1
00:00:00,080 --> 00:00:02,640
मुझे कुछ लोगों ने बताया कि कुछ 
लोगों का रोजगार आज के लिए यह बन 

2
00:00:02,640 --> 00:00:04,760
गया है कि मुझ पर शक करना संदेह 
करना है। 

3
00:00:05,360 --> 00:00:07,840
मैं इसी में खुश रहता हूँ कि मेरे
बारे में बात तो कर रहे हैं। 

4
00:00:09,200 --> 00:00:11,320
परेशान तो वह है जिनके बारे में 
कोई बात नहीं करता। 

5
00:00:12,280 --> 00:00:16,200
कोई मुझे बोलता था कि एन्क्साइटी 
है तो मैं वैसे ही जवाब देता था 

6
00:00:16,520 --> 00:00:18,680
जैसा हमारे घरों के बड़े बूढ़े 
दिया करते हैं। 

7
00:00:18,720 --> 00:00:21,360
के रे पागलपन है, कुछ नहीं होता 
ये सब के बाते होती हैं। 

8
00:00:21,480 --> 00:00:25,680
ये किताब की बाते होती हैं, कुछ 
नहीं होता ये सब सच में ऐसा लगता 

9
00:00:25,680 --> 00:00:29,400
हैं सर फिर क्या होता हैं की 
ज़िन्दगी में जब पहली बार आपको 

10
00:00:29,400 --> 00:00:33,480
झेलते हैं तो समझ में आता हैं की 
चीज़े उतनी आसान हैं नहीं जितनी 

11
00:00:33,480 --> 00:00:37,640
आप समझ रहे थे। 
ये बात शायद 2015 के आसपास की 

12
00:00:37,640 --> 00:00:39,000
हैं। 
मैं अक्सर बोलता हूँ की दृष्टि 

13
00:00:39,000 --> 00:00:40,720
में मेरी स्थिति राष्ट्रपति वाली 
है। 

14
00:00:41,280 --> 00:00:46,760
प्रधानमंत्री और मंत्री बाकी लोग 
है तो मैं तो केवल रबर साइन कर 

15
00:00:46,760 --> 00:00:48,800
देता हूँ। 
ऑफिस में जो मनेजमेंट के सीनियर 

16
00:00:48,800 --> 00:00:52,160
लोग है, किसी एक को पकड़ लेता 
हूँ, बुला लेता हूँ, उससे गप 

17
00:00:52,160 --> 00:00:56,280
मारने लगता हूँ? 
गप मारते मारते समझता हूँ कि क्या

18
00:00:56,280 --> 00:01:00,040
चल रहा है, सब कोई दिक्कत तो नहीं
आ रही है और 1 घंटे की गप से 

19
00:01:00,400 --> 00:01:02,440
ह्यूमन रिलेशन्स वाली बोर्डिंग हो
जाती है। 

20
00:01:02,480 --> 00:01:05,640
इसको ये भरोसा होता है कि मुझ पर 
बहुत ध्यान दिया जा रहा है जबकि 

21
00:01:05,640 --> 00:01:10,960
मैं तो अपनी बोरियत दूर करने के 
लिए उसको मिला के बात कर रहा हूँ।

22
00:01:11,040 --> 00:01:14,200
सर, जो स्टॉक्स का भरोसा है, 
विश्वास है कि हर आदमी। 

23
00:01:14,680 --> 00:01:18,720
कुछ बड़ा करने की क्षमता रखता है।
बस जरूरत है कि उसके पोटेंशिअल 

24
00:01:18,760 --> 00:01:22,320
पोटेंशिअल को अनलॉक किया जाए के 
किस तरीके से अपने हालातों में 

25
00:01:22,320 --> 00:01:24,800
परिवर्तन कर सकता है। 
ओवरनाइट अपनी फैम्ली की पूरी 

26
00:01:24,800 --> 00:01:27,560
आर्थिक कंडीशन को भी चेंज कर सकता
है और इसके लिए हम क्या करते हैं 

27
00:01:27,560 --> 00:01:30,960
कि अलग अलग लैंग्वेजेज में रोजाना
घर घर कहानी पहुंचाने की कोशिश 

28
00:01:30,960 --> 00:01:33,080
करते हैं उनकी रिलेटिव रोल मॉडल्स
की। 

29
00:01:33,600 --> 00:01:37,120
तो आज जो हम कर रहे हैं कि एक ऐसी
ही कहानी एक ऐसे शख्स से रूबरू 

30
00:01:37,120 --> 00:01:41,480
होंगे और सिर्फ रूबरू नहीं होंगे 
उनके साथ लगभग हम 3-4 घंटे टाइम 

31
00:01:41,480 --> 00:01:45,280
स्पेंड करेंगे। 
उनकी पर्सनालिटी ऐसी है कि उनका 

32
00:01:45,280 --> 00:01:49,400
चार ऐसा है कि पूरे देश में लगभग 
रोजाना वो जो बातें करते हैं, सब 

33
00:01:49,400 --> 00:01:51,760
कुछ काम छोड़ के वो कॅन्टेंट 
कंज्यूम किया जाता है। 

34
00:01:51,760 --> 00:01:54,360
लोग उसको फॉलो करते हैं। 
अपना आदर्श मानते हैं, उनकी उनकी 

35
00:01:54,360 --> 00:01:59,600
नॉलेज को, उनके जीवन को। 
इसके अलावा थोड़ा सा और मैं उनके 

36
00:01:59,600 --> 00:02:00,880
बैकग्राउंड के बारे में बात कर 
रहा हूँ। 

37
00:02:00,880 --> 00:02:05,760
तो एक स्टेटमेंट काफी है कि जीस 
एज में लोग तैयारी करने का सोचते 

38
00:02:05,760 --> 00:02:07,200
हैं। 
उस एज में वो पढ़ा रहे थे यु 

39
00:02:07,200 --> 00:02:11,560
पीएससी के लोगों को। 
और एक उनकी बहुत पर्सनल जैसे एक 

40
00:02:11,560 --> 00:02:13,720
वर्ड होता है। 
बहुत पर्सनली चाहत उनकी पर्सनली 

41
00:02:13,720 --> 00:02:17,720
चाहत ये है कि पूरे देश के लोग 
लॉजिकल सोचे। 

42
00:02:17,840 --> 00:02:19,880
जब भी वो किसी से बात करें तो 
उनकी बातों में दम हो। 

43
00:02:20,000 --> 00:02:22,840
वो तर्क करें, वो तर्क नहीं करें 
तो वेलकम करते है। 

44
00:02:23,160 --> 00:02:26,320
दृष्टि आई एस के सीई ओह फाउंडर 
एमडी डॉक्टर विकासदीप कीर्ति जी 

45
00:02:26,320 --> 00:02:35,080
का। 
वो खड़े पे काली पहले चाहिए। 

46
00:02:39,440 --> 00:02:43,520
मेरा पहला क्वेश्चन है कि आपका जो
सरनेम देवकीर थी, इसके बारे में 

47
00:02:43,520 --> 00:02:45,920
लोग बहुत अलग अलग तरीके की बातें 
करते हैं, अपने अपने तरीके से 

48
00:02:45,920 --> 00:02:50,280
व्याख्या करते हैं। 
मेरी भी कीर्ति के पीछे की कहानी 

49
00:02:50,280 --> 00:02:52,760
आप बताइए। 
ऐसे क्या क्या करते है लोग? 

50
00:02:53,320 --> 00:02:57,280
मेरेको अपनी पता है की जैसे मैंने
हिस्टरी पढ़ी है तो जो सम्राट 

51
00:02:57,280 --> 00:03:00,960
अशोक था उन्होंने कुछ ऐसे 
एग्ज़ैक्ट्ली वर्ड नहीं लेकिन 

52
00:03:00,960 --> 00:03:03,560
उसमें कीर्ति कोई वर्ड था। 
अच्छा है ना तो? 

53
00:03:03,800 --> 00:03:06,480
उन्होंने लगा लिया था फिर काश 
कीर्ति या कुछ ऐसा वर्ड था 

54
00:03:06,640 --> 00:03:09,400
प्रियदर्शी प्रियदर्शी वर्ड लगा 
लिया। 

55
00:03:09,440 --> 00:03:12,600
था कि तो इस। 
क्या वजह है? 

56
00:03:13,280 --> 00:03:15,280
मैं भी सम्राट शोक हूँ अपने जमाने
का। 

57
00:03:16,880 --> 00:03:19,120
ठीक है, तो मैं चाहता हूँ अब 
स्टेज आप संभालो। 

58
00:03:19,120 --> 00:03:21,440
जी जी जी। 
और आप इससे आगे सब कुछ लेके जाओ, 

59
00:03:22,040 --> 00:03:31,560
थैंक यू। 
मेरे नाम में जो दिव्य कीर्ति है,

60
00:03:31,560 --> 00:03:36,080
उसका संबंध मतलब मेरी चॉइस से 
नहीं है, मेरे फैम्ली से है, 

61
00:03:36,080 --> 00:03:39,480
परिवार से है। 
मैं जीस परिवार से हूँ, वो परिवार

62
00:03:39,480 --> 00:03:42,760
आर्य समाज को मानता है। 
और राज्य समाज की एक विशेषता है 

63
00:03:42,760 --> 00:03:46,680
कि वो जाति व्यवस्था को खारिज 
करते हैं तो हमारी फैम्ली में खास

64
00:03:46,680 --> 00:03:51,120
सिस्टम काम ही नहीं करता है। 
हम हमारे बच्चों को परिवार में ये

65
00:03:51,120 --> 00:03:54,680
बताया भी नहीं जाता कि जाति क्या 
है, हम किस जाति से हैं तो वो 

66
00:03:54,680 --> 00:03:59,000
परंपरा कम से कम तीन पीढ़ियों से 
चली आ रही है, जो मेरे पेरेंट्स 

67
00:03:59,000 --> 00:04:02,160
की जेनरेशन थी। 
उस जेनरेशन में बहुत सारे लोग 

68
00:04:02,160 --> 00:04:05,640
साहित्यकार हैं, मेरे पिताजी भी 
साहित्यकार हैं, उनको हरियाणा के 

69
00:04:05,640 --> 00:04:07,360
साहित्यकार में से कई अवार्ड्स 
मिले हैं। 

70
00:04:07,360 --> 00:04:12,840
कई उपन्यास लिखे हैं उन्होंने तो 
उस समय उन साहित्यकार परिवार के 

71
00:04:12,840 --> 00:04:16,279
लोगों में एक राय बनी कि बच्चों 
के हम कास्ट नियम तो नहीं लगाएंगे

72
00:04:16,880 --> 00:04:19,920
तो क्यों ना कुछ मौलिक सा नाम 
रखें जो साहित्यकता हो? 

73
00:04:21,399 --> 00:04:24,520
तो ऐसा हमारे पूरे खानदान में तीन
चार परिवारों में हुआ। 

74
00:04:25,120 --> 00:04:28,360
उनमें से एक हमारा परिवार था तो 
हम तीन भाई हैं। 

75
00:04:28,360 --> 00:04:31,240
मैं सबसे छोटा भाई हूँ और हम 
तीनों भाइयों के सरनेम अलग अलग 

76
00:04:31,240 --> 00:04:34,200
हैं। 
बड़े भैया का सरनेम मधुवर्षी है। 

77
00:04:34,400 --> 00:04:36,360
दूसरे भैया का सरनेम प्रियदर्शी 
है। 

78
00:04:36,360 --> 00:04:40,480
मेरा सरनेम दिव्य कीर्ति है। 
और वो मेरे पिताजी की और माताजी 

79
00:04:40,480 --> 00:04:42,440
की साहित्यिक दोषियों का परिणाम 
है। 

80
00:04:43,040 --> 00:04:46,880
जब मैं छोटा था तो मेरा नाम जब 
सरनेम लगाया गया तो चक्रवर्ती 

81
00:04:46,880 --> 00:04:50,360
लगाया गया था। 
बाद में मेरे पिताजी को ये 

82
00:04:50,360 --> 00:04:54,240
रियलाइज हुआ कि बंगाल में ये 
कास्ट नेम है तो क्योंकि वह बंगाल

83
00:04:54,240 --> 00:04:56,920
में कास्ट नेम है और फिर कास्ट 
वाली फीलिंग आने लगे। 

84
00:04:57,040 --> 00:05:00,760
और क्षेत्रीय अनुभूति ना होने लगे
कि बंगाल से मैं हूँ तो फिर 

85
00:05:00,760 --> 00:05:05,280
उन्होंने सोचा कि इसको बदले और तब
मेरे एक मामा जी जो हंसराज कॉलेज 

86
00:05:05,280 --> 00:05:09,720
में प्रोफेसर थे, उस समय डॉ। 
प्रशांत उनका नाम था, अब वो नहीं 

87
00:05:09,720 --> 00:05:12,120
है। 
उनके बच्चों के नाम में देवी 

88
00:05:12,120 --> 00:05:14,760
कीर्ति लगा हुआ था तो उनसे बोरो 
करके हमने। 

89
00:05:14,920 --> 00:05:19,320
मतलब मेरे पिताजी ने मेरे नाम को 
विकास देव कीर्ति किया और ये टेंथ

90
00:05:19,320 --> 00:05:22,880
क्लास से पहले की बात है तो मेरे 
सारे सर्टिफिकेट्स में, मेरे पास 

91
00:05:23,000 --> 00:05:25,520
में ड्राइविंग लाइसेंस में नाम 
विकास देव कीर्ति ही है। 

92
00:05:25,520 --> 00:05:29,680
ये रखा हुआ नाम नहीं है। 
ये मेरा ओरिजिनल और लीगल नेम है। 

93
00:05:30,600 --> 00:05:32,800
ये केवल शौक से रखने वाला नाम 
नहीं है। 

94
00:05:32,800 --> 00:05:36,160
यही मेरा वास्तविक नाम है। 
और इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं 

95
00:05:36,160 --> 00:05:38,080
है। 
ये मेरे पेरेंट्स का दिया हुआ है,

96
00:05:38,120 --> 00:05:40,680
वो बाहर है मुझे। 
मेरी बड़ी चाहत थी की आपसे कभी इस

97
00:05:40,680 --> 00:05:43,440
तरीके से रूबरू हो पाऊं और वो आज 
मौका मिल गया मेरे को जोश शॉक्स 

98
00:05:43,440 --> 00:05:46,960
के थ्रू तो सर मेरे को मेरा एक 
सवाल ये है आपसे की आपको लेकर 

99
00:05:46,960 --> 00:05:48,440
क्या है ना? 
बहुत सारी भ्रांतियां फैली हुई 

100
00:05:48,440 --> 00:05:50,040
हैं की आपने यूपीएससी क्लियर किया
था। 

101
00:05:50,040 --> 00:05:53,600
आई ए एस बने फिर छोड़ दिया। 
और मतलब वो जितनी बार आप डीटेल 

102
00:05:53,600 --> 00:05:56,040
में जाते हो ना सर्च करने के लिए 
वो नई नई बाते निकल के आती है की 

103
00:05:56,040 --> 00:05:57,640
अच्छा नहीं। 
उन्होंने कभी क्लियर किया नहीं, 

104
00:05:57,920 --> 00:06:00,280
कभी कुछ जैसे एक कोट था, मैंने 
कहीं पे पढ़ा था। 

105
00:06:00,400 --> 00:06:03,400
किसी टीचर ने मुझसे कहा था कि ये 
ना मुखर्जी नगर में सिर्फ वही 

106
00:06:03,400 --> 00:06:07,720
जाते है जो खुद आइ ए एस नहीं बन 
पाते तो मेरे को आपसे जानना था 

107
00:06:07,720 --> 00:06:10,720
क्योंकि अब ये मौका मिला है तो 
बिलकुल सीधा मैं आपसे ही जानना 

108
00:06:10,720 --> 00:06:11,360
चाहता। 
हूँ। 

109
00:06:11,440 --> 00:06:14,160
ठीक भी है। 
जब कोई दुविधा हो तो पूछ ही लेना 

110
00:06:14,160 --> 00:06:17,880
चाहिए। 
ये बात सही है कि पिछले कई दिनों 

111
00:06:17,880 --> 00:06:23,600
से ऐसी बातें मैं भी सुनता हूँ कि
ऐसी अफवाहें हैं लेकिन अफवाहों का

112
00:06:23,600 --> 00:06:25,440
समाधान कहाँ करूँ? 
कैसे करूँ? 

113
00:06:26,960 --> 00:06:30,760
तो मैंने कई साल के संकोच के बाद 
पहली बार पिछले साल एक इंटरव्यू 

114
00:06:30,760 --> 00:06:32,920
दिया। 
लल्लनटॉप को उन्होंने भी इस सवाल 

115
00:06:32,920 --> 00:06:36,160
से पूछा, आपने शायद वो देखा नहीं 
होगा क्योंकि मैंने उसमें इसका 

116
00:06:36,160 --> 00:06:38,600
जवाब दिया हुआ है। 
जब उन्होंने मुझसे पूछा तो मैंने 

117
00:06:38,600 --> 00:06:41,280
इससे जवाब वहाँ भी दिया। 
आश्चर्य दे देता हूँ। 

118
00:06:41,640 --> 00:06:44,480
हालांकि मेरी व्यक्तिगत राय ये है
की मैं बहुत जवाब देने में यकीन 

119
00:06:44,480 --> 00:06:47,360
नहीं रखता हूँ। 
किसी को मेरे बारे में गलत सोचना 

120
00:06:47,360 --> 00:06:50,560
है तो मैं उसको पूरा मौका देता 
हूँ कि वो सोचे ना कि मैं उसको 

121
00:06:50,560 --> 00:06:55,560
जवाब देके उसको मतलब मतलब क्यों? 
उसको उसकी मौलिक कल्पनाओं से 

122
00:06:55,560 --> 00:06:58,240
मुक्त कर दूँ? 
अगर उसकी कल्पनाएं हैं उसको मज़ा 

123
00:06:58,240 --> 00:07:01,040
आ रहा है सोचने में। 
और यदि मेरे बारे में चार गलत 

124
00:07:01,040 --> 00:07:04,400
बातें बोलने से उसकी खुशी बढ़ रही
है, उसका हैपीनेस इंडेक्स बढ़ रहा

125
00:07:04,400 --> 00:07:06,040
है तो मैं क्यों उसकी खुशी कम 
करूँ? 

126
00:07:06,920 --> 00:07:11,600
लेकिन हाँ, सच ये है कि 19196 में
जब मैं करीब 22 साल के आस पास का 

127
00:07:11,600 --> 00:07:15,000
था, पहला एटेम्पट दिया था, मेरा 
सेलेक्शन पहले प्रयास में हो गया 

128
00:07:15,000 --> 00:07:17,720
था। 
यु पीएससी में मैंने लल्लनटॉप में

129
00:07:17,720 --> 00:07:22,480
बताया था कि मेरा रोल नंबर किया 
था 97484, रोल नंबर था 19 सिक्स 

130
00:07:22,480 --> 00:07:27,760
एटेम्पट था 384 रैंक मेरा आया था 
फिल्म्स में सोशियोलॉजी विषय था। 

131
00:07:28,280 --> 00:07:30,480
मेन्स में सोशियोलॉजी और हिंदी 
साहित्य विषय थे। 

132
00:07:31,240 --> 00:07:33,080
अगर आप इससे और ज्यादा जानना 
चाहें। 

133
00:07:33,680 --> 00:07:36,960
तो मुख्य परीक्षा में मेरे हिंदी 
साहित्य में 343 नंबर थे। 

134
00:07:36,960 --> 00:07:40,080
जी एस में 321 नंबर थे में 247 
थे। 

135
00:07:40,080 --> 00:07:49,880
निबंध में 112 थे और इंटरव्यू में
156 नंबर थे और और क्योंकि पहला 

136
00:07:49,880 --> 00:07:52,320
एटेम्पट था उसकी याद रहती है जहन 
में। 

137
00:07:52,920 --> 00:07:57,880
कुल 1100 उनहतर नंबर आए थे, 384 व
रैंक आया था क्योंकि मैं माइल्ड 

138
00:07:57,920 --> 00:08:01,640
नोक नहीं पाया गया था। 
उस मेडिकल टेस्ट में तो मुझे सी 

139
00:08:01,640 --> 00:08:03,160
आई एस ऐफ़ की सर्विस नहीं मिल पाई
थी। 

140
00:08:03,160 --> 00:08:07,080
असिस्टेंट कम्यूनेंट की फिर मुझे 
सी एसएस नाम की एक सर्विस सेंट्रल

141
00:08:07,080 --> 00:08:10,560
सेक्रेटरी सर्विस जो होम 
मिनिस्ट्री का ऑर्डर मुझे मिला 

142
00:08:11,440 --> 00:08:12,960
था। 
मेरी जॉइन करने की इच्छा नहीं थी 

143
00:08:12,960 --> 00:08:14,760
तो मैंने जॉइनिंग 1 दिन लेट की 
थी। 

144
00:08:14,920 --> 00:08:19,440
1 जुलाई के 2 जुलाई को की थी। 
इस मूड से की थी कि रिसाइन करना 

145
00:08:19,440 --> 00:08:22,880
ही करना है और जल्दी ही फिर ऐसी 
स्थितियां बनी। 

146
00:08:22,880 --> 00:08:24,800
कुछ मेडिकल प्रॉब्लम भी मुझे फील 
हो रही थी। 

147
00:08:24,800 --> 00:08:29,360
ऑफिस काम करने में तो मेरे ख्याल 
से मैंने 810 महीने शायद काम किया

148
00:08:29,360 --> 00:08:32,280
होगा। 
फिर रिसाइन कर दिया। 

149
00:08:32,559 --> 00:08:34,440
जीस दिन परिवार में सब लोग सहमत 
हो गए। 

150
00:08:35,120 --> 00:08:37,559
उन्हें ये भरोसा हो गया। 
वैसे भरोसा हमेशा रखते थे मेरे 

151
00:08:37,559 --> 00:08:42,360
ऊपर उन्हें जब ये भरोसा हो गया की
ठीक है, उसूल वही है की एक ही 

152
00:08:42,360 --> 00:08:45,560
जिंदगी है। 
सारे प्रयोग उसी में करना है, उसी

153
00:08:45,560 --> 00:08:47,560
में प्रयोग करना है, उसी को जीना 
है। 

154
00:08:48,120 --> 00:08:50,680
ये चांस तो है नहीं की एक में 
प्रयोग कर दूसरी को जिएंगे। 

155
00:08:51,280 --> 00:08:53,840
तो जो नौकरी अच्छी नहीं लग रही तो
फिर मैं क्यों उसको ढोता? 

156
00:08:54,760 --> 00:08:59,760
तो फाइनली उसको मैंने छोड़ दिया 
फिलॉसोफी में एक दार्शनिक के 

157
00:08:59,760 --> 00:09:05,760
सार्थ नाम के जीन पॉल सार्थ। 
उनका कहना है कि मनुष्य की पूरी 

158
00:09:05,760 --> 00:09:08,520
कहानी उन निर्णयों से बनती है जो 
वो लेता है। 

159
00:09:09,360 --> 00:09:11,480
और आप कितना भी समझदारी से फैसला 
करेंगे। 

160
00:09:11,480 --> 00:09:15,520
कभी ना कभी थोड़ा बहुत रिग्रेट उस
फैसले को हो जाता है क्योंकि हर 

161
00:09:15,520 --> 00:09:18,320
फैसले के दोनों पक्ष होते हैं ना 
फायदे भी नुकसान भी होते हैं। 

162
00:09:19,360 --> 00:09:22,440
पर मैं ईमानदारी से कह रहा हूँ कि
ये मेरे जीवन का शायद अकेला बड़ा 

163
00:09:22,440 --> 00:09:26,560
फैसला है जिसका रिग्रेट मुझे आज 
तक एक सेकंड के लिए भी नहीं हुआ। 

164
00:09:26,680 --> 00:09:30,520
मैं नौकरी छोड़ के इस दुनिया के 
सबसे सबसे सुकून वाले इंसानों में

165
00:09:30,520 --> 00:09:34,280
से एक हूँ और मुझे इतना भी दुख 
नहीं है कि मैं नौकरी को छोड़ 

166
00:09:34,280 --> 00:09:36,360
दिया। 
हमें होम मिनिस्ट्री में था और 

167
00:09:36,760 --> 00:09:39,880
कुछ दिन अच्छे गुजरे थे वहाँ 
लेकिन उससे बहुत अच्छे दिन मैं 

168
00:09:39,880 --> 00:09:43,680
गुजार रहा हूँ। 
नौकरी छोड़ने के बाद ये सच है। 

169
00:09:43,680 --> 00:09:45,280
मेरे बारे में आप जानना चाह रहे 
थे। 

170
00:09:45,880 --> 00:09:50,200
अभी भी कोई शक है तो उसका इलाज 
मेरे पास नहीं है और सच बात ये है

171
00:09:50,200 --> 00:09:53,160
कि मुझे फर्क भी नहीं पड़ता। 
इस बात से अगर आप शक करते ही रहे 

172
00:09:53,160 --> 00:09:55,240
तो मैं क्यों अपनी तबियत खराब 
करूँगा ना? 

173
00:09:55,400 --> 00:09:58,280
अगर आपकी रुचि है, आपको शौक है शक
करने का? 

174
00:09:58,880 --> 00:10:01,600
मुझे कुछ लोगों ने बताया कि कुछ 
लोगों का रोजगार आज के लिए बन गया

175
00:10:01,600 --> 00:10:03,760
है कि मुझ पर शक करना, संदेह 
करना। 

176
00:10:04,200 --> 00:10:06,600
मैं इसी में खुश रहता हूँ कि मेरे
बारे में बात तो कर रहे हैं। 

177
00:10:07,960 --> 00:10:10,200
परेशान तो हुआ है जिनके बारे में 
कोई बात नहीं करता। 

178
00:10:11,120 --> 00:10:13,120
बात तो हो रही है, कम से कम तो ही
ठीक है। 

179
00:10:13,400 --> 00:10:17,480
तो अगर कोई आपसे पूछे आप कह देना 
कि मैंने भी ये कठिन सवाल पूछा था

180
00:10:17,480 --> 00:10:20,800
पर इसका जवाब मिल गया और जो तथ्य 
मैंने आपको दिए आप उसकी जांच 

181
00:10:20,800 --> 00:10:31,240
सीबीआइ से करवा सकते हैं और इन इन
इन इन सारे तथ्यों में से एक भी 

182
00:10:31,240 --> 00:10:32,840
गलत निकले तो मैं उसके जिम्मेदार 
हूँ। 

183
00:10:32,840 --> 00:10:35,520
आपके चैनल पे कह रहा हूँ, ठीक है 
आपने? 

184
00:10:35,520 --> 00:10:39,320
कहा, डेढ़ साल तक डिप्रेशन के फेस
में से और सेम टाइम पे आपको लगता 

185
00:10:39,320 --> 00:10:42,960
था कि आप बहुत जिंदादिल आदमी हैं,
बहुत खुश हैं, आप कभी डिप्रेशन 

186
00:10:42,960 --> 00:10:46,520
में जा नहीं सकते। 
राइट तो वो जब फेल आया लाइफ का या

187
00:10:46,520 --> 00:10:47,920
आप डिप्रेशन में आप सोचते थे नहीं
जाएंगे। 

188
00:10:47,920 --> 00:10:50,640
डिप्रेशन में गया डिप्रेशन से 
बाहर निकल के आए तो ज़ाहिर सी बात

189
00:10:50,640 --> 00:10:53,360
है जो विचार पहले के रहे होंगे, 
जो एक आइडियोलॉजी रही होगी, उसमें

190
00:10:53,360 --> 00:10:54,600
बहुत सारे बदलाव आए। 
हैं। 

191
00:10:54,760 --> 00:10:58,280
तो वो बदलाव क्या रहे और मतलब 
क्यूँ? 

192
00:10:58,320 --> 00:11:01,000
मतलब थॉट जो आया आपका पूरा 
इंसिडेंट में कुछ घटनाक्रम जानना 

193
00:11:01,000 --> 00:11:02,480
चाहता हूँ उसके बारे। 
में और। 

194
00:11:02,720 --> 00:11:06,160
ये सवाल इसलिए भी इम्पोर्टेन्ट है
क्योंकि जीस लाइक यु पीएससी के 

195
00:11:06,160 --> 00:11:08,920
बच्चों को पढ़ाते हैं और बहुत 
सारे स्टूडेंट्स मतलब जब इस फेस 

196
00:11:08,920 --> 00:11:11,480
में जाते हैं जब फेल्यूर आ रहा 
होता है, लाइफ में घर के तमाम 

197
00:11:11,480 --> 00:11:13,760
मुश्किलें होती हैं तो वो ऐसा फेस
उनकी लाइफ में थोड़ा आता है तो 

198
00:11:13,760 --> 00:11:16,680
उनको भी कुछ सीखने को मिले उससे 
की वो इस तरह की सिचुएशन को ना 

199
00:11:17,000 --> 00:11:22,920
बचपन में था सिचुएशन से। 
मैं डिप्रेशन में तो एग्ज़ैक्ट्ली

200
00:11:22,920 --> 00:11:26,960
नहीं गया था लेकिन डिप्रेशन जैसी 
स्थिति उसको कह सकते हैं, क्योंकि

201
00:11:26,960 --> 00:11:30,040
टेक्निकली डिप्रेशन थोड़ा सा एक 
बहुत कठिन अवस्था होती है। 

202
00:11:31,240 --> 00:11:35,320
मैं एन्क्साइटी से थोड़ा आगे की 
अवस्था में था और प्युर डिप्रेशन 

203
00:11:35,320 --> 00:11:38,560
शायद उसको नहीं कहना चाहिए। 
सटुएशनल डिप्रेशन एक चीज़ होती 

204
00:11:38,560 --> 00:11:39,720
है। 
कुछ कुछ वैसा मामला था। 

205
00:11:41,520 --> 00:11:45,080
मैंने अपने बचपन से कठिन 
परिस्थिति देखी है और मुझे इस बात

206
00:11:45,080 --> 00:11:50,840
का मतलब खुशी भी है कि मैंने 
परिस्थितियां ऐसी देखी क्योंकि 

207
00:11:50,840 --> 00:11:55,200
बिना मुश्किलें झले आप ठीक इंसान 
बन नहीं सकते और अगर आपको सब कुछ 

208
00:11:55,200 --> 00:11:59,120
ठीक ठीक मिल गया जिंदगी में तो आप
खुद ठीक नहीं बन पाएंगे ये भी सही

209
00:11:59,120 --> 00:12:04,600
बात है। 
तो मुझे परम तत्व ने ईश्वर ने 

210
00:12:04,600 --> 00:12:09,240
प्रकृति दी जीसको आप मानते हो? 
उसने भरपूर ऐसी परिस्थितियां दी 

211
00:12:10,240 --> 00:12:14,840
जिनको झेलना जिनसे डरना अपने आप 
में चुनौती हो सकती है। 

212
00:12:15,800 --> 00:12:18,840
मसलन मैंने 17 साल की उम्र में 
नौकरी करनी शुरू कर दी थी। 

213
00:12:18,920 --> 00:12:22,840
सेल्समैन की नौकरी की तब बुरा 
लगता था, अब सोच के अच्छा लगता 

214
00:12:22,840 --> 00:12:26,000
है। 
उद्यम भी किया। 

215
00:12:26,560 --> 00:12:29,520
कई ऐसे काम किए जो थोड़े से 
मुश्किल होंगे 17 साल के बच्चे के

216
00:12:29,520 --> 00:12:33,120
बारे में सोच के क्योंकि अब मेरा 
बेटा लगभग 16 प्लस साल का है और 

217
00:12:33,120 --> 00:12:35,320
मैं। 
सोचता हूँ कि अगर उसको वो सब करना

218
00:12:35,320 --> 00:12:37,040
पड़े तो मैं नहीं चाहता कि उसको 
ये सब करना पड़े। 

219
00:12:37,040 --> 00:12:40,240
कोई भी पिता नहीं चाहेगा। 
लेकिन हाँ, मेरी स्थिति ऐसी थी कि

220
00:12:40,240 --> 00:12:42,920
मुझे करना पड़ा और मुझे अब लगता 
है कि अच्छा होगा। 

221
00:12:43,920 --> 00:12:46,760
मज़े की बात है कि उस दौर में 
मुझे डिप्रेशन कभी नहीं हुआ। 

222
00:12:48,200 --> 00:12:51,400
शायद इसलिए कि उस उम्र में हमारे 
अंदर जोश बहुत ज्यादा होता है। 

223
00:12:52,040 --> 00:12:56,120
हम बड़ी बड़ी चुनौतियों को आराम 
से झेल वाते हैं तो शायद मुझे उस 

224
00:12:56,120 --> 00:13:00,240
समय उत्साह ही रहता था। 
डिप्रेशन नहीं होता था फिर यु 

225
00:13:00,240 --> 00:13:03,520
पीएससी की सफलताएं विफलताएं वो सब
बिछलती नहीं, लेकिन डिप्रेशन जैसा

226
00:13:03,520 --> 00:13:07,760
कभी कुछ नहीं और मैं अपने कॉलेज 
में, अपने ग्रुप में फैम्ली में 

227
00:13:07,760 --> 00:13:09,560
भी। 
आप देखेंगे। 

228
00:13:09,560 --> 00:13:12,440
हर फैमिली में एक व्यक्ति होता है
जिसका काम सबको खुश रखना होता है 

229
00:13:12,440 --> 00:13:14,000
तो मैं ऐसा व्यक्ति अपने घर में 
रहा हूँ। 

230
00:13:14,480 --> 00:13:19,160
सबसे छोटा था अपने घर में मतलब 
हूँ अब तो खैर बच्चे अगली पीढ़ी 

231
00:13:19,160 --> 00:13:21,480
के हो गए, उससे पहले तक मैं सबसे 
छोटा था। 

232
00:13:21,480 --> 00:13:26,480
अपने परिवार में मैं अपने दोस्तों
में भी वह व्यक्ति था जो सबको खुश

233
00:13:26,480 --> 00:13:28,680
रखने के लिए कुछ ना कुछ उद्यम 
करता रहता है। 

234
00:13:29,080 --> 00:13:32,280
हँसी मजाक करना, जोक्स ट्रैक करना
कुछ ना कुछ करते हैं ना वैसी 

235
00:13:32,280 --> 00:13:36,200
प्रकृति मेरी थी। 
इस सब से सबको ऐसा लगता था और 

236
00:13:36,200 --> 00:13:38,880
मुझे भी ऐसा लगता था कि डिप्रेशन 
तो बकवास बात है। 

237
00:13:38,880 --> 00:13:42,200
कोई मुझे बोलता था कि एन्क्साइटी 
डिप्रेशन है तो अब मैं वैसे ही 

238
00:13:42,200 --> 00:13:45,320
जवाब देता था जैसा हमारे घरों के 
बड़े बूढ़े दिया करते हैं। 

239
00:13:45,440 --> 00:13:47,960
अरे पागलपन है, कुछ नहीं होता ये 
सब वे बेकार के बातें होती हैं, 

240
00:13:48,160 --> 00:13:52,400
ये किताब की बातें होती हैं, कुछ 
नहीं होता ये सब सच में ऐसा लगता 

241
00:13:52,400 --> 00:13:57,000
था फिर क्या होता है कि ज़िन्दगी 
में जब पहली बार आप कुछ झेलते हैं

242
00:13:57,160 --> 00:14:00,720
तो समझ में आता है कि चीजें उतनी 
आसान है नहीं जितनी आप समझ रहे 

243
00:14:00,720 --> 00:14:04,280
थे। 
ये बात शायद 2015 के आस पास की 

244
00:14:04,280 --> 00:14:06,480
है। 
और मैं आपसे पहले ही कह रहा हूँ 

245
00:14:06,480 --> 00:14:08,840
कि मैं उससे पहले बहुत बुरी बुरी 
स्थितियां झेल चुका था। 

246
00:14:08,840 --> 00:14:13,080
मुझे कभी एन्क्साइटी नहीं हुई थी 
क्योंकि जनरलली मैं मतलब मजबूत 

247
00:14:13,080 --> 00:14:15,760
दिल का व्यक्ति हूँ, इसमें कोई 
दुविधा मुझे नहीं। 

248
00:14:17,320 --> 00:14:21,640
2015 में मुझे कुछ लोगों ने कहा 
कि अब आपको राजनीति में जाना 

249
00:14:21,640 --> 00:14:24,960
चाहिए। 
और मेरा शुरुआती जीवन में सपना था

250
00:14:24,960 --> 00:14:29,880
राजनीति में जाने का अब नहीं है। 
2015 में मुझे लगा कि चलो एक 

251
00:14:29,880 --> 00:14:33,600
प्रयोग करके देख लेते हैं चीजें 
जिंदगी में वेल सेटल्ड थी लगभग सब

252
00:14:33,600 --> 00:14:38,040
कुछ वेल सेटल्ड था जब सब कुछ 
सेटल्ड हो अब फनैन्शली भी ठीक हो 

253
00:14:38,440 --> 00:14:41,720
सामाजिक सम्मान भी ठीक ठाक हो ही 
आपके पास। 

254
00:14:41,760 --> 00:14:45,680
तो व्यक्ति की भूख राजनीतिक ताकत 
की बस्ती है और कई दोस्त 

255
00:14:45,680 --> 00:14:48,080
पॉलिटिक्स में थे। 
उन सब ने कहा कि आपको होना चाहिए 

256
00:14:48,080 --> 00:14:51,560
तो मुझे लगा प्रयोग करके देखता 
हूँ तो एक लॅबोरेटरी 

257
00:14:51,560 --> 00:14:54,040
एक्स्पेरमेन्ट के तौर पर मैंने 
अपनी सोसाइटी जहाँ में रहता हूँ, 

258
00:14:54,040 --> 00:14:57,240
वहाँ का इलेक्शन लड़ा, जीत भी गया
वहाँ मैंने डेढ़ साल काम भी किया 

259
00:14:57,280 --> 00:14:59,560
और मुझे ऐसा लगता है कि मैंने काम
अच्छा किया। 

260
00:15:01,040 --> 00:15:04,200
किसी की गलती नहीं है। 
मैं ये बिल्कुल नहीं कहना चाह रहा

261
00:15:04,200 --> 00:15:05,760
कि कुछ लोगों ने मेरे साथ ऐसा 
किया है। 

262
00:15:05,760 --> 00:15:09,600
ये तो बेकार की बात है। 
वो दुष्यंत कुमार ने कहा है ना कि

263
00:15:09,600 --> 00:15:11,600
मत कहो। 
आकाश में कोहरा गहना है। 

264
00:15:11,760 --> 00:15:15,280
ये किसी की व्यक्तिगत आलोचना है 
तो मेरी रुचि दूसरों की आलोचना 

265
00:15:15,280 --> 00:15:18,160
करने में है नहीं। 
मेरी रुचि अपने आप को परखने में 

266
00:15:18,160 --> 00:15:21,080
है। 
पहली बार एक नया फेस मेरी 

267
00:15:21,080 --> 00:15:23,720
ज़िन्दगी में आया। 
मैं बहुत डेमोक्रेटिक आदमी हूँ, 

268
00:15:24,400 --> 00:15:28,920
मतलब ऐसा मुझे लगता है तो मैंने 
सोसाइटी में कोशिश की कि भाई जो 

269
00:15:28,920 --> 00:15:32,320
भी डेमोक्रेटिक प्रोसेसर है सर 
ट्रांसपेरेंसी से होना चाहिए। 

270
00:15:32,480 --> 00:15:35,560
व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाये पूरी 
सोसाइटी के कि जो भी डिस्कॅशन वो 

271
00:15:35,560 --> 00:15:38,800
आमने सामने हो। 
उसमें सीधी सी बात है, आलोचनाएँ 

272
00:15:38,800 --> 00:15:43,680
भी खूब होती थी और जो विपक्ष था 
बहुत मजबूती से अपनी बात रखता था।

273
00:15:44,320 --> 00:15:47,480
मैंने पाया कि मैं उतना मजबूत 
नहीं हूँ जो राजनीति के इन 

274
00:15:47,480 --> 00:15:50,120
प्रश्नों को सुलझा सके। 
झेल सके। 

275
00:15:51,520 --> 00:15:54,440
इसमें किसी की गलती नहीं है। 
गलती सिर्फ मेरे व्यक्तित्व की 

276
00:15:54,440 --> 00:15:58,560
थी। 
तो मुझे लगता है कि मैं सामाजिक 

277
00:15:58,560 --> 00:16:03,120
जीवन की उन चुनौतियों को झेलने 
में उतना सक्षम उत्सव नहीं था कि 

278
00:16:03,120 --> 00:16:07,920
इस तरह की हजारों आलोचनाएँ हजारों
संदेहों को आप ठीक काम करे, तब भी

279
00:16:07,920 --> 00:16:12,560
कोई आप पे आरोप लगा दे, सरेआम 
आरोप लगा दे कुछ भी आरोप चोरी का,

280
00:16:12,560 --> 00:16:15,320
डकैती का। 
आपने पैसा खा लिया, ऐसा आरोप 

281
00:16:15,320 --> 00:16:18,680
बातचीत में कोई लगा दे? 
मैं आज ही था नहीं, उस चीज़ का 

282
00:16:18,680 --> 00:16:23,720
अभ्यस नहीं था। 
टीचर होने का एक बुरा पक्ष ये है 

283
00:16:23,720 --> 00:16:27,840
कि टीचर क्लासरूम में तानाशाह की 
तरह होता है, कम से कम भारत में 

284
00:16:27,840 --> 00:16:31,640
तो होता ही है और तानाशाह के 
सामने कोई कुछ बोल नहीं पाता है। 

285
00:16:32,040 --> 00:16:35,760
तो लंबे समय तक टीचिंग करने की 
वजह से उसे बहुत आदत रही नहीं थी 

286
00:16:35,760 --> 00:16:39,920
कि कोई मेरा बहुत खराब तरीके से 
विरोध करें और मैं उसको सुनूं। 

287
00:16:40,080 --> 00:16:45,320
झेलूं ऐसा अभ्यास नहीं था तो मैं 
उस समय थोड़ा सा एंक्शियस होने 

288
00:16:45,320 --> 00:16:48,240
लगा। 
मुझे इस बात से परवाह होने लगी कि

289
00:16:48,240 --> 00:16:50,640
इतने सारे लोग मेरे बारे में गलत 
सोचते होंगे। 

290
00:16:50,800 --> 00:16:54,160
जबकि मैं अपने खुशोवास में कोई 
गलत काम नहीं कर रहा था। 

291
00:16:54,560 --> 00:16:56,800
पूरी ताकत से अच्छा ही काम करना 
चाह रहा था। 

292
00:16:58,040 --> 00:17:01,520
मैं जूझता रहा। 
जीस दिन मैंने वो पद संभालना। 

293
00:17:01,520 --> 00:17:04,520
उसके करीब 15 दिन के बाद मुझे 
तबियत खराब होने लगी। 

294
00:17:05,800 --> 00:17:07,839
इतनी खराब हुई कि मुझे कई चेक अप 
करवाने पड़े। 

295
00:17:07,839 --> 00:17:10,000
एमआरआइ हुआ सीटी स्कैन हुआ। 
पता नहीं क्या क्या हुआ? 

296
00:17:10,000 --> 00:17:11,839
कुछ निकला ही नहीं। 
सब ठीक था। 

297
00:17:12,599 --> 00:17:15,280
अंत में एक न्यूरो साइंटिस्ट नहीं
है। 

298
00:17:15,280 --> 00:17:20,359
आप कह सकते न्यूरोलॉजिकल 
एक्स्पर्ट ने इस बात को पहचाना और

299
00:17:20,359 --> 00:17:23,280
कहा कि आप एकदम फिट हैं, केवल 
आपको किसी बात की एन्क्साइटी 

300
00:17:23,280 --> 00:17:27,280
परेशान कर रही है। 
तो मैंने बताया कि हाँ ऐसा हो 

301
00:17:27,280 --> 00:17:29,760
सकता है। 
उन्होंने कहा, आप 7 दिन के लिए 

302
00:17:29,760 --> 00:17:33,720
मोबाइल फ़ोन छोड़ दीजिए। 
मैंने 7 दिन के लिए फ़ोन छोड़ा और

303
00:17:33,720 --> 00:17:35,520
उन 7 दिन में मुझे कोई दवाई नहीं 
खानी पड़ी। 

304
00:17:36,680 --> 00:17:39,920
ये तो बड़ा सिंपल सा है। 
केबल फ़ोन छोड़ना है पर फ़ोन 

305
00:17:39,920 --> 00:17:42,040
छोड़ना आसान नहीं था। 
मेरा सारा काम। 

306
00:17:42,080 --> 00:17:47,800
धन उसी पे टिका हुआ था तो धीरे 
धीरे समझ में आया कि अगर मैं इस 

307
00:17:47,800 --> 00:17:51,280
दलदल से बाहर नहीं निकलूंगा तो 
मैं अपने साथ न्याय कर बैठूंगा। 

308
00:17:51,520 --> 00:17:54,400
डॉक्टर ने कहा कि अगर ये फासे 
लंबा चला गया तो अब दवाइयों के 

309
00:17:54,400 --> 00:17:56,800
हैबिचुअल हो जाएंगे। 
ये ठीक नहीं है। 

310
00:17:57,760 --> 00:18:01,080
तो काफी लंबे विचार विमर्श के बाद
ये तय हुआ। 

311
00:18:01,840 --> 00:18:04,800
कि जो गली मेरे लिए ठीक नहीं है, 
उस गली में क्यों कदम रखना? 

312
00:18:05,480 --> 00:18:09,240
तो फिर मैंने पूरे होशो हवास में 
अपना इस्तीफा दिया। 

313
00:18:09,440 --> 00:18:13,080
ये कहे कि कि मेरे स्वधर्म के 
अनुकूल नहीं है, मेरे व्यक्तित्व 

314
00:18:13,080 --> 00:18:14,840
के अनुकूल नहीं है कि मैं ये काम 
करूँ। 

315
00:18:15,640 --> 00:18:17,680
मैं अपनी ताकत से जो कर सकता हूँ 
करता रहूँगा। 

316
00:18:17,680 --> 00:18:20,200
लेकिन मैं इस पद पर रहकर ये काम 
करने के पक्ष में नहीं। 

317
00:18:20,920 --> 00:18:23,960
और बहुत इंटरेस्टिंग बात है। 
इस्तीफा देने के छः 7 दिन के बाद 

318
00:18:23,960 --> 00:18:26,080
से दवाईयां छूट गई। 
उसके बाद से आज तक मैं दवाई नहीं 

319
00:18:26,080 --> 00:18:29,280
खाई उस चीज़ की तो ये सिचुएशनल आप
कह सकते है। 

320
00:18:29,280 --> 00:18:32,520
एन्क्साइटी डिप्रेशन था कि ये खास
परिस्थिति ने मुझे वैसा बना दिया 

321
00:18:32,520 --> 00:18:35,120
था। 
अब सवाल है कि इससे मैंने क्या 

322
00:18:35,120 --> 00:18:39,440
सीखा या इसके कुल मिला के टेक 
अवेस क्या है? 

323
00:18:40,360 --> 00:18:44,520
पहला, मैंने ये सीखा कि 
राजनीतिज्ञों को नफरत की निगाह से

324
00:18:44,520 --> 00:18:46,760
देखना ठीक नहीं है। 
उनको संवेदना की निगाह से देखना 

325
00:18:46,760 --> 00:18:50,200
चाहिए। 
अब मुझे पॉलिटिशंस पे दया आती है,

326
00:18:50,600 --> 00:18:54,560
करुणा का भाव आता है क्योंकि 
जितना वो झेलते हैं उतना कोई नहीं

327
00:18:54,560 --> 00:18:58,040
झेलता है। 
उनपे आरोप लगाना सबसे आसान काम 

328
00:18:58,080 --> 00:18:59,800
है। 
उनका मजाक बनाना सबसे आसान काम 

329
00:18:59,800 --> 00:19:01,800
है। 
और मैं कई बार कहता हूँ की अगर 

330
00:19:01,800 --> 00:19:06,280
अरविंद केजरीवाल या राहुल गाँधी 
वो सारे व्हाट्सएप देखने जो उनके 

331
00:19:06,280 --> 00:19:11,160
बारे में लोग बनाते हैं तो उनका 
क्या हाल होगा? 

332
00:19:11,360 --> 00:19:15,640
डिप्रेशन हो जायेगा क्योंकि इतनी 
तरह की गलत बातें राजनेताओं के 

333
00:19:15,640 --> 00:19:19,040
बारे में कही जाती हैं। 
तो उन राजनेताओं की टीम के लिए 

334
00:19:19,040 --> 00:19:21,680
बहुत जरूरी होता है कि वो 
सेलेक्टिव इन्फॉर्मेशन फिल्टर्ड 

335
00:19:21,680 --> 00:19:24,920
इन्फॉर्मेशन तक पहुंचाए। 
सारे इन्फॉर्मेशन ना पहुंचाए तो 

336
00:19:24,920 --> 00:19:28,280
पहला जो मेरा मिजाज़ बदला हुआ है 
कि राजनेता बुरे नहीं है। 

337
00:19:28,280 --> 00:19:33,560
राजनेता एक बहुत बड़ा पेन, बहुत 
बड़ा पत्थर अपनी छाती में रखते 

338
00:19:33,560 --> 00:19:36,680
हैं और हमें उनके प्रति संवेदनशील
होना चाहिए। 

339
00:19:37,560 --> 00:19:41,040
दूसरा मैंने ये समझा कि यदि कोई 
व्यक्ति कहे कि मैं मन से ठीक 

340
00:19:41,040 --> 00:19:44,960
नहीं हूँ, मुझे साइकोलॉजिकल 
डिसऑर्डर है, डिप्रेशन है, 

341
00:19:44,960 --> 00:19:50,360
एन्क्साइटी है, स्ट्रेस है तो 
उसका मजाक नहीं बनाना चाहिए, मजाक

342
00:19:50,360 --> 00:19:53,480
हो सकता है आप उड़ाते ना हो पर मन
में बनाते हो, शायद वो भी ठीक 

343
00:19:53,480 --> 00:19:56,360
नहीं है। 
जीस तरह से हमारा शरीर बीमार हो 

344
00:19:56,360 --> 00:19:57,960
सकता है। 
वैसे हमारी चेतना भी बीमार हो 

345
00:19:57,960 --> 00:20:02,200
सकती है और चेतना के बीमार होने 
के बहुत सारे प्रमाण अब तो मेडिकल

346
00:20:02,200 --> 00:20:05,960
साइंस के पास है तो उसके बाद से 
जब मुझे कोई ऐसा व्यक्ति मिलता है

347
00:20:05,960 --> 00:20:09,680
जो डिप्रेशन की बात करता है तो 
मैं बहुत सचेत होकर बहुत सहिदय 

348
00:20:09,680 --> 00:20:11,640
होकर उसकी बात सुनने का प्रयास 
करता हूँ। 

349
00:20:12,080 --> 00:20:16,240
ना सुन पाऊ तो किसी से बात करवाता
हूँ ताकि उसको थोड़ा सा सुकून मिल

350
00:20:16,240 --> 00:20:21,680
जाए। 
तीसरी सीख मैंने ये ली देखिए जीवन

351
00:20:21,680 --> 00:20:28,440
एक ही है और करने को इतनी चीजें 
हैं कि जीवन कम पड़ जाएगा, इसलिए 

352
00:20:28,440 --> 00:20:31,760
सबसे महत्वपूर्ण है कि आप अपनी 
प्राइऑरटी तय कर ले। 

353
00:20:31,920 --> 00:20:34,360
आपके लिए क्या ज्यादा महत्वपूर्ण 
है? 

354
00:20:35,160 --> 00:20:38,760
और तब से मैंने तय किया की मैं 
कोई ऐसा काम नहीं करूँगा जो मेरे 

355
00:20:38,800 --> 00:20:41,080
मूल व्यक्तित्व स्वधर्म के खिलाफ़
है। 

356
00:20:41,840 --> 00:20:45,320
ऐसा कोई भी काम चाहे वो उस समय 
पॉलिटिक्स थी। 

357
00:20:45,320 --> 00:20:48,480
हालांकि अब तो मेरी स्कीम इतनी 
ठीक हो गई है की अब शायद वो 

358
00:20:48,480 --> 00:20:49,920
स्थिति मुझे परेशान नहीं कर 
पाएगी। 

359
00:20:49,920 --> 00:20:53,600
आज के समय में। 
उस समय करते थे तो मुझे कई ऐसे 

360
00:20:53,640 --> 00:20:56,920
मैं जीस जगह हूँ। 
अभी कई ऐसे प्रोपोसल्स मेरे पास 

361
00:20:56,920 --> 00:20:59,560
आते हैं स्टार्टअप्स के कि हम मिल
के ये स्टार्टअप कर ले हम मिल के 

362
00:20:59,560 --> 00:21:02,880
वो स्टार्टअप कर ले। 
मुझे ये भी दिखता है कि वो चल 

363
00:21:02,880 --> 00:21:04,720
जाएंगे। 
ऐसा नहीं है कि नहीं चल पाएंगे, 

364
00:21:04,840 --> 00:21:08,840
चल तो जाएंगे पर मैं अंत में एक 
ही वाक्य बोल के बाद समाप्त करता 

365
00:21:08,840 --> 00:21:13,480
हूँ कि जीवन छोटा है। 
इसका 1 दिन भी उस काम में नहीं 

366
00:21:13,480 --> 00:21:17,040
लगाऊंगा, जो काम मेरे मूल 
व्यक्तित्व के साथ नहीं चल सकता। 

367
00:21:17,680 --> 00:21:20,040
हो सकता है की इसमें बहुत कम 
मालूम हो सकता है की बहुत बड़ी 

368
00:21:20,040 --> 00:21:25,800
सफलताएं मिले पर जिन प्रयास की 
वजह से मैं मैं ही नहीं रहूंगा, 

369
00:21:26,240 --> 00:21:29,600
उन प्रयास की सफलताएं तो किसी और 
को मिलेंगी ना, मैं तो बचा नहीं। 

370
00:21:30,200 --> 00:21:33,080
तो मैं अपने मैं से समझौता करके 
कोई फैसला नहीं करूँगा। 

371
00:21:33,080 --> 00:21:38,240
ये उसका सबसे बड़ा टेक अवे है जो 
मैंने अभी तक कम से कम अपने जीवन 

372
00:21:38,240 --> 00:21:39,920
में सहेज के रखा हुआ है। 
सर इसमें मेरा। 

373
00:21:39,920 --> 00:21:45,440
एक फॉलो अप क्वेश्चन है मतलब जीस 
सर्किल में मैं रहता हूँ तो उसमें

374
00:21:46,360 --> 00:21:48,800
एवरेज एज 2425 26 साल के आस पास 
है। 

375
00:21:48,960 --> 00:21:51,600
और पूरा कॉर्पोरेट की नौकरी 
करनेवाले लोग उस तरीके के लोग हैं

376
00:21:51,960 --> 00:21:55,280
और आए दिन अपनी मेन्टल हेल्त के 
बारे में अपनी एन्क्साइटी के बारे

377
00:21:55,280 --> 00:21:57,440
में बातें करते हैं। 
बर्नआउट के बारे में बात करते हैं

378
00:21:57,960 --> 00:22:02,920
तो 125 साल का युवा लड़का या 
लड़की कोई भी और जो पर्सनल वर्सस 

379
00:22:02,960 --> 00:22:06,120
प्रोफेशनल लाइफ के बीच में उस 
बैलेंस को नहीं बना पा रहा है 

380
00:22:06,760 --> 00:22:08,960
उसको आप क्या सुझाव देंगे? 
देखिये जो। 

381
00:22:08,960 --> 00:22:13,040
2425 साल के बच्चे हैं, उनमें से 
कुछ वर्कोहोलिक होते हैं। 

382
00:22:14,000 --> 00:22:17,280
वर्कोहोलिक वो है जीसको काम में 
इतना मज़ा आ रहा है, उसी में अपनी

383
00:22:17,280 --> 00:22:19,760
अचीवमेंट देखता है, आगे बढ़ना 
चाहता है। 

384
00:22:20,400 --> 00:22:23,920
अगर वर्कोहोलिक है तो वो शायद 
लाइफ और वर्क का बैलेंस बनाना 

385
00:22:23,920 --> 00:22:26,720
चाहता भी नहीं है। 
उसको तो मैं डिस्टर्ब नहीं करना 

386
00:22:26,720 --> 00:22:30,680
चाहूंगा की ठीक है की वो अभी उस 
उम्र को जी ले आगे बढ़ने का सपना 

387
00:22:30,680 --> 00:22:33,080
है, क्योंकि ये भी तो एक सपना 
होता है ना कि मैं इतना आगे बढ़ 

388
00:22:33,080 --> 00:22:34,560
जाऊं। 
मेरा स्टार्टअप ऐसा हो जाए, मेरा 

389
00:22:34,840 --> 00:22:38,320
ये चीज़ वैसी हो जाए। 
अगर किसी के पास जीवन में पर्पस 

390
00:22:38,320 --> 00:22:41,000
है तो आम तौर पर उसको एन्क्साइटी 
नहीं होगी। 

391
00:22:41,240 --> 00:22:43,560
नहीं होगा एक पर्पस होना बहुत 
जरूरी है। 

392
00:22:44,840 --> 00:22:47,640
पर्पस नहीं है तो दिक्कत है एक 
लोगो थेरेपी नाम का कॉन्सेप्ट 

393
00:22:47,640 --> 00:22:49,840
चलता है। 
कभी नेट पे सर्च कीजिए एक बहुत 

394
00:22:49,840 --> 00:22:53,360
प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक ने इसपे 
काम किया, एक ही गाए आपने किताब 

395
00:22:53,360 --> 00:22:55,800
का जिक्र पढ़ा होगा। 
उस किताब में भी इस थेरेपी का 

396
00:22:55,840 --> 00:22:59,960
विस्तार में जिक्र है। 
अगर जिंदगी में एक पर्पस आपके पास

397
00:22:59,960 --> 00:23:03,920
वेल डिफाइन्ड है तो आम तौर पर आप 
इन दिक्कतों से मुक्त रहेंगे। 

398
00:23:04,800 --> 00:23:08,480
इससे जो वर्काहोलिक लोग हैं, चाहे
नरेंद्र मोदी हो, केजरीवाल हो, 

399
00:23:08,720 --> 00:23:10,440
ऐसे बहुत लोग हैं, सब वर्काहोलिक 
लोग हैं। 

400
00:23:10,880 --> 00:23:13,360
इनके जीवन में कुछ सपने हैं। 
उन सपनों को पूरा करने के लिए 

401
00:23:13,360 --> 00:23:17,600
शायद 2530 40 साल से अभ्यास कर 
रहे हैं, मेहनत कर रहे हैं, थकते 

402
00:23:17,600 --> 00:23:20,200
भी नहीं हैं, डिप्रेशन में भी 
नहीं जाते हैं क्योंकि प्रपल उनके

403
00:23:20,200 --> 00:23:22,880
जीवन में ऐसे कोई वैज्ञानिक हो 
सकता है। 

404
00:23:23,040 --> 00:23:27,800
ऐसी कोई साहित्यकार हो सकता है 
रोशनिक हो सकता है लेकिन यदि आप 

405
00:23:27,840 --> 00:23:32,800
उस तरह के बहुत पर्पस वाले 
व्यक्ति नहीं है, मेरा मतलब कोई 

406
00:23:32,800 --> 00:23:37,880
एक खास जुनून आपके जीवन में अगर 
नहीं है तो बैलेंस ही ठीक से जीवन

407
00:23:37,880 --> 00:23:40,960
जीने का अकेला तरीका है और बैलेंस
क्या है? 

408
00:23:41,160 --> 00:23:44,680
अगर आप नौकरी को नौकरी समझ के कर 
रहे हैं तो आपको कुछ चीजें अपने 

409
00:23:44,680 --> 00:23:49,360
जीवन में और तलाशने ही होंगे। 
गुड़गांव में सबसे ज्यादा लोग यंग

410
00:23:49,360 --> 00:23:53,160
लोग काम करते हैं और गुड़गांव में
स्टैंड अप कॉमेडियन का बिज़नेस 

411
00:23:53,160 --> 00:23:56,440
सबसे ज्यादा चलता है क्योंकि वहाँ
तनाव इतना ज्यादा है कि हँसी का 

412
00:23:56,440 --> 00:24:00,240
बाजार सबसे ज्यादा वहीं पर है। 
हँसी का बाजार उन मुहल्लों में 

413
00:24:00,240 --> 00:24:02,360
कभी नहीं मिलेगा जहाँ लोग वैसे ही
हंस लेते हैं। 

414
00:24:03,120 --> 00:24:06,440
यहाँ तनाव उतना नहीं है। 
यहाँ तनाव ज्यादा है तो हँसी एक 

415
00:24:06,440 --> 00:24:10,920
उत्पाद है, एक प्रॉडक्ट है, एक 
बाजार है तो आप में से शायद दूसरी

416
00:24:10,920 --> 00:24:14,520
उम्र के होंगे। 
मैं इतना ही कहूंगा कि जिंदगी को 

417
00:24:14,520 --> 00:24:17,920
इस कोने या उस कोने पे मत जी। 
जीना चाहिए जिंदगी को बीच में 

418
00:24:17,920 --> 00:24:24,400
जीने का प्रयास कीजिए थोड़ा थोड़ी
मौज थोड़ा मज़ा थोड़ा काम अच्छे 

419
00:24:24,400 --> 00:24:29,040
रिश्ते हो जीवन में कम से कम एक 
या दो अनकन्डिशनल रिलेशन्स अगर 

420
00:24:29,040 --> 00:24:32,360
आपके पास हैं अनकन्डिशनल का मतलब 
जो आपको जज नहीं करते। 

421
00:24:33,600 --> 00:24:36,920
जिनकी सपोर्ट के लिए आपको सोचना 
नहीं पड़ता कि सपोर्ट करेगा या 

422
00:24:36,920 --> 00:24:40,000
नहीं करेगा। 
जिनके बारे में आप जानते हैं कि 

423
00:24:40,000 --> 00:24:42,480
इसके लिए इतना ही काफी है कि मैं 
एक पक्ष हूँ। 

424
00:24:42,480 --> 00:24:47,000
इस डिबेट में तो ये नहीं पूछेगा 
कि तुम सही तरह हो या गलत तरह हो,

425
00:24:47,520 --> 00:24:50,320
वो कहेगा तू है तो मैं तेरे साथ 
हूँ बात खत्म। 

426
00:24:50,440 --> 00:24:51,960
एक आध ऐसा रिश्ता होना बहुत जरूरी
है। 

427
00:24:51,960 --> 00:24:53,880
आम तो में माँ को ऐसा रिश्ता माना
जाता है। 

428
00:24:54,160 --> 00:24:57,520
एरिक फॉर्म ने बहुत अच्छा एक 
किताब लिखी थी दी आर्ट ऑफ लविंग। 

429
00:24:57,560 --> 00:25:01,920
उसमें जिक्र किया कि मेटरनल लव 
अनकन्डिशनल लव होता है नॉर्मल्ली 

430
00:25:02,040 --> 00:25:06,200
नॉट ऑलवेज और पैटरनल लव जो है बाप
का जो प्यार है वो जजमेंटल वाला 

431
00:25:06,200 --> 00:25:08,800
प्यार होता है। 
वो कंडीशनल लव होता है कि बेटा 

432
00:25:08,800 --> 00:25:12,320
इतने नंबर लाओगे। 
तो सायकल देंगे, इतने लाओगे तो 

433
00:25:12,320 --> 00:25:15,640
मोटरसाइकिल देंगे, इतने लाओगे तो 
रिक्शा देंगे तो इस तरह का जो 

434
00:25:15,640 --> 00:25:18,200
प्यार होता है, ये कंडीशनल प्यार 
है। 

435
00:25:18,720 --> 00:25:21,200
इसका मतलब ये नहीं कि सारे पिता 
कंडीशन प्यार करते हैं। 

436
00:25:21,200 --> 00:25:25,120
सारी माताएं इन कंडीशन करती हैं। 
कभी कभी पिता भी इन कंडीशन करते 

437
00:25:25,120 --> 00:25:27,080
ही हैं। 
कभी कभी माताएं भी कंडीशन लगाती 

438
00:25:27,080 --> 00:25:29,080
हैं। 
जनरल बात ये उन्होंने कही। 

439
00:25:30,320 --> 00:25:33,720
आपको कंडीशनल प्रेम करने वाले 
हजारों लोग जीवन भर मिलते रहेंगे।

440
00:25:34,400 --> 00:25:37,280
आप जीस ऑफिस में काम करेंगे, वहाँ
भी कंडीशनल प्यार खूब मिलेगा। 

441
00:25:37,800 --> 00:25:42,400
इस महीने में टारगेट पूरा कर दिया
लो प्यार ले लो थोड़ा सा सही सी 

442
00:25:42,400 --> 00:25:44,520
बात है, ये दुनिया के हर ऑफिस में
होता है, है ना? 

443
00:25:44,600 --> 00:25:46,640
इस महीने टारगेट कम किया तो प्यार
नहीं मिल पायेगा। 

444
00:25:46,640 --> 00:25:51,400
इस महीने तो ये कंडीशनल प्रेम है,
कंडीशनल लव है जो दुनिया की हर 

445
00:25:51,400 --> 00:25:54,480
सेट्टिंग में मिलता है। 
सबको मिलता है ठीक है, जैसे 

446
00:25:54,480 --> 00:25:56,440
पॉलिटिक्स में भी होता है कि 
तुमने इलेक्शन जितवा दिया, लो 

447
00:25:56,440 --> 00:25:59,360
प्यार है लो भाई इलेक्शन नहीं 
जित्वा है तो प्यार नहीं मिल 

448
00:25:59,360 --> 00:26:04,200
पाएगा, लेकिन एकाद ऐसा कोना अपना 
ढूंढ के रखिए। 

449
00:26:04,560 --> 00:26:08,920
जहाँ कोई आपको इसलिए प्यार ना करे
कि टारगेट पूरा हो गया, नौकरी मिल

450
00:26:08,920 --> 00:26:13,160
गई, पैसे तुम्हारे पास हैं या 
तुम्हारे पास रसूख है या तुम्हारे

451
00:26:13,160 --> 00:26:16,600
ट्विटर हैंडल पे 2000 फॉलोवर्स 
हैं या तुम्हारे यूट्यूब पे 

452
00:26:16,760 --> 00:26:21,040
1,00,000 सब्स्राइबर्स हैं जो इन 
सब को देख के प्यार ना करे इन 

453
00:26:21,040 --> 00:26:23,400
सबसे इर्रेस्पेक्टिव हो के आपसे 
प्यार करे। 

454
00:26:24,000 --> 00:26:27,440
ऐसा एक भी रिश्ता जिंदगी में है 
तो जनरलली अब डिप्रेशन में नहीं 

455
00:26:27,440 --> 00:26:30,280
जाएंगे। 
डिप्रेशन में वो लोग जाते हैं 

456
00:26:30,400 --> 00:26:33,400
जिनके पास आमतौर पर ऐसे रिश्ते 
नहीं होते या उस समय कम से कम 

457
00:26:33,440 --> 00:26:38,320
अक्टिव फॉर्म में नहीं होते हैं 
तो काम कीजिए, जमके और काम को 

458
00:26:38,320 --> 00:26:41,480
एन्जॉय करने की कोशिश कीजिए। 
अगर काम को एन्जॉय नहीं कर रहे 

459
00:26:41,480 --> 00:26:44,480
हैं तो अपने बॉस से बात करके 
थोड़ा सा क्विक करवाइए काम को कि 

460
00:26:44,480 --> 00:26:47,400
मैं अगर ये काम ज्यादा बेहतर काम 
कर पाऊंगा, ये कर पाऊंगी। 

461
00:26:47,760 --> 00:26:50,880
हो सकता है आपकी नेचर का काम मिले
सुधर्म के अनुसार काम करेंगे तो 

462
00:26:50,880 --> 00:26:53,840
अच्छा भी लगेगा। 
ऐसा होता है और काम के साथ साथ 

463
00:26:53,840 --> 00:26:57,960
शाम को थोड़ा स्टैंड अप कॉमेडी 
देख लीजिए कभी थोड़ा इश्क विश्क 

464
00:26:57,960 --> 00:27:01,680
करते ही होंगे आप लोग? 
और नहीं भी करते तो करना शुरू कर 

465
00:27:01,680 --> 00:27:04,280
दीजिए। 
बहुत जरूरी है उसके बिना तो जीवन 

466
00:27:04,280 --> 00:27:07,360
का क्या मतलब है? 
रोबोट और इंसान में जो थोड़े बहुत

467
00:27:07,360 --> 00:27:11,160
अंतर बचे हैं, आज के दौर में एक 
यही तो है कि आप एमोशनल बीइंग हैं

468
00:27:11,160 --> 00:27:14,520
और रोबोट एमोशनल बीइंग नहीं है। 
यदि एमोशनल से नहीं है तो फिर 

469
00:27:14,560 --> 00:27:16,920
क्या जियेंगे? 
उसके बाद मैं एक और क्वेश्चन 

470
00:27:16,920 --> 00:27:20,680
पूछुंगा जी जी पूछिए। 
जब कभी भी आपको एन्क्साइटी होती 

471
00:27:20,920 --> 00:27:25,480
है तो आप उस एन्क्साइटी को खत्म 
करने के लिए इन्स्टंट सलूशन क्या 

472
00:27:25,480 --> 00:27:27,800
करते हो और लॉन्ग टर्म इसका सलूशन
क्या हो सकता है? 

473
00:27:28,040 --> 00:27:31,120
एन्क्साइटी मतलब? 
उसके बाद से ऐसा नहीं कि मुझे कभी

474
00:27:31,120 --> 00:27:33,800
हुई नहीं। 
एक आध दिन कभी 2 घंटे आधा घंटा 

475
00:27:33,880 --> 00:27:36,440
सीटुएशन्स आती है ऐसी जो नॉर्मल 
बातें हैं। 

476
00:27:37,000 --> 00:27:39,920
जब एन्क्साइटी होने लगी। 
आपको अचानक से सबसे आसान तरीका 

477
00:27:39,920 --> 00:27:45,360
है, जो थ्री ईडियट्स फ़िल्म में 
शायद वाइरस ने बताया था, वही ये 

478
00:27:45,360 --> 00:27:49,280
मुन्ना भाई में था, इसी में था कि
जैसे तनाव होने लगे, ज़ोर से 

479
00:27:49,280 --> 00:27:52,560
हँसना शुरू कर दो। 
मुन्ना भाई में शायद था ना, मैं 

480
00:27:52,560 --> 00:27:54,800
ये नहीं कह रहा कि आप हँसे ही वो 
एक तरीका है। 

481
00:27:55,120 --> 00:27:57,960
बेसिक बात है कि जीस चीज़ से 
देखिये एन्क्साइटी में क्या होता 

482
00:27:57,960 --> 00:28:00,680
है? 
एन्क्साइटी का मूल लक्षण ये है कि

483
00:28:00,680 --> 00:28:04,560
आपकी जो थिंकिंग की स्पीड है, 
रॉकेट जैसी हो जाती है, बहुत तेज 

484
00:28:04,560 --> 00:28:08,200
थॉट्स आती है, रनिंग थॉट्स बोलते 
हैं उनको और वो सारी रनिंग थॉट्स 

485
00:28:08,200 --> 00:28:13,320
नेगेटिव होती है या अमूमन नेगेटिव
होती है तो नेगेटिव थॉट्स का। 

486
00:28:13,480 --> 00:28:15,560
बहुत तेज गति से आना एन्क्साइटी 
है। 

487
00:28:15,560 --> 00:28:17,600
एन्क्साइटी को रॉकेट साइंस नहीं, 
सिंपल सी बात है एन्क्साइटी ये 

488
00:28:17,600 --> 00:28:20,120
होती है ठीक है, ये हम सब के साथ 
होता है। 

489
00:28:20,120 --> 00:28:23,760
नॉर्मल सी बात है। 
अगर दिन में सप्ताह में एक आध बार

490
00:28:23,760 --> 00:28:26,360
हुआ तो नॉर्मल बात है। 
कोई तनाव की बात नहीं है। 

491
00:28:26,520 --> 00:28:29,040
ज्यादा होने लगे तो चिंता की बात 
है। 

492
00:28:29,120 --> 00:28:32,360
और जब ये एन्क्साइटी साइकोसोमैटिक
बन जाती है, साइकोसोमैटिक का मतलब

493
00:28:32,360 --> 00:28:37,480
है साइकोलॉजिकली शुरू हो के बॉडी 
पर असर पड़ने लगे हो जाए जब आपको 

494
00:28:37,480 --> 00:28:40,440
आंग्ज़ाइटी की वजह से हाथ पैर में
थोड़ी सनसनाहट होने लगे, 

495
00:28:40,480 --> 00:28:44,120
झुनझुनाहट होने लगे, टिंगलिंग 
होने लगे, मतलब वाइब्रेशन होने 

496
00:28:44,120 --> 00:28:47,400
लगे, सिर में दर्द होने लगे। 
नींद नहीं आ रही है। 

497
00:28:47,400 --> 00:28:51,640
लगातार नींद आ ही नहीं रही है 
आपको ये अब केवल मामला मन का नहीं

498
00:28:51,640 --> 00:28:54,480
है। 
अब ये मन का असर शरीर पर होने लगा

499
00:28:54,480 --> 00:28:56,160
है। 
साइकोसोमेटिक मामला बन गया है। 

500
00:28:56,160 --> 00:29:00,600
ये रिस्क की बात है और अगर ये दो 
सप्ताह लगातार चल गया तो डिप्रेशन

501
00:29:00,600 --> 00:29:03,320
हो जाएगा। 
उसके बाद डिप्रेशन की परिभाषा है 

502
00:29:03,320 --> 00:29:06,000
कि कम से कम दो सप्ताह की वो 
अवस्था हो। 

503
00:29:06,280 --> 00:29:11,720
और आप हेल्पलेसनेस पर्पसलेसनेस 
वर्थलेसनेस ये सब महसूस करें कि 

504
00:29:11,720 --> 00:29:15,200
जीवन का सार नहीं है मेरे आस पास 
कोई नहीं है, मैं अकेला हूँ, 

505
00:29:15,200 --> 00:29:19,920
निराश हूँ, अवसाद में हूँ, हताशा 
में हूँ, निर्थक हो गया हूँ। 

506
00:29:20,200 --> 00:29:23,520
अगर ये सब फीलिंग्स लगातार सस्टेन
करें तो आप डिप्रेशन में चले जाते

507
00:29:23,520 --> 00:29:26,200
हैं जो कि बहुत बुरी अवस्था होती 
है। 

508
00:29:26,240 --> 00:29:29,560
तो कभी आप को एन्क्साइटी हो, सबसे
आसान तरीका है ठीक उस समय 

509
00:29:29,560 --> 00:29:33,280
एन्क्साइटी जैसे शुरू होने लगे, 
उस विषय पर सोचना नहीं है। 

510
00:29:33,280 --> 00:29:35,880
काम इतना ही करना है, पर इतना 
आसान नहीं है। 

511
00:29:35,880 --> 00:29:38,560
आप जीस पर नहीं सोचना चाहेंगे। 
सारे विचार उसी पर आते हैं उस समय

512
00:29:39,280 --> 00:29:41,720
तो मगर मैं कहूं कि मेडिटेशन कर 
लो, वह सब उस समय होता नहीं है। 

513
00:29:41,720 --> 00:29:44,160
मुझसे तो नहीं होता है। 
आप से शायद हो जाता हूँ, मुझसे तो

514
00:29:44,160 --> 00:29:46,560
नहीं होता है। 
तो सबसे अच्छा तरीका है उस समय 

515
00:29:46,560 --> 00:29:49,520
आपको फ़िल्म देखना शुरू कर दे या 
रील्स देखना शुरू कर दे। 

516
00:29:49,520 --> 00:29:51,440
रील्स में ऐसे बहुत इंटरेस्टिंग 
इवेंट्स होते हैं। 

517
00:29:51,440 --> 00:29:55,480
1010 सेकंड के मैंने पहली बार अभी
इंस्टाग्राम चार 5 दिन पहले या 10

518
00:29:55,480 --> 00:29:59,040
दिन पहले ही डाउंलोड किया तो 1 
दिन गलती से रील चल पड़ी तो मेरा 

519
00:29:59,040 --> 00:30:03,040
बड़ा सही चीज़ है तो अब मैं दिन 
में। 

520
00:30:03,240 --> 00:30:05,640
दो चार बार, पांच 5 मिनट रील देख 
लेता हूँ। 

521
00:30:06,400 --> 00:30:08,680
उसमें बहुत जोकर टाइप के लोग भी 
होते हैं। 

522
00:30:09,040 --> 00:30:12,120
बड़ी हँसी आती है हँसी मजाक भी 
कभी डांस देख लिया, कभी देख लिया,

523
00:30:12,120 --> 00:30:16,040
लेकिन कुल बुला के मन लग जाता है।
तो अगर आप रील्स रात दिन देख रहे 

524
00:30:16,040 --> 00:30:20,880
हैं तो दिक्कत है, लेकिन 1 घंटे 
में 1 मिनट रील देख के अगर आपका 

525
00:30:20,880 --> 00:30:25,000
मन बहल जाता है तो क्या बुराइ? 
तो जब भी ऐसा एन्क्साइटी जैसा हो,

526
00:30:25,000 --> 00:30:29,080
कुछ तुरंत दिमाग बदलिए, कोई गेम 
खेल लीजिए, सबसे अच्छा है, रनिंग 

527
00:30:29,080 --> 00:30:31,760
कर लीजिए या जॉगिंग कर लीजिए या 
तेज गति से। 

528
00:30:31,760 --> 00:30:36,440
चलिए देखिए एन्क्साइटी नेगेटिव 
हार्मोन को बढ़ाएगी। 

529
00:30:37,280 --> 00:30:41,240
इतना ही करने की पॉज़िटिव हार्मोन
को ले आना है और पॉज़िटिव हार्मोन

530
00:30:41,280 --> 00:30:43,920
कैसे आते हैं? 
अगर किसी लिए मोहब्बत करते हैं 

531
00:30:43,920 --> 00:30:46,120
उसको फ़ोन कर लीजिए। 
ऑक्साइडोसिन रिलीज़ हो जाएगा 

532
00:30:46,720 --> 00:30:49,560
ऑक्साइडोसिन क्या है? 
लव हार्मोन है उससे आप अच्छा फील 

533
00:30:49,560 --> 00:30:53,800
करते हैं, ये आप ऐसा कीजिए, थोड़ा
तेज चलिए भागिये तो एंडोरफिन 

534
00:30:53,800 --> 00:30:56,080
रिलीज़ हो जाएंगे। 
एंडोरफिन का मतलब है कि एक हैप्पी

535
00:30:56,080 --> 00:30:58,520
फीलिंग आती है। 
एक्सर्साइज़ करने के बाद डिप्रेशन

536
00:30:58,520 --> 00:31:02,640
टिक ही नहीं सकता उसके सामने। 
ये डोपमाइन है जब आप अच्छे लोगों 

537
00:31:02,640 --> 00:31:05,240
से मिलेंगे, कुछ अच्छा इन्ट्रेस्ट
से काम करेंगे तो वो रिलीज़ हो 

538
00:31:05,240 --> 00:31:08,320
जायेगा। 
ये बेसिक्ली एक हार्मोन है जो 

539
00:31:08,320 --> 00:31:12,080
आपका मूड बैलेंसिंग करता है। 
ये चार हार्मोन चाहिए इन में से 

540
00:31:12,080 --> 00:31:14,240
जो सबसे आसान लगे उस समय अकेले 
हैं। 

541
00:31:14,440 --> 00:31:19,040
रनिंग चलना शुरू कर दीजिए। 
किसी ऐसे व्यक्ति के साथ ही जिससे

542
00:31:19,040 --> 00:31:20,800
प्रेम करते हैं, उसके साथ थोड़ा 
बैठ जाइए। 

543
00:31:21,360 --> 00:31:24,880
अच्छा हर्बोन आया तो शांत हो 
जायेगा, इतना ही खेल है, बस और 

544
00:31:24,880 --> 00:31:26,720
कोई ज्यादा खेल लेंगे। 
नमस्कार विकास। 

545
00:31:26,720 --> 00:31:30,920
जी नमस्कार, मैं अपने सवाल पे आने
से पहले एक बात शेयर करना चाहूंगा

546
00:31:30,920 --> 00:31:33,600
जो अभी मेरे को याद आई। 
आपने ये जो रील्स वाली बात बताई 

547
00:31:33,600 --> 00:31:35,200
सोशल मीडिया पे। 
तो? 

548
00:31:36,160 --> 00:31:39,520
मेरी मम्मी है, वो काफी कम पढ़ी 
लिखी है, ठीक है। 

549
00:31:39,600 --> 00:31:43,720
तो अभी हाल फिलहाल में कुछ छह सात
महीने पहले उन्होंने मुझे बोला कि

550
00:31:43,720 --> 00:31:47,760
मेरे को यूट्यूब चलाना सीखा। 
मैंने यूट्यूब चलाना सीखा दिया तो

551
00:31:47,760 --> 00:31:49,560
शुरू में उन्होंने कुछ कॅन्टेंट 
कॅस्यूम करा। 

552
00:31:49,560 --> 00:31:52,200
अब उनकी ये ना आदत बन गयी। 
अब उन्हें स्मार्टफोन चलाना है तो

553
00:31:52,200 --> 00:31:55,040
यूट्यूब भी चलाना है, सिर्फ 
यूट्यूब के लिए चलाना है और उनका 

554
00:31:55,200 --> 00:31:57,600
यूट्यूब चलाने का सिर्फ बहुत मकसद
है। 

555
00:31:57,600 --> 00:32:01,040
उनमे से दो सबसे मेन मकसद है। 
वो पहला मकसद है जोश टॉक्स की 

556
00:32:01,040 --> 00:32:05,000
कहानियों सुनना और दूसरा मकसद है 
डॉक्टर विकास दिव्या कीर्ति जी की

557
00:32:05,000 --> 00:32:10,520
मोटिवेशनल। 
आप उनको और। 

558
00:32:10,680 --> 00:32:14,360
मतलब मैं काफी एक्साइटेड हूँ 
क्योंकि जो एमोशन मेरी मम्मी से 

559
00:32:14,360 --> 00:32:17,360
जुड़ा हुआ है। 
वो दोनों ही एमोशन मैं ऐट ए सेम 

560
00:32:17,360 --> 00:32:21,440
टाइम अभी फील कर पा रहा हूँ तो 
शायद लड़खाड़ा जो हूँ बोलते हुए 

561
00:32:21,440 --> 00:32:26,160
या मेरे हाथों में कंपनी से आपको 
पता चल जाए मैं सवाल पे आता हूँ 

562
00:32:26,160 --> 00:32:31,640
अब आप दृष्टि आई ए एस संभाले हैं,
इतने सारे सेंटर्स हैं सैकड़ों 

563
00:32:31,640 --> 00:32:35,760
टीम मेंबर्स, हजारों एस्पिरेंट्स?
आप ये सब कैसे मैनेज करते है? 

564
00:32:35,760 --> 00:32:39,720
और आपकी जो पर्सनल लाइफ है और 
प्रोफेशनल लाइफ है, खासकर की एक 

565
00:32:41,880 --> 00:32:45,840
अध्यापक के तौर पर आप ये बैलेंस 
कैसे कर पाते है? 

566
00:32:45,920 --> 00:32:47,760
मैं ये जानना चाहता। 
हूँ। 

567
00:32:47,800 --> 00:32:50,840
चलिए दो बातें पहले तो मेरी मम्मी
को मेरी ओर से प्यार छू लीजिएगा, 

568
00:32:50,840 --> 00:32:56,280
उनके प्रणाम और मेरा शुक्रिया कह 
दीजिएगा, थैंक यू थैंक यू सर तो 

569
00:32:56,760 --> 00:32:59,920
ये अच्छा है ना कि जैसे हमारे 
पेरेंट्स जीस उम्र में है मैंने 

570
00:32:59,920 --> 00:33:02,200
अभी अपने पिताजी को उनकी उम्र 80 
साल अभी भी हुई है। 

571
00:33:02,200 --> 00:33:05,880
इसी महीने अब कुछ दिन पहले उनको 
यूट्यूब चलाना सीखा दिया है। 

572
00:33:06,840 --> 00:33:09,360
वो भी मेरे वीडियो देखना पसंद 
करते हैं लेकिन अभी एक ही और भी 

573
00:33:09,360 --> 00:33:12,920
चीजे उनको अच्छी लगती है। 
देखते हैं एक स्मार्ट टीवी उनको 

574
00:33:12,920 --> 00:33:14,760
दिलवा दिए। 
कुछ दिन पहले तो अब उनको ऐडिया हो

575
00:33:14,760 --> 00:33:17,720
गया है कि कैसे चलेगा तो फ़िल्म 
फ़िल्म देख लेते है जब उनका मन 

576
00:33:17,720 --> 00:33:22,840
करता है शॉप से वृद्ध अवस्था में 
आपकी मम्मी तो अभी वृद्ध नहीं 

577
00:33:22,840 --> 00:33:24,880
होंगे, शायद वो 50 की उम्र के आस 
पास होंगी। 

578
00:33:25,400 --> 00:33:28,560
लेकिन जैसे जैसे उम्र बढ़ती है, 
वैसे वैसे अकेलापन होते जाना 

579
00:33:28,560 --> 00:33:32,600
स्वाभाविक है। 
मम्मी इसलिए अकेली है कि वो पूरा 

580
00:33:32,600 --> 00:33:34,960
यौवन गुजार देती है। 
बच्चों की परवरिश में और बच्चे 

581
00:33:34,960 --> 00:33:40,160
बड़े हो के फिर से उड़ जाते हैं। 
जिसके लिए पीछे 2025 साल लगाए वो 

582
00:33:40,160 --> 00:33:41,880
गायब हो गया। 
आएगा भी नहीं। 

583
00:33:42,280 --> 00:33:45,040
बेशक वायदे करके जाएगी, जल्दी ही 
आऊंगा आता तो नहीं है आप भी नहीं 

584
00:33:45,040 --> 00:33:47,160
जा पाएंगे। 
सीधी सी बात है ना क्योंकि आपका 

585
00:33:47,160 --> 00:33:51,560
करियर है, नौकरी है, सब चीजें हैं
तो मम्मीयों का अकेलापन इस वजह से

586
00:33:51,560 --> 00:33:55,480
है कि जिससे उनको इतना प्रेम था, 
वो चला गया। 

587
00:33:55,920 --> 00:33:58,920
इसलिए लगभग हर मम्मी एक उम्र के 
बाद अकेली हो जाती है। 

588
00:33:59,040 --> 00:34:02,240
हाँ, अगर उसके आस पास उसकी बहन या
बाकी लोग रहते हैं तो थोड़ा सा 

589
00:34:02,400 --> 00:34:06,080
बेहतर रहता है। 
पापा लोग इसलिए अकेले होते हैं कि

590
00:34:06,080 --> 00:34:09,800
पापा लोगों की जो प्रकृति है 
उसमें बहुत भावनात्मक संबंध कायम 

591
00:34:09,800 --> 00:34:13,000
करना आसान नहीं होता है। 
एक उम्र के बाद तो बहुत मुश्किल 

592
00:34:13,000 --> 00:34:17,520
होता है और इसको नैन्सी कोडरो नाम
की एक मनोवैज्ञानिक ने दी मेल इन 

593
00:34:17,520 --> 00:34:21,199
एक्सप्रेसिवनेस नाम से एक थीसिस 
लिखा है इसके बारे में की पुरुष 

594
00:34:21,199 --> 00:34:24,719
की प्रकृति में एमोशनल बॉन्डिंग्स
बनाना एमोशनली खुद को एक्सप्रेस 

595
00:34:24,719 --> 00:34:28,639
करना आसान नहीं है। 
छोटा बच्चा तो ठीक है, आप लड़के 

596
00:34:28,639 --> 00:34:31,080
जो है आप भी देखेंगे। 
जब यहाँ पर कोई पार्टी वार्टी 

597
00:34:31,080 --> 00:34:33,679
होगी, लड़की जीतने आराम से डांस 
कर लेंगे लड़के आमतौर पे चपने ठीक

598
00:34:33,679 --> 00:34:37,080
करते हुए पाए जाएंगे या पानी के 
ग्लास ठीक करते हुए पाए जाएंगे 

599
00:34:37,080 --> 00:34:39,639
क्योंकि वो अभी आपकी उम्र फिर भी 
यंग है। 

600
00:34:39,760 --> 00:34:44,480
आगे चल के ये और ज्यादा आपके साथ 
होने वाला है की एमोशनल मामलों 

601
00:34:44,480 --> 00:34:46,040
में आप बहुत एक्सप्रेसिव नहीं रह 
पाएंगे। 

602
00:34:46,080 --> 00:34:48,760
सामान्य बात है। 
अगर ऐसा है तो आप नॉर्मल है, वो 

603
00:34:48,760 --> 00:34:52,880
चिंता की बात नहीं है। 
नॉर्मल बात है ये तो हम सब के 

604
00:34:52,880 --> 00:34:56,440
पेरेंट्स की नियति है कि वो बहुत 
अकेले हो जाने वाले हैं और 30 साल

605
00:34:56,440 --> 00:34:58,760
बाद आपकी भी वो नियति होने वाली 
है, है ना? 

606
00:34:59,720 --> 00:35:02,440
उस अकेलापन को भरने के क्या उपाय 
हो सकते हैं? 

607
00:35:02,440 --> 00:35:06,760
तो अब इसलिए आप देखेंगे बूढ़े लोग
बहुत। 

608
00:35:07,480 --> 00:35:10,280
हमेशा चौकन्ने रहते हैं। 
कोई बच्चा आस पास से पकड़ लेते 

609
00:35:10,280 --> 00:35:14,400
हैं बात करने के लिए और बच्चे 
उतने ही सावधानी से निकलते हैं आस

610
00:35:14,400 --> 00:35:19,200
पास से कि पकड़ ना ले। 
ये दिक्कत क्या है कि वो अकेलापन 

611
00:35:19,200 --> 00:35:21,520
से उगता चूके हैं, उन्हें कोई 
चाहिए बात करने के लिए? 

612
00:35:21,920 --> 00:35:25,480
और बच्चे के जीवन में अकेलापन का 
अभिनय अब तक वो तो मस्त है, एकदम 

613
00:35:25,480 --> 00:35:28,640
उसका पूरा गैंग है, गैंग के साथ 
मस्त रहता है, वो समझ ही नहीं 

614
00:35:28,640 --> 00:35:31,760
सकता। 
उस बात को तो रील्स हो, यूट्यूब 

615
00:35:31,760 --> 00:35:34,920
हो, सोशल मीडिया हो, सोशल मीडिया 
को गालियां हर आदमी देता है और 

616
00:35:34,920 --> 00:35:38,640
देख देख के गाली देता है, उसको और
गाली दूंगा और देखूंगा इस तरह से 

617
00:35:38,640 --> 00:35:41,600
चलता है तो भाई अरे क्या दिक्कत 
है? 

618
00:35:41,720 --> 00:35:47,560
अति अति की दिक्कत है ना? 
अति अति मत कीजिए, लेकिन अगर मेरे

619
00:35:47,560 --> 00:35:51,560
पिताजी दिन में 1-2 घंटे टी वि 
यूट्यूब देख के उनका मन बहल जाता 

620
00:35:51,560 --> 00:35:55,360
है, आपकी माता जी को ऐसा होता है 
तो इससे बेहतर क्या हो सकता है? 

621
00:35:55,360 --> 00:35:57,240
है ना? 
तो सोशल मीडिया एक बहुत ही 

622
00:35:57,640 --> 00:36:01,360
धन्यवाद करने वाली चीज़ है और जोश
स्टॉक्स की भूमिका में सच में 

623
00:36:01,360 --> 00:36:03,600
बड़ी है। 
दूसरी बात आपकी ये है की दृष्टि 

624
00:36:03,600 --> 00:36:06,320
इतना बड़ा सेटअप है, आप कैसे 
संभाले हैं? 

625
00:36:06,800 --> 00:36:09,600
सच बात तो ये है की अपने आप 
संभलता है, मैं संभालना नहीं हूँ 

626
00:36:09,760 --> 00:36:13,920
अपने आप संभल जाता है और मुझे एक 
कहानी में बड़ा गहरा यकीन है। 

627
00:36:14,640 --> 00:36:16,680
एक हमारे मित्र सुनाये करते थे वो
कहानी। 

628
00:36:17,640 --> 00:36:20,560
देखिये सच बात ये है की इस दुनिया
में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है की

629
00:36:20,560 --> 00:36:23,040
जिसके बिना दुनिया एक सेकंड भी 
रुकने वाली है। 

630
00:36:23,880 --> 00:36:27,280
ये एहसास बना रहे तो ठीक रहता है 
वरना आदमी ज्यादा घौंस में रहता 

631
00:36:27,280 --> 00:36:30,640
है और 1 दिन पता लगता है की वो 
नहीं रहा। 

632
00:36:31,240 --> 00:36:34,880
क्या हो जाता है उससे कितने 
प्रधानमंत्री, हमारे देश में 

633
00:36:34,880 --> 00:36:38,120
कितने राष्ट्रपति अमेरिका में? 
जिनके बारे में हम सोचते थे कि 

634
00:36:38,120 --> 00:36:40,120
दुनिया चल नहीं पाएगी, उनके बिना 
वो चले गए। 

635
00:36:40,320 --> 00:36:44,720
दुनिया चल रही है तो एक कहानी 
मेरे दोस्त से सुनाया करते थे कि 

636
00:36:44,720 --> 00:36:49,160
एक कुत्ता था। 
एक बैल के बैल गाड़ी के नीचे नीचे

637
00:36:49,160 --> 00:36:53,320
चल रहा था। 
एक बार तो काफी देर चलता रहा, 

638
00:36:53,320 --> 00:36:57,360
उसके ऊपर चल रही है। 
और धीरे धीरे उसपे कॉन्फिडेंस हो 

639
00:36:57,360 --> 00:37:02,640
गया कि बैल गाड़ी मेरी वजह से चल 
रही है और बाद में उसने सबको धौंस

640
00:37:02,640 --> 00:37:06,360
दिखाने के लिए बोला। 
अब दिखाता हूँ वो रुक गया तो बैल 

641
00:37:06,360 --> 00:37:13,720
गाड़ी चली गई। 
ऐसी मैं दृष्टि चला रहा हूँ, है 

642
00:37:13,840 --> 00:37:16,800
ना? 
मैं नहीं चला रहा हूँ भाई, मैं 

643
00:37:16,800 --> 00:37:20,560
नहीं चला रहा हूँ। 
1200 लोग मनेजमेंट में काम करते 

644
00:37:20,560 --> 00:37:24,320
हैं, करीब 80 के आस पास टीचर्स 
हमारे साथ काम करते हैं। 

645
00:37:25,160 --> 00:37:31,120
1280 समझदार, विवेकशील व्यक्ति 
हैं, अपने विवेक से अपना अपना काम

646
00:37:31,120 --> 00:37:34,280
संभाल लेते हैं। 
मेरा काम सिर्फ इतना है मुखिया 

647
00:37:34,280 --> 00:37:38,200
होने के नाते की जहाँ जहाँ कोई 
दिक्कत हो उसको ठीक कर देना और 

648
00:37:38,240 --> 00:37:41,520
हमने इस बीच में काफी सीखा भी 
क्योंकि मैंने मनेजमेंट ऐसी पढ़ी 

649
00:37:41,520 --> 00:37:43,600
नहीं है कहीं से। 
हालांकि मैंने आइआइटी दिल्ली से 

650
00:37:43,760 --> 00:37:45,600
मनेजमेंट का एक छोटा सा कोर्स 
किया है। 

651
00:37:45,600 --> 00:37:48,920
सर्टिफिकेट कोर्स किया है। 
पर वो तो मैंने अभी दो 3 साल पहले

652
00:37:48,920 --> 00:37:52,040
किया है और कंपनी तो मैं 23 साल 
से 24 साल से चला रहा हूँ तो इस 

653
00:37:52,040 --> 00:37:53,760
समय पहले उसके बिना ही चला रहा 
था। 

654
00:37:54,800 --> 00:37:59,560
हमने मतलब पत्थर रगड़ रगड़ के 
चिंगारिया निकालना सीखा है। 

655
00:38:00,200 --> 00:38:03,640
लाइटर हमें मिले नहीं, कभी माचिस 
मिले नहीं, कभी तो हमने चिंगारिया

656
00:38:03,640 --> 00:38:05,560
निकाल निकाल के सीखा और धीरे धीरे
सीख गए। 

657
00:38:06,560 --> 00:38:10,000
शुरू में हमने पर्सन केन्द्रिक 
सिस्टम बनाया जिसमे मैं केंद्र 

658
00:38:10,000 --> 00:38:12,040
में था। 
मैं अकेला टीचर था। 

659
00:38:12,320 --> 00:38:17,920
19199 से लगभग 2011 तक मैं अकेला 
टीचर था या एक दो टीचर्स और थे, 

660
00:38:17,920 --> 00:38:21,680
लेकिन मुख्य भूमिका में मैं रहता 
था हिंदी साहित्य मैं ही पढ़ाता 

661
00:38:21,680 --> 00:38:25,160
था फिलॉसोफी पूरा मैं पढ़ाने लग 
गया था आखिरी चार 5 साल में। 

662
00:38:25,760 --> 00:38:28,960
निबंध में पढ़ाता था। 
इंटरव्यू में पढ़ाता था अकेला 

663
00:38:28,960 --> 00:38:33,480
टीचर एक तरह से मैं था कुल स्टाफ 
कितना था, तीन या चार लोगों का 

664
00:38:33,480 --> 00:38:37,080
था, कुटीर उद्योग चल रहा था, 
हमारा छोटा सा चार पांच लोग काम 

665
00:38:37,080 --> 00:38:39,760
करते थे। 
मैं सुबह क्लास में घुसता था, 3 

666
00:38:39,760 --> 00:38:41,840
घंटे बाद निकलता था, फिर 1 घंटे 
में घुस जाता था। 

667
00:38:42,160 --> 00:38:44,640
दिन में तीन बार 3 घंटे के लिए 
क्लास में घुसता था। 

668
00:38:44,720 --> 00:38:48,320
कभी कभी और ज्यादा समय के लिए दिन
में 15 या 18 घंटे तक भी पढ़ाना 

669
00:38:48,320 --> 00:38:51,080
पड़ता था। 
उस समय उस दौर में अगर एग्ज़ैम 

670
00:38:51,280 --> 00:38:56,360
पास हो, बाद में हमने इस बात को 
रियलाइज किया कि एक अकेला व्यक्ति

671
00:38:56,360 --> 00:39:00,040
कितना काम करेगा? 
और मेरी सबसे बड़ी कमी थी कि मैं 

672
00:39:00,040 --> 00:39:02,640
डेलिगेट नहीं कर पाता था, क्योंकि
मैं पर्फेक्शनिस्ट था। 

673
00:39:02,800 --> 00:39:04,560
ये मैं आपको समझाना चाह रहा हूँ। 
आप में से दो दो लोग 

674
00:39:04,560 --> 00:39:09,480
पर्फेक्शनिस्ट हैं, आप अपनी 
जिंदगी को दोजक बना रहे हैं, नरक 

675
00:39:09,480 --> 00:39:13,800
बना रहे हैं, पर्फेक्शनिस्म में 
क्या होता है कि व्यक्ति एक तो 

676
00:39:13,800 --> 00:39:17,760
खुद को बहुत ही इस मारखा समझता है
कि ये जो काम मैं जितना अच्छा 

677
00:39:17,760 --> 00:39:20,720
करता हूँ ना बाकी लोग कर नहीं 
पाएंगे? 

678
00:39:21,080 --> 00:39:23,600
कभीकभी वो ठीक भी है इस मामले में
कि एग्ज़ैक्ट्ली वैसा नहीं कर पा 

679
00:39:23,600 --> 00:39:26,120
रहे हैं। 
ठीक बात है लेकिन वो नहीं कर पा 

680
00:39:26,120 --> 00:39:27,880
रहे इसलिए भी क्योंकि आपने चांस 
दिया ही नहीं। 

681
00:39:27,880 --> 00:39:32,120
उनको जब 10 बार कर लेंगे तो कर 
लेंगे आपके जैसा तो मैं 

682
00:39:32,120 --> 00:39:35,200
पर्फेक्शनिस्ट व्यक्ति था, एक 
जमाने पे तो मैं डेलिगेट कर ही 

683
00:39:35,200 --> 00:39:38,240
नहीं पाता था, मुझे लगता था कि 
कहाँ कर पाएंगे ये लोग ऐसा काम? 

684
00:39:39,240 --> 00:39:43,200
आपको थोड़ा सा लापरवाह होना पड़ता
है तब आप डेलिगेट कर पाएंगे। 

685
00:39:43,960 --> 00:39:48,040
फिर मैंने डेलिगेट करना शुरू 
किया, अच्छे लोग मिलते गए, कारवां

686
00:39:48,040 --> 00:39:52,680
बनता गया और अब तो स्थिति ये है 
कि लगभग सब कुछ मैंने डेलिगेट कर 

687
00:39:52,680 --> 00:39:55,160
रखा है। 
मैं अक्सर बोलता हूँ कि दृष्टि 

688
00:39:55,160 --> 00:39:56,760
में मेरी स्थिति राष्ट्रपति वाली 
है। 

689
00:39:57,400 --> 00:39:59,120
प्रधानमंत्री और मंत्री बाकी लोग 
हैं। 

690
00:40:00,080 --> 00:40:03,240
तो मैं तो केवल रबर स्टाम्प की 
तरह सिस्टम साइन कर देता हूँ, 

691
00:40:03,240 --> 00:40:06,080
बाकी लोग सब काम करते हैं। 
सब लोग बड़ा अच्छा काम करते हैं 

692
00:40:06,080 --> 00:40:10,240
तो ये जरूर मैंने इसमें कोशिश की 
कि जो हेच आर मनेजमेंट है अच्छा 

693
00:40:10,240 --> 00:40:13,800
मेरी एक समझ ये भी है कि मनेजमेंट
का बेसिक मतलब केवल हेच आर 

694
00:40:13,800 --> 00:40:16,400
मनेजमेंट है। 
बाकी सब बेकार की बातें होती हैं।

695
00:40:16,600 --> 00:40:20,160
अगर आप एक बढ़िया टीम बना सकते 
हैं और उस टीम को साथ में लेकर चल

696
00:40:20,160 --> 00:40:24,400
सकते हैं बाकी सब अपने आप हो जाता
है, कुछ नहीं करना है आपको और एक 

697
00:40:24,400 --> 00:40:28,000
अच्छा लीडर वो है जो अपने से 
अच्छे लोगों को साथ में ले आता है

698
00:40:29,080 --> 00:40:31,840
और जैसे हमारी मीडिया एक टीम है। 
उसमें मीडिया में जो व्यक्ति 

699
00:40:32,200 --> 00:40:34,040
सर्वोच्च पद पे है वो मुझसे 
ज्यादा जानता है। 

700
00:40:34,040 --> 00:40:37,280
मीडिया के बारे में मैं कैसे 
जानूंगा उतना टेक्नोलॉजी में जो 

701
00:40:37,280 --> 00:40:40,680
हमारा चीफ है, उसके सामने मुझे 
कहाँ कुछ आता है? 

702
00:40:40,680 --> 00:40:45,080
टेक्नोलॉजी में 1% भी नहीं आता तो
मेरा काम क्या है? 

703
00:40:45,080 --> 00:40:48,440
अच्छे लोगों को लाना, उन सब को ये
एहसास करवाना कि वो ठीक जगह है। 

704
00:40:48,640 --> 00:40:53,560
उनकी जायज समस्याओं को सुनना, 
समाधान करना ये काम करना है। 

705
00:40:53,640 --> 00:40:57,520
अपने से बेहतर व्यक्तियों को ला 
के उन सब को आपस में जोड़ देना तो

706
00:40:57,520 --> 00:41:00,400
ये जरूर हमने किया कि हमने 
सिस्टमिक एप्रोच पे काम किया, 

707
00:41:00,400 --> 00:41:04,080
इंडीविजुअल सेंट्रिक एप्रोच पे 
काम किया, मैंने करीब 5 साल पहले 

708
00:41:04,080 --> 00:41:07,520
दृष्टि का संविधान लिखा जिसमें 
एम्प्लोयी हैंडबुक उसको हम बोलते 

709
00:41:07,520 --> 00:41:11,360
हैं सारे रूल्स रेगुलेशन 
छुट्टियों के और जो भी मतलब 

710
00:41:11,360 --> 00:41:14,680
टीएडीए। 
जो भी हो सकता है अटेंडेंस वगैरह,

711
00:41:14,680 --> 00:41:18,000
वो सब हिंदी में भी इंग्लिश में 
भी सारे स्टाफ को प्रोवाइड करवाया

712
00:41:18,000 --> 00:41:21,200
था कि इस सिस्टम में आ जाए। 
एस ओह पीएस के लेवल पर आ जाए। 

713
00:41:21,920 --> 00:41:25,520
फिर हेनारिक स्ट्रक्चर हमने एक 
बहुत विस्तृत रूप से बनाया। 

714
00:41:25,840 --> 00:41:30,120
मनेजमेंट के 14 लेवल्स हमारे यहाँ
होते हैं और लगभग हर एक 2 साल 

715
00:41:30,120 --> 00:41:32,320
में। 
हर अच्छा काम करने वाले व्यक्ति 

716
00:41:32,320 --> 00:41:34,360
का प्रमोशन हो ही जाता है। 
साल में 1 दिन निश्चित है 

717
00:41:34,360 --> 00:41:38,680
प्रोमोशंस जो व्यक्ति बहुत शानदार
काम करता है उसको दो, तीन प्रमोशन

718
00:41:38,680 --> 00:41:42,440
एक साथ भी मिल सकती है। 
जो काम नहीं अच्छा कर रहा है उसको

719
00:41:42,440 --> 00:41:45,960
शायद 3 साल तक भी प्रमोशन नहीं 
मिलेंगे और हम कोशिश करते हैं कि 

720
00:41:45,960 --> 00:41:49,960
ऑब्जेक्टिव बेसिस पे फैसले करें, 
सैलरी हैक हो, प्रमोशन हो, आंधी, 

721
00:41:49,960 --> 00:41:54,360
आंधी, आंधी नौकरी से निकालना 
दृष्टि के कल्चर में आमतौर पर 

722
00:41:54,360 --> 00:41:59,400
जीरो के आसपास होता है। 
हम शायद साल भर में 1000 में से 

723
00:41:59,400 --> 00:42:03,240
एक आध व्यक्ति को निकालते होंगे। 
जब ऐसी परिस्थितियां बन जाएँगी, 

724
00:42:03,240 --> 00:42:07,320
कोई रास्ता ना बचे तो हमें लोग 
कहते भी हैं कि दृष्टि में नौकरी 

725
00:42:07,320 --> 00:42:10,680
करना सरकारी नौकरी जैसा है। 
वो कहते हैं, इस भाव से कितनी 

726
00:42:10,680 --> 00:42:13,120
बुरी बात है? 
मैं इसको एक कॉंप्लिमेंट के रूप 

727
00:42:13,120 --> 00:42:15,720
में लेता हूँ कि लोग इतनी सुरक्षा
महसूस करते हैं। 

728
00:42:15,720 --> 00:42:17,200
दृष्टि में तो वो एक अच्छी बात 
है। 

729
00:42:17,480 --> 00:42:19,640
अच्छे से काम करे। 
डरने की जरूरत ही क्या है? 

730
00:42:20,480 --> 00:42:23,880
तो कुल मिलाके हो जाता है सब लोग 
बहुत सारे हैं, अच्छा काम कर रहे 

731
00:42:23,880 --> 00:42:26,080
हैं। 
टीचर्स जीतने अच्छे टीचर्स आई है 

732
00:42:26,080 --> 00:42:28,800
इसकी दुनिया में है। 
लगभग लगभग वो सारे दृष्टि में 

733
00:42:28,800 --> 00:42:33,480
पढ़ाते हैं, इतने शानदार लोग हैं 
और ये जरूर है कि जब से मैं इस सब

734
00:42:34,080 --> 00:42:38,120
चीजों में उलझा हूँ, मुझे टीचिंग 
का टाइम कब मिलता है? 

735
00:42:38,240 --> 00:42:42,480
जो मेरी पहली मोहब्बत है, मेरी 
पहली मोहब्बत टीचिंग है, क्लासरूम

736
00:42:42,480 --> 00:42:46,040
में चला जाता हूँ तो 3 घंटे मुझे 
लगता है कि मैं स्पिरिचुअल स्थिति

737
00:42:46,040 --> 00:42:50,520
में हूँ, मेडिटेशन कर रहा हूँ। 
वो कम हो गया है क्योंकि मुझे काम

738
00:42:50,520 --> 00:42:54,000
नहीं करना पड़ता है लेकिन हर समय 
चौकन्ना रहना पड़ता है कि कभी कोई

739
00:42:54,000 --> 00:42:57,040
दिक्कत आई तो सॉल्व करना पड़ेगा। 
दिक्कत आमतौर पर आती नहीं है। 

740
00:42:57,760 --> 00:43:01,640
उदाहरण से समझना हो तो ट्रैन में 
जाएंगे तो चैन लगी होती है। 

741
00:43:01,640 --> 00:43:04,560
ऊपर खींचने वाली तो मैं दृष्टि 
में वो चैन हूँ। 

742
00:43:05,880 --> 00:43:09,080
ट्रैन चल रही है। 
जब तक चैन नहीं खिचेगी ट्रैन चलती

743
00:43:09,080 --> 00:43:12,800
जाएगी, चैन खिचेगी तो काम करना 
पड़ेगा, चैन खींचती है। 

744
00:43:12,800 --> 00:43:16,600
हफ्ते में एक आध बार तब मैं संभाल
लेता हूँ पर वो चैन कब खिचेगी 

745
00:43:16,600 --> 00:43:19,440
पहले पता नहीं होता तो चौंकन्ना 
रहना होता है। 

746
00:43:19,440 --> 00:43:24,960
24/7 जब जब चैन खींचती है, मैं हो
जाता हूँ और ऐसी दुनिया चल रही 

747
00:43:24,960 --> 00:43:26,960
है। 
दुनिया में कोई ऐसा नहीं है कि 

748
00:43:26,960 --> 00:43:31,040
उसकी वजह से दुनिया चल रही हो। 
बैल गाड़ी चल रही है तो नीचे नीचे

749
00:43:34,280 --> 00:43:36,280
हीरो बन जाते है सर। 
मेरा ना? 

750
00:43:36,280 --> 00:43:39,320
इसी में एक फॉलो अप क्वेश्चन है 
कि जैसे आपने परफेक्शन वर्सस 

751
00:43:39,360 --> 00:43:43,160
डेलिगेशन की बात करी तो डेलिगेट 
करने के बाद। 

752
00:43:43,760 --> 00:43:46,120
दृष्टि लगातार बहुत ऊचाईयां छू 
रहा है। 

753
00:43:46,240 --> 00:43:48,760
बहुत ही अच्छी बात है क्योंकि 
आपने बहुत अच्छी टीम बनाई। 

754
00:43:49,240 --> 00:43:52,400
इसके अलावा। 
आप अपने आप। 

755
00:43:52,400 --> 00:43:56,520
काफी फ्री हो गए होंगे। 
फिर तो आप अपने दिन को प्रोडक्टिव

756
00:43:56,520 --> 00:43:58,320
कैसे करते हो? 
आपका पूरा दिन दिखता कैसे है? 

757
00:43:58,360 --> 00:44:01,760
सुबह से लेके रात के सोने तक आप 
अपने दिन पूरे टाइम को प्रोडक्टिव

758
00:44:01,760 --> 00:44:03,200
कैसे बनाते हो? 
जहाँ तक बात। 

759
00:44:03,200 --> 00:44:05,160
है की मैं अपना दिन कैसे मैनेज 
करता हूँ। 

760
00:44:05,160 --> 00:44:08,640
आप शायद सुनना चाह रहे है की मैं 
सुबह 5:00 बजे उठ के सैर पे जाता 

761
00:44:08,640 --> 00:44:12,080
हूँ और मेरे 772 लोग चलते है। 
मुझे रिपोर्ट देते है दिन भर की 

762
00:44:12,080 --> 00:44:21,280
ऐसा ऐसा कुछ नहीं होता है मेरे 
मेरे जीवन में, मेरे मेरे जीवन 

763
00:44:21,280 --> 00:44:23,840
में। 
मेरे जीवन में ऐसा कुछ भी नहीं 

764
00:44:23,840 --> 00:44:26,680
है। 
मैं सुबह आराम से नौ, साढ़े 9:10 

765
00:44:26,680 --> 00:44:31,320
बजे उठता हूँ, एक दम आराम से उठता
हूँ, कोई क्लास या जरूरी मीटिंग 

766
00:44:31,320 --> 00:44:33,920
ना हो तो 10:00 बजे उठता हूँ, 
जरूरी मीटिंग वगैरह हो तो 9:00 

767
00:44:33,920 --> 00:44:36,800
बजे उठ जाता हूँ। 
उसके पहले मैं अवॉइड करता हूँ, जब

768
00:44:36,800 --> 00:44:41,560
तक क्राइसिस ना हो नहीं उठता हूँ।
फिर मैं सुबह 11:00 बजे। 

769
00:44:41,720 --> 00:44:44,280
हमारे घर में नियम है कि हम सब 
लोग मिलकर नाश्ता करते हैं, मेरे 

770
00:44:44,280 --> 00:44:46,360
पिताजी होते हैं और बाकी सब लोग 
होते हैं। 

771
00:44:46,360 --> 00:44:49,640
मतलब जो जो लोग उस समय घर में है,
बच्चा तो नहीं होते तो हम लोग 

772
00:44:49,640 --> 00:44:53,000
नाश्ता करते हैं, फिर एक आधा घंटा
गप मारते हैं, बढ़िया से दिन भर 

773
00:44:53,000 --> 00:44:56,920
की गप मार लेते हैं, उसी समय तो 
11 से 12 कभी कभी साढ़े 12 गप 

774
00:44:56,920 --> 00:45:00,480
चलाते हैं। 
उसके बाद फिर मैं अगर पहले नहा 

775
00:45:00,480 --> 00:45:03,240
लिया हूँ तो तैयार होके चला जाता 
हूँ नहीं तो उसके आधे घंटे बाद 

776
00:45:03,240 --> 00:45:06,960
फिर नहाता हूँ फिर ऑफिस जाता हूँ 
मेरा ऑफिस जाने का टाइम कुछ फिक्स

777
00:45:06,960 --> 00:45:10,120
नहीं होता है इसलिए मेरे ऑफिस के 
लोग मेरी मीटिंग एक से पहले कभी 

778
00:45:10,120 --> 00:45:12,440
नहीं रखते हैं। 
जैसे आज भी मैं 3:00 बजे आया हूँ 

779
00:45:12,440 --> 00:45:16,800
यहाँ पर इसमें ये तो ब्य चांस आप 
ही ने 3:00 बजे बोला मुझे खुश हो 

780
00:45:17,240 --> 00:45:19,800
गया। 
अगर आप 10:00 बजे बोलते भी तो मैं

781
00:45:19,800 --> 00:45:22,040
3:00 बजे करवाता किसी तरह से 
क्योंकि मेरे लिए बड़ा मुश्किल 

782
00:45:22,040 --> 00:45:27,640
होता उससे पहले तो मैं 1:00 बजे 
और फिर जाता हूँ एक से दो तक में 

783
00:45:27,640 --> 00:45:31,960
जरूरी मीटिंग्स अगर कोई हो तो वो 
पूरी कर लेता हूँ उसके बाद कोई 

784
00:45:31,960 --> 00:45:36,440
काम होता ही नहीं मेरे पास फिर 
मैं कुछ कुछ अपने काम करने लग 

785
00:45:36,440 --> 00:45:39,120
जाता हूँ। 
या ऑफिस में जो मनेजमेंट के 

786
00:45:39,120 --> 00:45:42,880
सीनियर लोग है, किसी को पकड़ लेता
हूँ, बुला लेता हूँ, उससे गप 

787
00:45:42,880 --> 00:45:47,480
मारने लगता हूँ, गप मारते मारते 
समझता हूँ कि क्या चल रहा है, सब 

788
00:45:47,480 --> 00:45:52,000
कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है और 1
घंटे की गप से ह्यूमन रिलेशन्स 

789
00:45:52,000 --> 00:45:54,440
वाली बॉन्डिंग हो जाती है। 
उसको ये भरोसा होता है कि मुझ पर 

790
00:45:54,440 --> 00:45:56,520
बहुत। 
ध्यान दिया जा रहा है जबकि मैं तो

791
00:45:56,520 --> 00:46:00,320
अपनी बोरियत दूर करने के लिए उसको
बुला के बात कर रहा हूँ तो ऐसे 

792
00:46:00,320 --> 00:46:03,680
में दिन में तीन चार सीनियर 
मेंबर्स को बुला के अपनी बोरियत 

793
00:46:03,680 --> 00:46:08,120
दूर करता हूँ और इससे ये एहसास और
घना हो जाता है कि हम सब मिल के 

794
00:46:08,120 --> 00:46:11,520
काम कर रहे हैं। 
फिर शाम को मैं सबको बुला लेता 

795
00:46:11,520 --> 00:46:13,400
हूँ। 
एक साथ जीतने भी सात आठ सीनियर 

796
00:46:13,400 --> 00:46:14,920
मोस्ट लोग है। 
कैबिनेट के समझ लीजिए। 

797
00:46:15,600 --> 00:46:18,640
हम सब मिलके एक ब्लैक कॉफ़ी साथ 
में पी लेते हैं। 

798
00:46:19,480 --> 00:46:21,720
मतलब मैं ब्लैक कॉफ़ी पीता हूँ, 
वो भी आम तौर पे पी लेते हैं। 

799
00:46:21,720 --> 00:46:25,640
कभी कुछ और पीना चाहे वो पी ले तो
हम आधा पौना घंटा सामान्य बात से 

800
00:46:25,800 --> 00:46:29,640
फांसी ठाके मार लेते हैं, फिर 
ठेके मारने के बाद मैं निकल जाता 

801
00:46:29,640 --> 00:46:34,200
हूँ ऑफिस से वो लोग थोड़े रहते 
हैं उसके बाद। 

802
00:46:34,320 --> 00:46:43,840
वो फिर अपनी अपनी अंडर, जो उनके 
साथ हांके मारते हैं और और इस तरह

803
00:46:43,840 --> 00:46:47,520
से हमारा कान चल जाता है और महीने
दो महीने में टीचर्स जीतने भी 

804
00:46:47,520 --> 00:46:48,960
हैं। 
एक सेंटर पे उन सबको बुला लेता 

805
00:46:48,960 --> 00:46:53,160
हूँ डिन्नर पे फिर अम्मा ढाके मार
लेते हैं, वो सब भी खुश रहते हैं।

806
00:46:53,720 --> 00:46:57,000
फिर मैं जब घर चला जाता हूँ तो 
मैं जनरलली एक घंटा सैर जरूर करता

807
00:46:57,000 --> 00:47:02,680
हूँ और वो आम तौर पे रात को 12-1 
बजे के आसपास कभी एक से दो कभी 11

808
00:47:02,680 --> 00:47:06,920
से 12 मतलब जब लोग सड़क पे निकलना
बंद कर दें उस समय ताकि ज्यादा 

809
00:47:06,920 --> 00:47:10,480
लोग मिले नहीं, डिस्टर्ब ना करें 
सोसाइटी के अंदर ही करता हूँ। 

810
00:47:10,520 --> 00:47:13,440
तो मैं सर्दियों में भी जैसे आज 
कल सर्दियों में तब भी जैसे कल भी

811
00:47:13,440 --> 00:47:15,160
मैंने करीब साढ़े 11, साढ़े 12 तक
सैर की। 

812
00:47:15,160 --> 00:47:19,840
रात को वो मेरा रूटीन है। 
वो एक घंटा ऐसा है कि उसमें वो 

813
00:47:19,840 --> 00:47:21,520
क्या एंडोर्फेंस रिलीज़ करवा लेता
हूँ। 

814
00:47:21,520 --> 00:47:24,800
थोड़े से एंडोर्फेंस रिलीज़ होने 
से मन बड़ा निश्चिंत रहता है, 

815
00:47:24,800 --> 00:47:28,680
बड़ी खुशी होती है। 
और तब हमारे जो मनेजमेंट के 

816
00:47:28,680 --> 00:47:31,680
सीनियर मोस्ट मेंबर है, मेरे एक 
दम बात जो डेप्युटी सीई ओह हैं, 

817
00:47:31,680 --> 00:47:35,080
विवेक नाम है उनका। 
वो उस समय मेरे साथ सोते हैं और 

818
00:47:35,080 --> 00:47:38,000
वो कम से कम आधा घंटा रहते हैं और
दिन भर का ब्रीफ करके अगर कोई 

819
00:47:38,000 --> 00:47:40,400
मामला फंसा हो तो वही फैसला हो 
जाता है। 

820
00:47:40,880 --> 00:47:45,000
सैर पे ही सैर के बाद मैं घर जाता
हूँ आमतौर पे 12:00 बजे। 

821
00:47:45,520 --> 00:47:49,640
12 से तीन तक मैं पढ़ता हूँ, रोज़
क्या पढ़ता हूँ मुझे भी नहीं पता 

822
00:47:49,640 --> 00:47:53,360
होता, लेकिन कुछ ना कुछ पढ़ता हूँ
अगर पहले से तय है जैसे मान लो 

823
00:47:53,360 --> 00:47:56,360
किसी विषय पर वीडियो बनाना है। 
मुझे रिसर्च करनी है तो रिसर्च 

824
00:47:56,360 --> 00:47:59,000
करता हूँ। 
कभी कभी ऐसा होता है की रिसर्च का

825
00:47:59,000 --> 00:48:01,680
कोई इमीडियेट टॉपिक सामने नहीं है
तो मैं कोई भी किताब मेरे पास 

826
00:48:01,680 --> 00:48:04,640
मतलब उस स्टडी रूम में करीब डेढ़ 
1000 बुक्स होंगी। 

827
00:48:04,640 --> 00:48:08,520
मेरे ख्याल से तो उनमें से कोई एक
बुक उठा लेता हूँ जो मुझे लगता है

828
00:48:08,520 --> 00:48:12,040
कि इस समय पढ़ना ठीक रहेगा या नेट
पर ही कुछ निकाल लेता हूँ। 

829
00:48:13,080 --> 00:48:15,800
3:00 बजे मैं पढ़ने के बाद सोता 
हूँ ये मेरा सामान्य रूटीन है अगर

830
00:48:15,800 --> 00:48:19,920
मैं दो 3 घंटे रात को ना पढूं तो 
मैं बेचैन हो जाता हूँ। 

831
00:48:20,440 --> 00:48:24,880
एन्क्साइटी होने लगती है तो पढ़ाई
ना हो और सैर ना हो। 

832
00:48:25,000 --> 00:48:28,720
और सुबह नाश्ते पर परिवार से लंबी
बात ना हो तो मुझे लगता है कि 

833
00:48:28,720 --> 00:48:32,080
मेरा दिन अधूरा चला गया तो मेरे 
दिन को पूरा करने के यही तीन 

834
00:48:32,080 --> 00:48:34,480
जरूरी काम है। 
बाकी तो मैं मौज मस्ती के लिए 

835
00:48:34,480 --> 00:48:38,160
सबसे बात करके हँसी मजाक करता 
रहता हूँ और दृष्टि ऐसी चल रही 

836
00:48:38,160 --> 00:48:43,600
है। 
सरकारी स्कूलों की शिक्षा 

837
00:48:43,600 --> 00:48:47,960
व्यवस्था कैसी है? 
हम सब को पता है और इसलिए जब आप 

838
00:48:47,960 --> 00:48:51,080
सब अपने बच्चों को अंग्रेजी 
माध्यम के ही स्कूल में भेजेंगे 

839
00:48:51,920 --> 00:48:54,560
और आज से 30 साल बाद फिर मुझसे 
पूछेंगे की हिंदी का रिसाल्ट 

840
00:48:54,560 --> 00:48:58,960
अच्छा क्यों नहीं आ रहा है तो मैं
कहूंगा इसकी वजह केवल मैं नहीं 

841
00:48:59,520 --> 00:49:01,760
इसकी वजह यु पीएससी की तैयारी 
करने। 

842
00:49:02,040 --> 00:49:04,720
की प्रक्रिया नहीं। 
मेरी शुरू से ही धारणा रही है कि 

843
00:49:04,720 --> 00:49:08,640
कोई अच्छा कॉलेज इसलिए अच्छा नहीं
होता कि वहाँ टीचर्स वो इसलिए 

844
00:49:08,640 --> 00:49:12,600
अच्छा होता क्योंकि वहाँ बच्चे 
अच्छे होते हैं और ये बात एजुकेशन

845
00:49:12,600 --> 00:49:14,560
में स्थापित सिद्धांतों में से एक
है। 

846
00:49:14,600 --> 00:49:19,040
संस्थानों का चुनाव कैसे करें? 
जो बहुत बड़े हैं, फेमस हैं वो 

847
00:49:19,040 --> 00:49:22,240
उनके बजट में नहीं है। 
क्नॉइस और जो उनके बजट में है। 

848
00:49:22,240 --> 00:49:27,200
अफोर्डेबल है तो एक धारणा बनी हुई
है कि ये वो उस लेवल का इन डेप्थ 

849
00:49:27,200 --> 00:49:30,440
नॉलेज या वो माहौल जो उन 
इंस्टिट्यूट्स में मिल सकता है, 

850
00:49:30,480 --> 00:49:33,680
वो नहीं मिल पाएगा। 
ऐसे में बीच का रास्ता क्या हो 

851
00:49:33,680 --> 00:49:36,400
सकता है? 
ऐसे विद्यार्थियों के अब क्योंकि 

852
00:49:36,400 --> 00:49:39,840
इस मामले में मैं खुद भी एक 
पार्टी हूँ तो अच्छा। 

853
00:49:39,920 --> 00:49:42,640
अच्छा तो नहीं लगता की मैं इसका 
जवाब दूँ क्योंकि मैं जो भी जवाब 

854
00:49:42,640 --> 00:49:47,040
दूंगा उसमें आप देख पाएंगे। 
शायद बायरस में उसका स्कोप बनता 

855
00:49:47,040 --> 00:49:51,200
हैं इसमें और मेरी सामान्य समझ इस
मामले में ये हैं की आपकी कहानी। 

856
00:49:51,200 --> 00:49:55,120
में भी एक चीज़ मतलब समझने को 
मिलती हैं की आप पहले पॉलिटिक्स 

857
00:49:55,120 --> 00:49:57,240
की तरफ किसी ने सजेशन दिया तो 
पॉलिटिक्स में ट्राई करने का 

858
00:49:57,240 --> 00:49:59,520
सोचा? 
इलेक्शन गुल्ला सोसाइटी का। 

859
00:49:59,600 --> 00:50:04,080
देन यु पीएससी किया उसको नौ महीने
किया और फिर उसको छोड़ दिया और 

860
00:50:04,080 --> 00:50:06,520
फिर टीचिंग में आ गए। 
तो मुझे लगता है कुछ लोगों का ये 

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00:50:06,520 --> 00:50:08,960
प्रोसेसर बहुत लंबा हो जाता है की
ट्राई करते रहते हैं और में 

862
00:50:08,960 --> 00:50:11,000
जिंदगी बीत जाती है। 
पता ही नहीं चलता करना क्या चाहते

863
00:50:11,000 --> 00:50:14,480
हैं, लेकिन आप कुछ सलाह देना 
चाहते हैं? 

864
00:50:14,480 --> 00:50:16,920
इस बारे में की आप मतलब कैसे पता 
करें? 

865
00:50:16,920 --> 00:50:19,200
इंसान की अक्चवल में वो क्या करना
चाहते हैं? 

866
00:50:19,640 --> 00:50:23,800
या फिर उसको वो वो चीज़ करेगा तो 
सेटल हो जाएगी या सेटल या फिर 

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00:50:24,000 --> 00:50:26,440
वही। 
बड़ा मुश्किल सवाल पूछ लिया आपने,

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00:50:27,120 --> 00:50:28,560
लेकिन बहुत जरूरी सवाल है।
