोशन होता है। 

19
00:02:43,200 --> 00:02:50,360
एक कार इंजन कितने सीसी का होता 
है, कितनी पावर होती है उसमें 

20
00:02:50,360 --> 00:02:56,720
स्पीड के साथ मगर एक। 
बैलेंस और कंट्रोल स्पीड यानी की 

21
00:02:58,360 --> 00:03:03,760
70 किलोमीटर है। 
चाहे इंजन 1000 सीसी का हो या 

22
00:03:03,760 --> 00:03:08,160
5000 सीसी। 
अगर कंट्रोल और बैलेंस ना हो तो 

23
00:03:08,160 --> 00:03:16,920
वो ताकत हादसा बन सकती है। 
लेकिन अगर कंट्रोल और बैलेंस हो 

24
00:03:17,880 --> 00:03:26,880
सबर और शांति संयम की रूह की मदद 
से हम सफर करने में सफल और मंजिल 

25
00:03:26,880 --> 00:03:31,200
तक पहुँच पाते। 
सही सलामत। 

26
00:03:32,320 --> 00:03:43,720
इंसान के अंदर कितनी एनर्जी है जब
इसपे इंसान कंट्रोल होता है, 

27
00:03:43,960 --> 00:03:49,360
बैलेंस नहीं रख पाता तो फिर 
गुस्से में नुकसान कर बैठता है। 

28
00:03:50,080 --> 00:03:57,080
और लस्त जो हवस में बदल जाती है 
और ये मौत और जुर्म और नुकसान और 

29
00:03:58,800 --> 00:04:06,320
समाज का माहौल खराब और डर का 
माहौल पैदा करती है, चाहे नशा है।

30
00:04:10,000 --> 00:04:20,279
उसके विचार में आने से लेकर यानी 
इंसान के विचार में आने से लेकर, 

31
00:04:20,320 --> 00:04:28,960
बुरे से बुरे तरीके से अंजाम देने
तक, जिससे दुनिया में और दुनिया। 

32
00:04:29,080 --> 00:04:33,440
दिल में दहशत और डर का माहौल पैदा
होता है। 

33
00:04:33,560 --> 00:04:44,000
दुनिया में क्या कुछ नहीं होता, 
चोरी होती है खून लड़ाईयाँ रेप 

34
00:04:45,640 --> 00:04:54,920
जैसे जुर्म? 
बुरे से बुरा नशा और ये एनर्जी तो

35
00:04:54,920 --> 00:05:05,080
सब वो ख्याल दीजनीयत इरादे ख्याल 
पर डिपेंड करती है यानी उस एनर्जी

36
00:05:05,080 --> 00:05:13,640
को थॉट यूज़ करता है। 
मगर डिपेंड करता है इंसान का 

37
00:05:13,680 --> 00:05:25,480
इरादा, नीयत, दिल, ख्याल तो सब्र 
जस्मानी है या रूहानी खुदा कदूस। 

38
00:05:25,680 --> 00:05:34,720
अब्बा की तरफ से या अब प्लीज़ 
शैतान शरीर की तरफ से अगर तो 

39
00:05:35,400 --> 00:05:42,680
नेगेटिव एविल थॉट है, शैतानी 
विचार उस एनर्जी को पकड़ लेता है 

40
00:05:43,560 --> 00:05:48,440
तो? 
जिस्म के काम तो ज़ाहिर है यानी 

41
00:05:49,000 --> 00:05:56,960
हरामकारी नपा की शबद प्रस्ती भूत 
प्रस्ती जादूगरी अदावती झगड़ा हसन

42
00:05:57,000 --> 00:06:03,320
गुस्सा तफरी के जुदाईयाँ बिद्यते 
बुग़ज। 

43
00:06:04,520 --> 00:06:14,720
नशेबाजी, नाच, रंग और और इनकी 
माने अगर डिवाइन थॉट खुदा बाप 

44
00:06:14,720 --> 00:06:22,200
कदूस का विचार उस नज्जी को 
इस्तेमाल करता है, मगर रूह का फल 

45
00:06:22,200 --> 00:06:28,680
मोहब्बत। 
खुशी इत्मीना, तहमूल, मेहरबानी, 

46
00:06:29,040 --> 00:06:42,600
नेकी, ईमानदारी हिल और ये एनर्जी 
है, ऊर्जा है, खून में होती है और

47
00:06:42,600 --> 00:06:49,240
जो। 
रगों में नशों में खून के द्वारा 

48
00:06:49,240 --> 00:07:01,000
काम करती है और फिर जिस्म के वसी 
इसलिए की खुदा आई है जिसने फरमाया

49
00:07:01,000 --> 00:07:08,640
की तारीख में। 
से नूर चमके और वो ही हमारे दिलों

50
00:07:08,640 --> 00:07:15,720
में चमका ताकि खुदा के जलाल की 
पहचान का नूर इस मसीह के चेहरे से

51
00:07:15,840 --> 00:07:22,760
जलवा कर हो। 
खून में जो एनर्जी है जान इसको। 

52
00:07:25,160 --> 00:07:35,200
यु तसव्वुर ख्याल के द्वारा काम 
करती है खून में जो एनर्जी है, 

53
00:07:35,320 --> 00:07:47,120
जान है उसे तसव्वुर ख्याल? 
जो है उनके द्वारा काम करती है, 

54
00:07:50,800 --> 00:07:58,680
जमीने जिस्मानी ख्याल से ये जान 
खर्च होती है, खपत होती है। 

55
00:07:59,240 --> 00:08:09,960
रूहानी इस्मानी नियत ख्याल इस जान
को महफूज रखते हैं बलवंत बनाते 

56
00:08:09,960 --> 00:08:17,240
हैं पॉज़िटिव थॉट हमारे खून को जो
जान है दिल की शांति से। 

57
00:08:17,760 --> 00:08:22,320
कंट्रोल करती है। 
यानी दिल में सब्र कितना है, 

58
00:08:22,320 --> 00:08:29,920
शांति कितनी है तो ये कुदरत का न।
जब कभी जहाँ भी किसी भी वजह से 

59
00:08:29,920 --> 00:08:36,360
अपना कंट्रोल या बैलेंस होती है 
तो जमीन पर कितना नुकसान होता है?

60
00:08:37,080 --> 00:08:42,240
जीसको हम अक्सीडेंट कहते हैं 
हादसा कहते हैं यानी हादसा। 

61
00:08:42,240 --> 00:08:50,600
कहते हैं की कुदरत अपनी धुन और 
ताल में चल रही है, अपनी रफ्तार 

62
00:08:50,600 --> 00:08:55,480
में और उसमें वक्त के अधीन इंसान 
चल रहा है। 

63
00:08:55,680 --> 00:09:04,440
और इंसान के अंदर सोच ख्याल है। 
बहुत सा तो जब हम बैलेंस और 

64
00:09:04,440 --> 00:09:11,000
कंट्रोल खोते हैं तभी नुकसान का 
सामना करना पड़ता है। 

65
00:09:11,200 --> 00:09:14,400
चाहे कोई हमारे। 
सामने हो जाए। 

66
00:09:14,400 --> 00:09:22,000
हम किसी के सामने तो नुकसान का 
सामना करना पड़ता है तो लाइफ नेचर

67
00:09:22,760 --> 00:09:32,480
स्पिरिचुअलिटी इससे कंट्रोल एंड 
बैलेंस सैयां इंसान। 

68
00:09:32,560 --> 00:09:38,920
के पास सोच, ख्याल, ख्वाहिश और 
चुनाव करने की समर्थ है, ताकत है,

69
00:09:38,920 --> 00:09:44,920
स्ट्रेंथ है, हालांकि कोशिश ही कर
रहा है। 

70
00:09:45,560 --> 00:09:53,040
हर इंसान अंडर थॉट ख्याल ख्वाहिश।
इंसान की जिंदगी जितनी सब्र से और

71
00:09:53,040 --> 00:10:01,960
शांति से मामूर है, उतना ही लाइफ 
में बैलेंस कंट्रोल होगा और वो 

72
00:10:01,960 --> 00:10:06,640
सब्र और शांति जिस्मानी है। 
यारुहानी। 

73
00:10:09,720 --> 00:10:17,560
अगर जशमानी है तो उसकी एक उम्र 
होगी यानी कुछ वक्त तक ही रहेंगी।

74
00:10:17,920 --> 00:10:26,160
अगर रूहानी है तो वो वक्त के अधीन
नहीं होती है, वरना रूह मरती है 

75
00:10:26,160 --> 00:10:31,440
तो रूहानी शख्स कभी। 
अपना बैलेंस और कंट्रोल यानी सब 

76
00:10:31,480 --> 00:10:39,320
शलोंग संयम नहीं होता। 
काम इंसान को लगता है मेरे साथ 

77
00:10:39,320 --> 00:10:47,320
जिंदगी में चीजें बुरी हो रही हैं
या अच्छी हो रही हैं, बट नहीं। 

78
00:10:48,280 --> 00:10:55,400
वो सिर्फ हो रहा है वक्त के गति, 
ना वो अच्छा है, ना बुरा, वो 

79
00:10:55,400 --> 00:11:01,240
सिर्फ हो रहा है। 
अच्छा, बुरा हमारे ही ख्याल है और

80
00:11:01,240 --> 00:11:06,040
किस ख्याल और नियत से कुबूल करते 
हैं? 

81
00:11:06,200 --> 00:11:13,560
तो हमारी काबुलियत पे डिपेंड करता
है वेलकम पर डिपेंड करता है सबर 

82
00:11:13,560 --> 00:11:19,600
पर टिका हुआ है शांति पर और सबर 
और शांति ना होने पर टिका हुआ है।

83
00:11:21,520 --> 00:11:24,400
दूसरा ये है इंसान जब जीने की 
कोशिश। 

84
00:11:25,040 --> 00:11:30,400
करना छोड़ता है, उम्मीद और ईमान 
छोड़ता है तब वो मौत को कुबूल 

85
00:11:30,400 --> 00:11:34,880
करता है। 
असल में जब इंसान बुजुर्ग होता है

86
00:11:34,880 --> 00:11:39,640
तो हर तरह से अपनी ताकत खो चुका 
होता है। 

87
00:11:41,080 --> 00:11:50,280
देखना, बोलना, चलना, सोचना खाना। 
तो फिर उसे जीने से बेहतर मौत 

88
00:11:50,280 --> 00:11:55,600
अच्छी लगती है। 
वो इससे अच्छा मौत को बेहतर समझता

89
00:11:55,600 --> 00:12:02,160
है, कुबूल करना पसंद करता है या 
नतीजा हम मौत के साये में हर एक। 

90
00:12:03,800 --> 00:12:08,880
पल उम्मीद और विश्वास में वक्त के
अधिक जिंदगी में कायम रहते हैं और

91
00:12:08,880 --> 00:12:17,320
जिंदगी को अपने आप में मगर जीस 
दिन जीस समय समर्थ खो देते हैं और

92
00:12:17,320 --> 00:12:23,040
उम्मीद का ना रहना, विश्वास का ना
रहना और जीस तरह हम बाकी दुनिया। 

93
00:12:23,160 --> 00:12:31,280
भागदौड़ में लगी हुई है। 
वैसे ना रह पाना ही बहुत है। 

94
00:12:31,840 --> 00:12:36,480
मतलब कि हम जीने की कोशिश करते 
हैं। 

95
00:12:37,000 --> 00:12:41,200
अगर कोशिश और उम्मीद भरकर आ रहे 
हैं तो इंसान कभी नहीं मर सकता। 

96
00:12:41,520 --> 00:12:50,720
मतलब कि हम। 
क्या एक्सेप्ट कर रहे हैं या डिनै

97
00:12:50,800 --> 00:12:55,560
कर रहे हैं? 
मौत और जिंदगी उस पे काम करता है 

98
00:12:56,080 --> 00:13:00,000
और कंट्रोल और बैलेंस जुड़ा है। 
ईमान के साथ और। 

99
00:13:00,640 --> 00:13:04,800
ईमान जुड़ा है हमारी कल्पना और 
ख्याल नियत इरादे दिली ख्वाहिश के

100
00:13:04,800 --> 00:13:13,400
साथ और दिल ही इरादे जुड़े हैं। 
हम क्या देखते हैं, क्या सुनते 

101
00:13:13,400 --> 00:13:18,080
हैं, क्या बोलते हैं, हम 
प्रोड्यूस क्या करते हैं, क्या कर

102
00:13:18,080 --> 00:13:22,840
रहे हैं? 
और रस्सी यानी कबूल क्या कर रहे 

103
00:13:22,840 --> 00:13:27,760
है? 
दान प्रदान के 1 टेक एंड किस नीयत

104
00:13:27,760 --> 00:13:37,320
से किस इरादे से इंसान मरता नहीं 
बल्कि अच्छी और बुरी याद बन के 

105
00:13:37,960 --> 00:13:42,800
जिंदा रहता है। 
अपनों में, अपनों के ख्याल में, 

106
00:13:44,120 --> 00:13:50,200
दिल में, भावनाओं के तौर पर और 
समाज उसे याद रखता है। 

107
00:13:50,560 --> 00:13:57,320
उसने काम क्या किए? 
और वो अपना एक असर छोड़ता है जमीन

108
00:13:57,320 --> 00:14:00,240
पर। 
कामों के वसीले और यादों के वसीले

109
00:14:01,200 --> 00:14:08,840
पैदा होना और मर जाना इस संसार की
अपनी मान्यता है कि संसार की एक 

110
00:14:08,840 --> 00:14:13,480
अपनी रूह है। 
संसार एक अपने आप में ही अलग 

111
00:14:13,520 --> 00:14:15,640
इंसान है। 
उसकी एक अपनी। 

112
00:14:15,880 --> 00:14:21,320
वे उसका एक अपना नजरिया है, अपना 
किरदार है, अपनी ठाठ है, अपना 

113
00:14:21,320 --> 00:14:26,400
ख्याल है, नियत है, संसार टिका 
है, चलता है जिस्मानी अभिलाष पर 

114
00:14:27,760 --> 00:14:32,080
जो संसारिक जीवन जीना चुन लेता 
है, कबूल कर लेता है वो इंसान। 

115
00:14:33,680 --> 00:14:40,800
कब भगवान संसार का भगवान है इंसान
इसके अधीन ही नहीं यानी संसार 

116
00:14:41,320 --> 00:14:46,760
जिसकी अपनी हीरो ख्याल इरादे का 
इंसान है। 

117
00:14:47,480 --> 00:14:52,720
सांसारिक जीवन जीने वाला जो 
सांसारिक जीवन की चॉइस। 

118
00:14:53,440 --> 00:15:01,320
करता है, कुबूल करता है उसका ये 
भगवान एक संसारिक ईश्वर है, खुदा 

119
00:15:01,320 --> 00:15:10,000
है डिस्मानी जिंदगी जीने वाले का 
नीयत इरादे रखने वाले का खुदा।

